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स्टीफन हॉकिंग की पीएचडी पढ़ने उमड़े लोग, वेबसाइट हुई क्रैश

विख्यात ब्रिटिश भौतिकविद् और कॉस्मोलॉजिस्ट स्टीफन हॉकिंग की पीएचडी थीसिस को पढ़ने की इतनी मांग हुई की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की साइट का एक हिस्सा क्रैश तक हो गया.

स्टीफन हॉकिंग की पीएचडी पढ़ने उमड़े लोग, वेबसाइट हुई क्रैश
हॉकिंग ने अपनी थीसिस 1966 में ‘प्रॉपर्टीज ऑफ एक्पांडिंग यूनिवर्स’ लिखी थी जब वे 24 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ही थे....

लंदन. विख्यात ब्रिटिश भौतिकविद् और कॉस्मोलॉजिस्ट स्टीफन हॉकिंग की पीएचडी थीसिस को पढ़ने की इतनी मांग हुई कि कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की साइट का एक हिस्सा क्रैश तक हो गया. वास्तव में भौतिक विज्ञान में दिलचस्पी रखने वाले उनके काम को पढ़ने के लिए टूट पड़े. मंगलवार को एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई.

50 हजार से भी ज्यादा लोगों ने हॉकिंग के कार्य को देखा
हॉकिंग ने अपनी थीसिस 1966 में ‘प्रॉपर्टीज ऑफ एक्पांडिंग यूनिवर्स’ लिखी थी जब वे 24 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ही थे. बीबीसी के मुताबिक इसे यूनिवर्सिटी की वेबसाइट के पब्लिकेशन सेक्शन पर सोमवार रात 12.01 बजे पहली बार लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया. अभी तक 60,000 से भी ज्यादा लोगों ने उनके कार्य को देखा है. हॉकिंग ने इसे यह कहते हुए उपलब्ध कराया था कि उन्हें उम्मीद है कि यह लोगों को प्ररित करेगी.

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उन्होंने कहा, “किसी को भी दुनिया में कहीं से भी, सिर्फ मेरी रिसर्च ही नहीं बल्कि अब तक की मानवता के प्रत्येक महान और उत्सुक मस्तिष्क की रिसर्च बिना किसी बाधा के उपलब्ध होनी चाहिए. यह सुनकर अच्छा लगता है कि कितने सारे लोगों ने मेरी थीसिस को डाउनलोड करने में दिलचस्पी दिखाई और अब उनके पास पहुंच है तो वे निराश नहीं हुए होंगे.” 

थीसिस को देखने के लिए यूनिवर्सिटी में  किए गए सबसे ज्यादा बार आवेदन 
75 वर्षीय वैज्ञानिक की थीसिस को देखने के लिए कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में सबसे ज्यादा बार आवेदन किए गए थे. बीबीसी के अनुसार, मई 2016 से अब तक उनकी थीसिस को पढ़ने के लिए 199 आवेदन किए जा चुके हैं जिनमें से अधिकतर शिक्षाविदों के बजाय समान्य जनता की तरफ से हैं. इसके बाद सबसे ज्यादा पब्लिकेशन के लिए आवेदन मात्र 13 ही रहे हैं.

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इससे पहले लोगों को हॉकिंग की थीसिस स्कैन करने या खुद जाकर पढ़ने के लिए यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी को 65 पाउंड की राशि देनी पड़ती थी. 134 पेज के इस कार्य की लोकप्रियता के चलते यूनिवर्सिटी की वेबसाइट को यूजर्स की संख्या को संभालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. लेकिन इसके बावजूद हजारों लोग अब तक की महान वैज्ञानिक रचना “ए ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम” के लेखक के इस बहुमूल्य दस्तावेज को पढ़ सके. थीसिस के सार की शुरुआत इन शब्दों से होती है, ‘ब्रह्मांड के विस्तार के आशय और प्रभाव का परीक्षण..’
 (इनपुट आईएएनएस)