अब फ्रिज करेगा खाना गर्म, व्हील चेयर पर खड़े होंगे दिव्याग

 अब फ्रिज करेगा खाना गर्म, व्हील चेयर पर खड़े होंगे दिव्याग
अब फ्रिज करेगा खाना गर्म (फाइल फोटो)

नई दिल्लीः क्या आपने कभी सोचा है कि फ्रिज में खाना गरम होता हो. जी हां ये संभव है और ये कर दिखाया है हमारे देश के युवा वैज्ञानिकों ने. यानि अब फ्रिज में खाने को ठंडा रखने के साथ साथ अब गरम भी किया जा सकेगा. आपको बता दें कि इस तरह के अनूठे आविष्कारों को एनआरडीसी राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम ने एक-एक लाख रुपये के पुरस्कार से भी नवाजा है.

फ्रिज के कंडेसर क्वाइल खाना गरम करेगा
चेन्नई के इंजीनियरिंग छात्र जे गुनासीलन ने जो फ्रिज तैयार किया है वह दो काम कर सकता है। फ्रिज में ऊपर का कंपार्टमेंट भोजन गर्म करने के लिए है. फ्रिज की कंडेसर कॉइल से निकलने वाली ऊष्मा से हीटर चलेगा और इसमें एक छोटा पंखा लगा है जो ऊष्मा को पूरे कंपार्टमेंट में फैलाता है तथा एक संवेदक के जरिये उसे नियंत्रित भी करता है. इससे खाना गरम रखा जा सकेगा, अभी यह ऊष्मा बेकार जाती है. 

अब बिना इंटरनेट के भी मिलेगा मौसम अलर्ट!

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन तथा एनआरडीसी के सीएमडी डॉ. पुरुषोत्तम ने ऐसे अविष्कार करने वाले युवा वैज्ञानिकों को पुरस्कृत किया.

व्हील चेयर में खड़े होने का सहारा मिलेगा
मुंबई के इंजीनियरिंग छात्र अभिजीत पाटिल ने ऐसी व्हील चेयर तैयार की है जिसमें दिव्यांग बिना किसी मदद के खड़े हो सकेंगे. दरअसल मौजूदा व्हील चेयर में, खड़े होने की सुविधा नहीं होती है. यह व्हील चेयर बैटरी चालित है जिसमें चार पहियों वाला ड्राइ¨वग सिस्टम, सुविधानुसार ऊपर-नीचे करने के लिए अप-डाउन सिस्टम तथा इलेक्ट्रानिक नियंत्रण प्रणाली है.

बौने बैलों के लिए खास हल
जीबी पंत कृषि विवि के डॉ. ताराचंद ठाकुर, एसपी ध्यान और करुणा मुरमु ने बौने बैलों के लिए एक विशेष हल तैयार किया.  ऐसे उपकरणों की कमी के चलते बौने बैलों का इस्तेमाल नहीं होता था।. यह हल के परंपरागत कार्य के अलावा आलू खुदाई के लिए भी उपयुक्त है.  जूनागढ़ कृषि विवि के वैज्ञानिकों को फल सब्जियों के परिवहन के लिए तहदार डिब्बों के डिजाइन के लिए अवार्ड दिया गया है.

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नवजातों के लिए बिना बिजली वाला नियोनेटल कूलर
नवजात शिशुओं के लिए अपूर्व बलवानी और देवेंद्र जैन ने एक नियोनेटल कूलर तैयार किया है जो बिना बिजली के चलता है. यह बच्चों के शरीर के तापमान को 33-34 डिग्री के बीच नियंत्रित रखती है. ऐसी मशीनें विदेशों से आती हैं तो वह काफी महंगी होती है. दोनों युवाओं को इसके लिए पुरस्कृत किया गया है.