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ISRO की ऐतिहासिक उपलब्धि, जानिये, क्‍यों खास है PSLV C-37 मिशन

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने बुधवार को एक ही रॉकेट के माध्यम से रिकॉर्ड 104 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण करके इतिहास रच दिया है। इन उपग्रहों में भारत का पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह भी शामिल है। यह प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से किया गया है। किसी एकल मिशन के तहत प्रक्षेपित किए गए उपग्रहों की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इसरो के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि है और जानिये किस मायने में बेहद खास है ये पीएसएलवी-सी37 मिशन। पेश हैं इसके मुख्‍य अंश:- 

ISRO की ऐतिहासिक उपलब्धि, जानिये, क्‍यों खास है PSLV C-37 मिशन

श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) : भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो ने बुधवार को एक ही रॉकेट के माध्यम से रिकॉर्ड 104 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण करके इतिहास रच दिया है। इन उपग्रहों में भारत का पृथ्वी पर्यवेक्षण उपग्रह भी शामिल है। यह प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित अंतरिक्ष केंद्र से किया गया है। किसी एकल मिशन के तहत प्रक्षेपित किए गए उपग्रहों की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। इसरो के लिए यह ऐतिहासिक उपलब्धि है और जानिये किस मायने में बेहद खास है ये पीएसएलवी-सी37 मिशन। पेश हैं इसके मुख्‍य अंश:- 

-रिकॉर्ड 104 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण।
-मिशन में भारत के तीन और विदेशों के 101 उपग्रह शामिल।   
-अमेरिका के 96 उपग्रह शामिल।
-इस मिशन के तहत भारतीय उपग्रहों के साथ गए 101 सहयात्री उपग्रहों में से 96 उपग्रह अमेरिका के हैं।
-पांच उपग्रह इसरो के अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के हैं, जिनमें इस्राइल, कजाखस्तान, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
-एकल मिशन के तहत प्रक्षेपित किए गए उपग्रहों की यह अब तक की सबसे बड़ी संख्या।
-सभी 104 उपग्रहों को सफलतापूर्वक कक्षा में प्रवेश कराया गया।
-विदेशी ग्राहकों के अन्य 101 नैनो उपग्रहों को श्रृंखलाबद्ध तरीके से कक्षा में प्रवेश कराया गया।
-एक बार में सबसे ज्यादा उपग्रह प्रक्षेपित करने का श्रेय अब तक रूसी अंतरिक्ष एजेंसी के पास था। उसने एक बार में 37 उपग्रहों को प्रक्षेपित किया था।
-इससे पहले, इसरो ने जून 2015 में एक मिशन में 23 उपग्रह प्रक्षेपित किए थे।
-काटरेसैट-2 श्रृंखला का उपग्रह ऐसी तस्वीरें भेजेगा, जो तटीय भू प्रयोग एवं नियमन, सड़क तंत्र निरीक्षण, जल वितरण, भू-प्रयोग नक्शों का निर्माण आदि कार्यों में शामिल होंगी। इस मिशन की अवधि पांच साल की है।
-अब तक इसरो 226 उपग्रह प्रक्षेपित कर चुका है, जिनमें से 179 उपग्रह विदेशी हैं।
-एक ही रॉकेट के जरिए 104 उपग्रहों को प्रक्षेपित कर देना एक जटिल मिशन था।
-इसरो की ओर से अब तक अंजाम दिए गए कठिनतम अभियानों में से एक है।
-इसरो ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में दुनिया का सबसे सफलतम अभियान अंजाम दिया।

ध्रुवीय अंतरिक्ष प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी37 ने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के पहले लॉन्च पैड से सुबह नौ बजकर 28 मिनट पर उड़ान भरी। इसने सबसे पहले काटरेसैट-2 श्रेणी के उपग्रह को कक्षा में प्रवेश कराया यऔर इसके बाद शेष 103 नैनो उपग्रहों को 30 मिनट में प्रवेश कराया गया। इनमें 96 उपग्रह अमेरिका के थे। अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिए जाने पर मिशन कंट्रोल सेंटर के वैज्ञानिकों में खुशी की लहर दौड़ गई।