Astronomers के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, Jupiter के चंद्रमा Ganymede पर मिले पानी से बनी भाप के सबूत

खगोलविदों को बृहस्पति के चंद्रमा गैनीमेड (Ganymede) के वातावरण में जल वाष्प (Water Vapor) के सबूत मिले हैं. यह जल वाष्प तब बनती है जब चंद्रमा (Moon) की सतह से बर्फ ठोस से सीधे गैस में बदल जाती है. NASA के हबल टेलीस्कोप का इस्तेमाल करके खगोलविदों ने यह सफलता हासिल की है.

Astronomers के हाथ लगी बड़ी कामयाबी, Jupiter के चंद्रमा Ganymede पर मिले पानी से बनी भाप के सबूत
फोटो: नासा

वॉशिंगटन: दूसरे ग्रहों पर जीवन की तलाश कर रहे खगोलविदों (Astronomers) को पहली बार बृहस्पति के चंद्रमा गैनीमेड (Ganymede) के वातावरण में जल वाष्प (Water Vapor) के सबूत मिले हैं. गैनीमेड हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा चंद्रमा है. नेचर एस्ट्रोनॉमी जर्नल में प्रकाशित रिसर्च में बताया गया है कि वैज्ञानिकों ने अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के हबल टेलीस्कोप (Hubble Telescope) का इस्तेमाल करके गैनीमेड पर पानी से बनी भाप के सबूत मिलने की जानकारी दी है.

Earth से ज्यादा पानी मौजूद

यह जल वाष्प तब बनती है जब चंद्रमा (Moon) की सतह से बर्फ ठोस से सीधे गैस में बदल जाती है. इससे पहले एक शोध में कहा गया था कि सौर मंडल के सबसे बड़े चंद्रमा गैनीमेड पर पृथ्वी के सभी महासागरों की तुलना में ज्यादा पानी मौजूद है, लेकिन गैनीमेड का तापमान इतना ठंडा होता है कि सतह पर पानी जम जाता है. यहां का तापमान माइनस 300 डिग्री फ़ारेनहाइट (-184 डिग्री सेल्सियस) तक पहुंच सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्रस्ट से लगभग 100 मील (161 किलोमीटर) नीचे एक महासागर होने की संभावना है.

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Astronomers ने पुराने Data खंगाले 

जल वाष्प के इन सबूतों को खोजने के लिए खगोलविदों ने पिछले दो दशकों पुराने हबल डेटा की जांच की. 1998 में हबल के स्पेस टेलीस्कोप इमेजिंग स्पेक्ट्रोग्राफ (STIS) ने गैनीमेड की पहली अल्ट्रावॉयलेट तस्वीर ली थी. तस्वीर में खुलासा हुआ था कि गैनीमेड में एक कमजोर चुंबकीय क्षेत्र है. ‘नासा हबल’ ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इस नई खोज के बारे में जानकारी दी है. नासा ने लिखा है कि खगोलविदों को हबल डेटा की मदद से बृहस्पति के चंद्रमा गैनीमेड के वातावरण में जल वाष्प के सबूत मिले हैं. यह बर्फ से ढकी एक दुनिया है जिसमें पृथ्वी के सभी महासागरों की तुलना में अधिक पानी हो सकता है, लेकिन गैनीमेड का महासागर 100 मील मोटी, बर्फीली परत के नीचे मौजूद हैं. 

अगले साल Launch होगा JUICE Mission

वहीं, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का JUICE Mission, या Jupiter ICy Moons Explorer, 2022 में लॉन्च किया जाएगा. यह 2029 में बृहस्पति तक पहुंचेगा और ग्रह और उसके तीन सबसे बड़े चंद्रमाओं पर गतिविधियों को तीन साल तक रिकॉर्ड करेगा. शोधकर्ता चंद्रमा पर जीवन की संभावनाओं को तलाश रहे हैं. इस लिहाज से JUICE Mission बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

 

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