Zee जानकारी : फैशन स्टेटमेंट के साथ एहतियात भी बरतना जरूरी है

DNA में अब हम जिस खबर का विश्लेषण करेंगे वो आपके शॉपिंग के तरीके और फैशन सेंस को हमेशा के लिए बदलकर रख देगी। ये विश्लेषण उन सभी महिलाओं को बहुत ध्यान से देखना चाहिए, जो भारी भरकम हैंडबैग, नेकलेस, हील्स और स्किनी जींस पहनने की शौकीन हैं। फैशन स्टेटमेंट आपका अपना चुनाव है। और आपको इस बात का पूरा हक है कि आप जो पहनना चाहते हैं वो आप पहन सकें। लेकिन आज हम इस फैशन में छिपे उन खतरों का DNA टेस्ट करेंगे, जो आपको बीमार बना सकते हैं।

Zee जानकारी : फैशन स्टेटमेंट के साथ एहतियात भी बरतना जरूरी है

नई दिल्ली : DNA में अब हम जिस खबर का विश्लेषण करेंगे वो आपके शॉपिंग के तरीके और फैशन सेंस को हमेशा के लिए बदलकर रख देगी। ये विश्लेषण उन सभी महिलाओं को बहुत ध्यान से देखना चाहिए, जो भारी भरकम हैंडबैग, नेकलेस, हील्स और स्किनी जींस पहनने की शौकीन हैं। फैशन स्टेटमेंट आपका अपना चुनाव है। और आपको इस बात का पूरा हक है कि आप जो पहनना चाहते हैं वो आप पहन सकें। लेकिन आज हम इस फैशन में छिपे उन खतरों का DNA टेस्ट करेंगे, जो आपको बीमार बना सकते हैं।

आपको आपके  कपड़ों, जूतों और हैंडबैग के साथ ऐसी एसीसीरीज मुफ्त में मिल रही है, जिन्हें आप शायद कभी नहीं लेना चाहेंगे, ये एसीसीरीज हैं - कमर दर्द, घुटनों का दर्द, रीढ़ की हड्डी से जुड़ी परेशानियां और मांसपेशियों का दर्द। ब्रिटिश काइरो प्रैक्टिक एसोसिएशन के मुताबिक गलत ड्रेसिंग सेंस महिलाओं को कई भयानक रोग दे सकता है।

काइरो प्रैक्टिक एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्दति है, जिसका इस्तेमाल ज्वाइंट्स से जुड़ी परेशानियों और खासकर रीढ़ की हड्डी से जुड़ी परेशानियों के इलाज में किया जाता है। ब्रिटिश काइरो प्रैक्टिक एसोसिएशन ने 1 हज़ार से ज़्यादा महिलाओं पर एक स्टडी की है। जिसमें पता लगा है कि इनमें से करीब 75 प्रतिशत महिलाएं पीठ के दर्द से पीड़ित हैं। और पीठ दर्द से पीड़ित महिलाओं में से 33 प्रतिशत का पहनावा ही उनके दर्द की वजह है। उदाहरण के लिए जब आप स्किनी जींस यानी शरीर से चिपकने वाली जींस पहनते हैं तो आप सामान्य तरीके से चल नहीं पाते हैं। इससे आपकी पीठ और आपके जोड़ों पर दबाव पड़ता है।

इसी तरह टाइट स्कर्ट पहनने वाली महिलाओं के घुटने ज्यादातर वक्त एक दूसरे से जुड़े रहते हैं, जिससे मांसपेशियों और डिस्क से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। हील्स या फिर बैकलेस शूज आपकी रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करते हैं। ओवरसाइज्ड हैंडबैग से आपकी गर्दन और कंधों पर बहुत दबाव पड़ता है और अगर आप अपने हैंडबैग्स में बहुत ज्यादा सामान रखती हैं तो फिर आपकी परेशानी और भी बढ़ सकती है। इसी तरह बड़े हुड्स वाले जैकेट पहनने वाली महिलाओं को भी गर्दन दर्द की समस्या हो सकती है, क्योंकि इन जैकेट्स को पहनने के बाद गर्दन को आसानी से इधर उधर घुमाना संभव नहीं हो पाता। और इससे आपके विजन यानी नज़र पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है

इसी तरह भारी भरकम नेकलेस पहनने से गर्दन पर दबाव पड़ता है और ये दर्द धीरे धीरे कंधों तक पहुंच जाता है। इतना ही नहीं इससे भयानक सिरदर्द भी हो सकता है। ऐसे सिरदर्द को टेंशन हेडेक कहते हैं। आधुनिक पहनावा वक्त की ज़रूरत भी है, और हर कोई फैशन के मौजूदा ट्रेंड को अपनाना भी चाहता है। इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन इस बात का ध्यान रखना होगा कि ये पहनावा आपको बीमार ना बना दें। 

अगर आप भी महिला हैं और ऐसी ड्रेसेज और एसेसीरीज का इस्तेमाल करती हैं जो आपकी मूवमेंट में बाधा बनती हैं, या फिर इनका वज़न बहुत ज्यादा है, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। ये फैशन के साइड इफेक्ट्स पर हमारा फ्राइडे स्पेशल डीएनए टेस्ट है जिसे आपको ज़रूर देखना चाहिए। ये ख़बर वैसे तो मुख्य रूप से महिलाओं से जुड़ी हुई है लेकिन बहुत सारे पुरुष भी भारी बैग्स का इस्तेमाल करते हैं और टाइट जींस पहनते हैं। इसलिए ऐसे पुरुषों को भी ये रिपोर्ट ध्यान से देखनी चाहिए।

वैसे कुछ विशेषज्ञ ब्रिटिश काइरो प्रैक्टिक एसोसिएशन की रिपोर्ट से सहमत नहीं हैं। ये विशेषज्ञ मानते हैं कि कपड़ों का आपकी सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता है। आपने गौर किया होगा कि जब भी बाज़ार में मौजूद किसी प्रोडक्ट पर सवाल उठाए जाते हैं तो फौरन ऐसे सर्वे और रिसर्च आ जाते हैं, जिनमें ये कहा जाता है कि फलां प्रोडक्ट से कोई नुकसान नहीं होता है। ऐसा कपड़ों, मोबाइल फोन्स और दूसरे प्रोडक्ट्स के साथ होता है।

हम ये नहीं कह सकते कि आपको किस रिसर्च पर विश्वास करना चाहिए और किस पर नहीं। हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि आप वही पहनें जो आपको आरामदायक लगता है। जो आप पर अच्छा लगता है। जिसे पहनकर आप कॉन्फिडेंट महसूस करते हैं। और जो आपकी सेहत के लिए भी अच्छा है। अक्सर लोग सेहत वाले फैक्टर को नज़रअंदाज़ कर देते हैं लेकिन आप ऐसा मत कीजिएगा।

हमें लगता है कि आधुनिक पहनावे के साथ साथ एहतियात बरतना बहुत ज़रूरी है क्योंकि अगर आप सेल और भारी डिस्काउंट के चक्कर में ऐसे कपड़े पहनेंगे जो आपके शरीर के लिए नुकसानदायक है, तो आपको इन ड्रेसेज और एसेसीरीज के साथ बीमारियों की फ्री होम डिलीवरी भी लेनी पड़ेगी।