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IISF : कोलकाता में विज्ञान का बिगुल, भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का आगाज

विज्ञान (Science) मंथन के तहत आयोजित कार्यक्रमों में चार विषयों पर परिचर्चा होगी जिनमें प्रसन्नता का विज्ञान, समकालीन वैज्ञानिक साहित्य, भारतीय भाषाओं में विज्ञान का संप्रेषण और विज्ञान जन-जन तक ले जाने की चुनौतियां शामिल हैं.

IISF : कोलकाता में विज्ञान का बिगुल, भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का आगाज
फाइल फोटो

कोलकाता : सिटी ऑफ जॉय के नाम से चर्चित महानगर कोलकाता (Kolkata) विज्ञान महोत्सव के रंग में डूबा हुआ है. यहां मंगलवार से भारत अंतर्राष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव-आईआईएसएफ 2019 (India International Science Festival 2019) का आगाज होने जा रहा है. वैज्ञानिकों और विज्ञान प्रतिभाओं के समागम के इस चार दिवसीय महोत्सव में विज्ञानिका आकर्षण का खास केंद्र बना हुआ है क्योंकि इसमें विज्ञान में साहित्य का रस घोलने का प्रयास किया गया है.

विज्ञान महोत्सव (Science Festival) में हिस्सा लेने के लिए देश-विदेश से वैज्ञानिक और विज्ञान के शोधार्थी यहां पहुंचे हैं. वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद के तहत आने वाले राष्ट्रीय विज्ञान संचार एवं सूचना स्रोत संस्थान (निस्केयर) के समन्वय से तैयार किए गए विज्ञानिका कार्यक्रम में विज्ञान मंथन, विज्ञान मंचन, विज्ञान स्पंदन और विज्ञान प्रकाशन के विषयों को शामिल किया गया है.

विज्ञानिका के कार्यक्रम विज्ञान महोत्सव के पहले दिन सात नवंबर से ही आरंभ हो रहे हैं, जिनमें देश-विदेश से आए वैज्ञानिक और बुद्धिजीवी साहित्य की विभिन्न विधाओं के माध्यम से विज्ञान को रुचिकर बनाने पर चर्चा करेंगे. विज्ञान पर आधारित नाटकों का मंचन किया जाएगा, काव्यपाठ और विज्ञान आधारित रुचिकर पुस्तकों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा.

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विज्ञान (Science) मंथन के तहत आयोजित कार्यक्रमों में चार विषयों पर परिचर्चा होगी जिनमें प्रसन्नता का विज्ञान, समकालीन वैज्ञानिक साहित्य, भारतीय भाषाओं में विज्ञान का संप्रेषण और विज्ञान जन-जन तक ले जाने की चुनौतियां शामिल हैं. इस तरह छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने और विज्ञान को रुचिकर बनाने पर विचार विमर्श किया जाएगा.

वहीं, विज्ञान मंचन में नाटक व कविताओं के जरिए विज्ञान की बारीकियों को पेश किया जाएगा. इसमें कवि सम्मेलन के साथ-साथ नाटक का मंचन भी किया जाएगा. विज्ञान स्पंदन के तहत नए नजरिये से विज्ञान में संप्रेषण विषय पर अनुसंधानकर्ता अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे. इसके बाद विज्ञापन प्रकाशन के तहत विज्ञान की पुस्तकों की प्रदर्शनी या पुस्तक मेला का आयोजन किया गया है.