फर्जी दस्तावेजों से मैदानी इलाकों में ट्रांसफर ले रहे सरकारी कर्मचारी

Last Updated: Tuesday, June 30, 2015 - 20:44
फर्जी दस्तावेजों से मैदानी इलाकों में ट्रांसफर ले रहे सरकारी कर्मचारी

देहरादूनः प्रदेश के पहाड़ी इलाकों से मैदानी इलाकों में ट्रांसफर के लिए फर्जी दस्तावेज लगाने का मामला सामने आया है, जिसके बाद विपक्ष ने कार्रवाई की मांग ही है। हालांकि मुख्यमंत्री मामले की विभागीय जांच के आदेश दे चुके हैं।

सरकारी नौकरी का लालच लोगों को पहाड़ों पर जाने पर मजबूर तो कर देता है, लेकिन पहुंचते ही तिकड़मबाजी के सहारे सुगम और मैदानी इलाकों में ट्रांसफर कराकर आराम की नौकरी करने के ख्वाब संजोने लगते हैं। मैदानी इलाकों में ट्रांसफर के लिए फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने का मामला सामने आया है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत इस मामले में मुख्य सचिव को जांच के आदेश दे चुके हैं ताकि जिन व्यक्तियों ने फर्जी सार्टिफिकेट्स के माध्यम से सुगम और मैदानी इलाकों में अपना ट्रांसफर कराया है, उन पर कार्रवाई हो सके। इसके बाद प्रदेश के शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी ने भी अपने महकमे में जांच की बात कही है।

गौरतलब है कि पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां कठिन हैं, लेकिन जिस तरह से राज्य गठन के बाद अधिकारी और कर्मचारी पहाड़ों से मुंह मोड़ रहे हैं उससे पहाड़ों का विकास भी प्रभावित हुआ है और यहां से पलायन में भी बढ़ोतरी हुई है।
रिपोर्टः देहरादून से सोनू सिंह के साथ ज़ी मीडिया ब्यूरो

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