आपदा से अब भी भयभीत है उत्तराखंड, जागकर बितानी पड़ती है बरसाती रातें

Last Updated: Sunday, July 5, 2015 - 17:50
आपदा से अब भी भयभीत है उत्तराखंड, जागकर बितानी पड़ती है बरसाती रातें
Representational image

नैनीतालः भयानक हिमालयी आपदा को बीते दो साल हो गये, लेकिन उत्तराखंड के लोग अब तक उस खौफनाक मंजर की तबाही को अब भी झेल रहे हैं। नैनीताल के खूपी और भूमियाधार भी ऐसे ही इलाके हैं, जहां ग्रामीण पूरी बरसात में रात-रात भर जागकर काटते हैं।

सरोवर नगरी नैनीताल से महज सात किलोमीटर की दूर स्थित होने के बावजूद इन्हें शासन से कई शिकायतें हैं। इनके मुताबिक बीते कई सालों से बरसात में आपदा का कहर टूट रहा है, जिसके चलते बड़े पैमाने पर भू-कटाव हो चुका है। वहीं गांव की जमीन भी धंस रही है, जिससे घरों में दरारें पड़ रही है। लेकिन बार-बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन इनकी सुन नहीं रहा है और इन्हें हर वक्त डर के साये में रहना पड़ रहा है।

नैनीताल विधायक सरिता आर्या का कहना है कि उन्होंने खूपी और भूमियाधार गांव के संबंध में शासन को लिखा है और मुख्यमंत्री को भी दोनों गांवों की परेशानियों के बारे में बताया है। उनके मुताबिक दोनों गांवों के लोगों की सुरक्षा के मद्देनजर शासन जल्द ही कदम उठाएगा।

दरअसल, दोनों गांवों के नीचे से एक नाला गुजरता है, जो लगातार भू-कटाव कर रहा है। वहीं भू-धंसाव की वजह भी नाले को ही माना जा रहा है। लिहाजा ग्रामीण किसी सुरक्षित जगह पर विस्थापन की मांग कर रहे हैं। 
रिपोर्टः ज़ी मीडिया ब्यूरो के साथ नैनीताल से राजू पांडे

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो



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