close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

सोशल मीडिया पर लोग निगेटिव और निराश सिर्फ इस वजह से हो रहे हैं!

फेसबुक जैसे सोशल मीडिया साइट के लोगों में नकारात्मकता फैलाने का पता एक नए शोध से चला है। शोध के मुताबिक सोशल साइट्स के उपयोगकर्ताओं में उस समय जलन की भावना पैदा हो जाती है जब वह अपने से ज्यादा खुशहाल दिखने वाले किसी अन्य ऑनलाइन दोस्त को देखते हैं।

सोशल मीडिया पर लोग निगेटिव और निराश सिर्फ इस वजह से हो रहे हैं!
फाइल फोटो- प्रतीकात्मक

मास्को : फेसबुक जैसे सोशल मीडिया साइट के लोगों में नकारात्मकता फैलाने का पता एक नए शोध से चला है। शोध के मुताबिक सोशल साइट्स के उपयोगकर्ताओं में उस समय जलन की भावना पैदा हो जाती है जब वह अपने से ज्यादा खुशहाल दिखने वाले किसी अन्य ऑनलाइन दोस्त को देखते हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार लोगों में नकारात्मकता और निराशा फैलाने में ‘लाइक’ की चाहत अह्म योगदान देती है। ज्यादातर लोग उस समय परेशान या निराश हो जाते हैं जब उन्हें अपने पोस्ट पर उम्मीद के अनुसार लाइक नहीं मिलते हैं। ऐसे लोगों में से 42 फीसदी का कहना है कि उन्हें तब जलन होती है जब उनके दोस्त को उनसे ज्यादा लाइक मिलते हैं।

रूस स्थित कैस्परस्काई लैब के शोधकर्ताओं को दुनिया भर के 16,750 लोगों पर किए गए सर्वेक्षण से पता चला है कि लोग सोशल मीडिया से कुंठित हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर समय बिताकर लोग प्राय: कई वजहों से नकारात्मक भावना का अनुभव करते हैं और ये भावनाएं सोशल मीडिया के सकारात्मक प्रभाव से आगे निकल चुकी है।

लोग सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक कारणों से करते हैं और अच्छा महसूस करना चाहते हैं। ज्यादातर (65 फीसदी) लोग सोशल मीडिया नेटवर्क का उपयोग अपने दोस्तों और सहकर्मियों के साथ संपर्क रखने के लिए करते हैं। वहीं 60 फीसदी लोग सोशल मीडिया पर मनोरंजक और हास्य पोस्ट देखना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर आपसी बातचीत में बेहतर महसूस करने की इच्छा के बावजूद जब लोग अपने दोस्तों के छुट्टियां बिताते, शौक पूरे करते और पार्टियों में जाने वाले पोस्ट देखते हैं तो उन्हें निराशा होती है।