गाज़ियाबादः अपराधों की नगरी के नाम से कुख्यात हो चुके गाज़ियाबाद में पुलिस ने दंगे और उपद्रव रोकने के लिये पुलिस ने नया प्लान तैयार किया है। 'रेड स्कीम' के नाम से बनाए गये इस नये प्लान में दंगा फैलाने वालों के लिए मुंहतोड़ जवाब है।

इस स्कीम के तहत हर पुलिसकर्मी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाती है। तनावग्रस्त इलाके में किस पुलिसकर्मी को कहां ड्यूटी देनी है, कितनी देर में घटनास्थल पर पहुंचना है। ये सब कुछ महज कुछ पलों में ही तय हो जाता है।

आज के दौर में सोशल साइट्स पर फैली एक अफवाह मात्र से बड़ा विवाद खड़ा हो जाता है। जब हालात दंगों के हों तो छोटी सी चिंगारी भी आग फैला देती है। लेकिन गाज़ियाबाद पुलिस ने इसका भी हल ढूंढ निकाला है। 

गाज़ियाबाद एसएसपी धर्मेंद्र सिंह के मुताबिक पुलिस ने अपनी रेड स्कीम के तहत एक साइबर सेल का भी गठन किया है। जिसका इंचार्ज सब इंस्पेक्टर होता है, जो तेजतर्रार और टेक्नोलॉजी से वाकिफ होता है. साइबर सेल का काम सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर नजर बनाए रखना होता है।

यही नहीं दंगों के वक्त मीडिया से जुड़े लोगों को सही और सटीक जानकारी देने के लिए पांच पीआरओ की ड्यूटी लगाई जाती है, जो मीडिया को सही जानकारी मुहैया कराते हैं। ताकि दहशत भरे माहौल में जनता के पास सही जानकारी पहुंचे।
रिपोर्टः अनुराग चड्ढा, ज़ी मीडिया, गाज़ियाबाद

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English Title: 
Red Scheme plan of Ghaziabad Police to stop riots
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'क्राइम सिटी' गाज़ियाबाद में दंगे रोकने के लिए पुलिस का 'रेड स्कीम' फंडा

'क्राइम सिटी' गाज़ियाबाद में दंगे रोकने के लिए पुलिस का 'रेड स्कीम' फंडा
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