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Opinion: आप उत्पाद हैं, फेसबुक आपको बेच रहा है!

''न्यूयॉर्क टाइम्स'' की इस बार की रिपोर्ट ज्यादा चिंताजनक इसलिए है क्योंकि इसमें कहा गया है कि फेसबुक ने यूजर्स के निजी चैट का एक्सेस कंपनियों को दिया है.

Opinion: आप उत्पाद हैं, फेसबुक आपको बेच रहा है!

सोशल मीडिया पर यूजर्स उत्पाद /प्रोडक्ट हैं और दुनिया की दिग्गज कंपनियों के सामने उनकी बोली लग रही है. इनमें बड़ी टेक कंपनियां, ई-कॉमर्स और ओवर द टॉप (ओटीटी) सर्सिव देने वाली कंपनियां शामिल हैं. सबसे खास बात है कि आपको यानी यूजर्स को बेचा जा रहा है, और आप इस बात को जानते तक नहीं! आपसे पूछे बैगेर आपका अपना फेसबुक, जिसने आपको चौबीस घंटे अपने से चिपके रहने की लत लगा दी है, वो आपके साथ ही आपके दोस्तों व परिवार वालों को भी बेच रहा है. डाटा बेचने के साथ ही फेसबुक कंपनियों को आपके निजी चैट भी पढ़वा रहा है.

''न्यूयॉर्क टाइम्स'' की इस बार की रिपोर्ट ज्यादा चिंताजनक इसलिए है क्योंकि इसमें कहा गया है कि फेसबुक ने यूजर्स के निजी चैट का एक्सेस कंपनियों को दिया है. इन कंपनियों में रॉयल बैंक ऑफ कनाडा भी शामिल है, जो कि यूजर्स के निजी मैसेज को न सिर्फ पढ़ सकता है, बल्कि डिलीट भी कर सकता है. इतना ही नहीं, कहा गया है कि ये कंपनियां आपके बिना जानकारी के आपके दोस्तों को भी मैसेज कर सकती हैं. इसका एक्सेस भी फेसबुक ने इनको दिया है.

आपके खरीददार कौन हैं?
अगर आप इस बात को जरा भी गंभीरता से लेते हैं तो अपने खरीददारों को जान लीजिए. वो भी ऐसे वक्त में जब आपका बिक्रेता आपकी निजता (प्राइवेसी) को तांक पर रखकर, आपको विज्ञापनों में फंसाकर, मालामाल हो रहा हो और इंकार भी कर रहा हो कि आप प्रोडक्ट नहीं, यूजर्स हैं. आपके खरीददारों की लिस्ट में- जिसमें आप आजकल एक से एक बेहतरीन टीवी सीरीज देखते हैं वो नेटफ्लिक्स और जहां से ऑनलाइन खरीददारी करते हैं, वो अमेजन भी शामिल है.  इन दो कंपनियों के अलावा एप्पल, माइक्रोसॉफ्ट, याहू और म्यूजिक स्ट्रीमिंग कंपनी स्पॉटीफाई भी आपकी खरीददार है. इन कंपनियों को फेसबुक सालों से आपका डाटा दे रहा है. आपकी निजता इन कंपनियों के दरवाजे पर बेची जा रही है.

आपकी प्राइवेसी बेचकर फेसबुक को हो रहा है ये फायदा
फेसबुक इंकार कर रहा है कि उसकी पार्टनर्स कंपनियां यूजर्स के डाटा का मिसयूज यानी गलत इस्तेमाल नहीं कर रही हैं. फेसबुक की यह सफाई ऐसे वक्त में आई है जब ''न्यूयॉर्क टाइम्स'' ने यह कहकर तहलका मचा दिया है कि फेसबुक जितना हम समझते थे (पहले के खुलासे से ज्यादा)  उससे ज्यादा तादाद में यूजर्स के डाटा को बड़ी टेक कंपनियों को बेच रहा है. यहां यह भी समझने की बात है कि फेसबुक यूजर्स के डाटा को बड़ी कंपनियों को दे रहा है, न्यूयॉर्क टाइम्स ने यह खुलासा कुछ महीने पहले ही कर दिया था, इसके बाद इन कंपनियों की सफाई भी आई थी और कइयों ने कहा था कि उसकी फेसबुक के साथ डाटा को लेकर कोई साझेदारी नहीं है. अब जो खुलासा हुआ है उसमें कहा गया है कि फेसबुक 150 से ज्यादा कंपनियों को यूजर्स के डाटा का एक्सेस दे रहा था, इनमें निजी मैसेज पढ़ना का एक्सेस भी शामिल था. इनमें से कुछ के साथ करार खत्म हो चुका है और कुछ के साथ अब भी जारी है. 

इस पूरे खेल के जरिए फेसबुक न सिर्फ कमाई कर रहा है बल्कि अपने यूजर्स की तादाद भी बढ़ा रहा है. और ये दिग्गज कंपनियां आपकी रुचि के हिसाब से अपने प्रोडक्ट में और ज्यादा फीचर्स जोड़ रही हैं. यानी यह सारा खेल यूजर्स के इंटरेस्ट को समझने का है.. अब आप सोच रहे होंगे फेसबुक के इतने लंबे प्राइवेसी रुल्स का क्या? वो सिर्फ ढकोसला है और हर बार की तरह इस बार भी फेसबुक  ये ही कह रहा है कि यूजर्स के डाटा का मिसयूज नहीं हो रहा, लेकिन इस पर मौन है कि क्या कंपनी पहले हुए खुलासे से ज्यादा कंपनियों को यूजर्स का डाटा दे रही है या नहीं.

कैसे हुआ खुलासा
इस पूरे खेल का खुलासा फेसबुक के 270 से ज्यादा पन्नों के आंतरिक डॉक्यूमेंट्स से हुआ है. इसके अलावा फेसबुक के 50 से ज्यादा पूर्व कर्मचारियों ने इस बात को स्वीकार किया है कि कंपनी यूजर्स के डाटा को बेचती है. इन सारे लोगों ने अपने इंटरव्यू में इस बात को स्वीकारा है. इनमें से कुछ पूर्व सरकारी अधिकारी और प्राइवेसी एडवोकेट्स शामिल हैं. 

कौन-सी कंपनी आपकी क्या जानकारी ले रही है?
ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अमेजन जो ओवर द टॉप (OTT) सर्विस में भी उतर चुकी है फेसबुक से आपका, आपके दोस्तों का नाम और कॉन्टेक्ट की जानकारी लेती है. माइक्रोसॉफ्ट का सर्च इंजन बिंग (Bing) फेसबुक से आपके साथ ही आपके फ्रेंड लिस्ट में मौजूद सभी लोगों की जानकारी लेती है. सबसे खतरनाक नेटफ्लिक्स है जो फेसबुक से आपके प्राइवेट मैसेज लेता है. इसी तरह, Spotify भी आपके निजी मैसेज यानी चैट को पढ़ता है. इस खुलासे में कहा गया है कि एप्पल और अमेजन के साथ की डाटा डील अभी भी जारी है, कुछ कंपनियों के साथ ये डील खत्म हो गई है.

माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि उसकी फेसबुक के साथ साझेदारी 2016 में ही खत्म हो गई थी. नेटफ्लिक्स का कहना है कि उसने 2014 में टीवी शोज और फिल्में रिकमंड करने के लिए फेसबुक से ये जानकारी ली थी लेकिन अब वो किसी भी यूजर्स की निजी चैट नहीं पढ़ते हैं. नेटफ्लिक्स का कहना है, हमने एक फीचर जारी किया था जो लोकप्रिय नहीं हुआ इसलिए उसे 2015 में बंद कर दिया गया. इसी तरह याहू भी आपकी जानकारी लेता है. 

फेसबुक की सफाई, निष्कर्ष
फेसबुक ने यूजर्स के बिना जानकारी के उनके प्राइवेट चैट का एक्सेस कंपनियों को देने की बात को खारिज किया है. फेसबुक का कहना है कि कोई भी थर्ड पार्टी आपके प्राइवेट मैसेज को न ही पढ़ रही हैं और न ही आपके अनुमति के बिना आपके दोस्तों को मैसेज भेजा जा रहे हैं. बता दें कि फेसबुक को लेकर विवाद कोई नया नहीं है, पहले भी कंपनी पर 8 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के डाटा लीक का आरोप लग चुका है. लेकिन अभी तक फेसबुक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है. दुनियाभर की सरकारें फेसबुक को सिर्फ चेतावनी जारी करती हैं, लेकिन सिर्फ चेतावनी से ही काम नहीं चलने वाला, अगर फेसबुक वाकई यूजर्स के साथ इतना बड़ा खिलवाड़ कर रहा है तो सजा तो मिलनी चाहिए!  

(लेखक हमारी सहयोगी वेबसाइट bgr.in में चीफ सब एडिटर हैं)
(डिस्क्लेमर : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं)