यूपी पुलिस का ट्रांसफर सिंडिकेट! पढ़ें, 'मुर्गा', 'बकरा' 'शर्ट' और 'मिठाई' कोड वर्ड का राज

By Lalit Fulara | Last Updated: Thursday, June 11, 2015 - 12:15
यूपी पुलिस का ट्रांसफर सिंडिकेट! पढ़ें, 'मुर्गा', 'बकरा' 'शर्ट' और 'मिठाई' कोड वर्ड का राज

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पुलिस अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग खुलासे में एक और बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि ट्रांसफर सिंडिकेट के इस पूरे खेल में 'शर्ट', 'मुर्गा', 'बकरा', 'मिठाई इत्यादि कोडवर्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होती थी। एसएमएस के जरिए यह कोडवर्ड फिक्स होता था और फिर रिश्वत ली जाती थी।

इस पूरे बात का खुलासा कॉल डिटेल से हुआ है। क्लाइंट के लिए 'मुर्गा' कोडवर्ड फिक्स किया गया था। इसके अलावा 'बकरा' बड़े क्लाइट को कहा जाता है। 'मिठाई' को़ड का मतलब होता था एक करोड़ की रिश्वत देना। 'शर्ट' से आशय रिश्वत के लिए एक लाख रुपए की मांग करना होता था।  गौरतलब है कि वहीं, इस पूरे मामले में बुधवार को हुई आईपीएस एसोसिएशन की बैठक में प्रस्ताव की जांच मुख्य सचिव और डीजीपी एके जैन को भेजी गई थी।

गौरतलब है कि इस संबंध में 9 जून को गाजियाबाद के एएसपी धर्मेंद्र यादव ने एक खत लिखा था। उनके खत से आईपीएस लॉबी में हड़कंम मच गया था। इसके बाद बुधवार को  आईपीएस एसोसिएशन ने आपात बैठक की थी। धर्मेंद्र यादव ने अपने खत में दो पूर्व डीजीपी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की मांग की थी। वहीं, इस पूरे मामले में डीजीपी एके जैन का कहना था कि मामले की जांच चल रही है। जांच के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आगरा के एसपी नेता शैलेंद्र यादव के मोबाइल और कम्प्युटर से इस ट्रांसफर सिंडिकेट का खुलासा हुआ था। शैलेंद्र के मोबाइल दो पूर्व डीजीपी के मैसेज मौजूद थे। मैसेज में दारोगा के पोस्टिंग-प्रमोशन का रेट लिखा हुआ था। पोस्टिंग का रेट 7 लाख रुपए और ट्रांसफर का रेट 20 लाख रुपए फिक्स किया गया था। बताया जा रहा है कि शैलेंद्र ने पोस्टिंग के लिए कई बड़े नेताओं पर दबाव बनाया था। उसके मोबाइल से कई नेताओं की डिटेल भी मिली है।  

 

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो

116494177177165543003


comments powered by Disqus

© 1998-2015 Zee Media Corporation Ltd (An Essel Group Company), All rights reserved.