इलाहाबाद विकास प्राधिकरण का घोटाला, माफियाओं के नाम हुई पार्क की जमीन

By Pritesh Gupta | Last Updated: Tuesday, January 6, 2015 - 19:24
इलाहाबाद विकास प्राधिकरण का घोटाला, माफियाओं के नाम हुई पार्क की जमीन
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इलाहाबादः एशिया का सबसे बड़ा पार्क बनाने के नाम पर किसानों से जमीन खरीदकर बिल्डर्स को बेचने की बात सामने आ रही है।

यूपी विकास प्राधिकरणों में अधिकारियों और भू-माफियाओं के बीच घोटालों का सिलसिला जारी है। इस बार मामला इलाहाबाद विकास प्राधिकरण का है। यहां एशिया का सबसे बड़ा पार्क बनाने के नाम पर पहले औने-पौने दामों पर किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया, फिर पार्क के दस्तावेज  गायब होने की बात कहकर जमीन प्राइवेट बिल्डर्स को सौंपनी शुरू कर दी। ये खुलासा एक RTI के जरिये हुआ है। उक्त मामले में अथॉरिटी ने इलाहाबाद के सिविल लाइंस थाने में पार्क के दस्तावेज गुम होने की FIR भी दर्ज करवा रखी है।

इलाहाबाद-कानपुर नेशनल हाई-वे पर 1989 में प्राधिकरण ने नेहरू पार्क बनवाया था। सेना और प्राधिकरण की 130 एकड़ जमीन में बना एशिया के सबसे पार्कों में से एक 'नेहरू पार्क' सेना और प्राधिकरण के बीच विवादों के चलते तकनीकी वजहों से 2003 में बंद करना पड़ा। पार्क के बंद होते ही प्राधिकरण के भ्रष्ट अधिकारियों और भू-माफियाओं की मदद से यहां करोड़ों के घोटाले का खेल शुरू हो गया।

प्राधिकरण ने 40 एकड़ से अधिक जमीन इलाके के दो दर्जन से अधिक किसानों से अधिग्रहित की थी, इस समय उनकी कीमत 50 करोड़ से ऊपर है। स्थानीय किसानों का आरोप है कि उनकी जमीन पार्क बनवाने के नाम पर अधिग्रहित की गई थी लेकिन पार्क के दस्तावेज गायब होने का बहाना बनाकर FIR दर्ज कराई गई और फिर मुआवजा दिए बिना ही उनकी जमीन प्राइवेट बिल्डर्स को बेच दी गई।

 

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