Fifth Ocean of the World: बदल गया धरती का नक्शा! धरती पर हैं पांच महासागर, नैशनल जियोग्राफिक ने दी मान्यता

नैशनल जियोग्राफिक (National Geographic) के अनुसार महासागर चार नहीं बल्कि पांच हैं. अंटार्कटिका के पास दक्षिणी महासागर भी अपने आप में एक अलग महासागर है.

Fifth Ocean of the World: बदल गया धरती का नक्शा! धरती पर हैं पांच महासागर, नैशनल जियोग्राफिक ने दी मान्यता
Southern Ocean

नई दिल्ली: हम सभी जानते हैं कि धरती (Earth) का 75% हिस्सा पानी में डूबा हुआ है. हमारी धरती सात महाद्वीपों (seven continents) और चार महासागर (Four Ocean) के साथ जीवन का आधार बानी हुई है. लेकिन भौगोलिक विज्ञान ने अब इस मानचित्र में एक नया अध्याय जोड़ दिया है. नैशनल जियोग्राफिक के अनुसार महासागर चार नहीं बल्कि पांच (Fifth Ocean of the World) हैं. नैशनल जियोग्राफिक ने कहा है कि अंटार्कटिका के पास दक्षिणी महासागर (Southern Ocean of Antarctica) भी अपने आप में एक अलग महासागर है.

वैज्ञानिकों ने माना पांचवा महासागर 

नैशनल जियोग्राफिक सोसायटी जियोग्राफर (National Geographic Society Geographer) अलेक्स टेट (Alex Tate) ने बताया कि अब तक वैज्ञानिक अंटार्कटिका दक्षिणी महासागर को अलग यानी पांचवा महासागर मानते रहे हैं लेकिन कभी अंतरराष्ट्रीय सहमति नहीं बन पाई जबकि दुनिया का यह अलग हिस्सा बहुत खास है और उसे आर्कटिक, अटलांटिक, हिंद और प्रशांत महासागर के साथ जगह मिलनी चाहिए.

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मिल गई मान्यता 

यह महासागर अंटार्कटिका के तट से 60 डिग्री दक्षिण की ओर है और दूसरे देशों से किसी महाद्वीप नहीं बल्कि अपने करंट की वजह से अलग होता है. इसके अंदर आने वाले इलाका अमेरिका से दोगुना है. अमेरिका के जियोग्राफिक नेम्स बोर्ड ने 1999 से दक्षिणी महासागर नाम का इस्तेमाल किया है. फरवरी में National Oceanic and Atmospheric Administration ने इसे मान्यता भी दी.

बेहद खतरनाक 

यह महासागर बेहद महत्वपूर्ण है. नैशनल जियोग्राफिक एक्सप्लोरर एनरिक साला (National Geographic Explorer Enrique Sala) ने बताया है कि दक्षिणी महासगर में बेहद अनोखे और नाजुक जलीय ईकोसिस्टम (Aquatic Ecosystem) पाए जाते हैं जहां वेल, पेंग्विन्स और सील्स जैसे जीव रहते हैं. ऐसी हजारों प्रजातियां हैं जो सिर्फ यहीं रहती हैं, और कहीं नहीं पाई जातीं. इस क्षेत्र में मछली पकड़ने की गतिविधियों का काफी असर पड़ा है. ऐसे में संरक्षण की जरूरत के चलते भी इसे अलग से मान्यता देना अहम हो जाता है. इसके अलावा जलवायु परिवर्तन का असर भी पड़ रहा है. पिछले महीने दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड अंटार्कटिका से अलग हो गया.

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कब बना ये महासागर 

अंटार्कटिक सर्कमपोलर करंट भारी मात्रा में पानी ट्रांसपोर्ट करता है और दुनियाभर में ऐसे सर्कुलेशन सिस्टम को चलाता है जो धरती पर गर्मी ट्रांसपोर्ट करता है. नैशनल जियोग्राफिक 1915 से मैप तैयार कर रहा है और इसके करंट के आधार पर कार्टोग्राफर्स ने बताया कि यह महासागर सबसे हाल में बना महासागर है. यह 3 करोड़ साल पहले बना था जब अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका एक-दूसर से अलग हुए थे.

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