महज 10 दिन के अंदर नासा को मिली बड़ी सफलता, मंगल ग्रह से पहली बार भेजी गई 'ध्वनि'

नासा में इनसाइट के प्रधान शोधकर्ता ब्रूस बार्नेट ने कहा, ‘‘इस ऑडियो को रिकॉर्ड करने की पूर्व योजना नहीं थी.

महज 10 दिन के अंदर नासा को मिली बड़ी सफलता, मंगल ग्रह से पहली बार भेजी गई 'ध्वनि'
नासा के अंतरिक्ष शोध यान के जरिये मिली बड़ी कामयाबी. फोटो NASA

वॉशिंगटन: महज दस दिन पहले मंगल ग्रह पर उतरे नासा के इनसाइट लैंडर ने लाल ग्रह पर चलने वाली हवा की ‘‘ध्वनि’’ पहली बार भेजी है. इनटीरियर एक्सप्लोरेशन यूजिंग सीस्मिक इन्वेस्टिगेशन, गोडसी एंड हीट ट्रांसपोर्ट (इनसाइट) के सेंसरों ने हवा के कंपन से उत्पन्न, कम तीव्रता वाली गड़गड़ाहट को रिकॉर्ड किया. एक दिसम्बर को पश्चिमोत्तर से दक्षिण पूर्व की तरफ प्रति सेकेंड पांच से सात मीटर की गति से इसके चलने का अनुमान है. नासा में इनसाइट के प्रधान शोधकर्ता ब्रूस बार्नेट ने कहा, ‘‘इस ऑडियो को रिकॉर्ड करने की पूर्व योजना नहीं थी. लेकिन हमारे मिशन का काम मंगल पर गति को मापना था और स्वाभाविक रूप से आवाज तरंगों के कारण गति को मापना था.’’ 

नासा की जेट प्रोपल्‍शन लैबोरेटरी (जेपीएल) ने इस संबंध में एक ऑडियो क्लिप जारी की है. इसमें मंगल ग्रह पर बहने वाली आवाज को साफतौर पर सुना जा सकता है. उसके अनुसार इस हवा की रफ्तार 16 किमी प्रति घंटा से 24 किमी प्रति घंटा के बीच आंकी गई है. यह हवाएं उत्‍तर-पश्चिम से दक्षिण-पश्चिम की ओर चल रही थीं. नासा के अनुसार यह आवाज इंसानों के द्वारा भी सुनी जा सकती है. हालांकि इसकी आवाज बेहद कम थी. इसे सिर्फ ईयरफोन के जरिये ही सुना जा सकता था. इसके लिए अंतरिक्ष एजेंसी के वैज्ञानिकों ने इसे लैपटॉप और मोबाइल फोन के जरिये सुनने लायक बनाया.