अपने मिशन की योजना खुद बनाएगा रोबोट

गहरे समुद्र में खोज के कार्य में जल्द ही क्रांतिकारी परिवर्तन आने की उम्मीद है, क्योंकि वैज्ञानिकों ने एक ऐसे रोबोट का विकास किया है, जो न केवल अपने मिशन की योजना बना सकता है, बल्कि उसका क्रियान्वयन भी कर सकता है। इस रोबोट का विकास अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने किया है।

अपने मिशन की योजना खुद बनाएगा रोबोट

न्यूयॉर्क: गहरे समुद्र में खोज के कार्य में जल्द ही क्रांतिकारी परिवर्तन आने की उम्मीद है, क्योंकि वैज्ञानिकों ने एक ऐसे रोबोट का विकास किया है, जो न केवल अपने मिशन की योजना बना सकता है, बल्कि उसका क्रियान्वयन भी कर सकता है। इस रोबोट का विकास अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने किया है।

किसी मिशन को पूरा करने के लिए अंडर वाटर व्हीकल्स को निर्देशित करने में इंजीनियरों का काफी वक्त बर्बाद होता था। एमआईटी के इंजीनियरों द्वारा विकसित नई प्रोग्रामिंग की सहायता से रोबोट खुद फैसले लेने में सक्षम होंगे और मिशन को पूरा करेंगे।

एमआईटी दल द्वारा तैयार प्रणाली का उपयोग कर रोबोट खुद मिशन की योजना बना सकता है। साथ ही दी गई समयावधि में कहां खोज करनी है, उस जगह का चुनाव भी खुद कर सकता है। यदि कोई अप्रत्याशित घटना रोबोट के काम में रूकावट डालती है, तो वह काम को रोक सकता है या फिर नए सिरे से काम को शुरू कर सकता है।

प्रमुख डेवलपर ब्रायन विलियम्स ने कहा, ये वाहन अपने मिशन की योजना खुद बना सकते हैं और उसका क्रियान्वयन तथा पुन:योजना भी खुद ही कर सकने में सक्षम हैं। विलियम्स ने कहा, समुद्र में खोज के लिए हम उपग्रहों का भी सहारा लेते हैं, लेकिन यह ज्यादा गहराई तक खोज में सक्षम नहीं है। उन्होंने कहा, यह नई प्रौद्योगिकी समुद्र में खोज में क्रांतिकारी भूमिका निभाएगी, जो बेहद रोमांचकारी होगी।