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ज़ी स्पेशल

बात फि‍जूल की: हम किस दिशा में जा रहे हैं... सोनाक्षी के बहाने ही सही, लेकिन सोचिए ज़रूर

बात फि‍जूल की: हम किस दिशा में जा रहे हैं... सोनाक्षी के बहाने ही सही, लेकिन सोचिए ज़रूर

जब नई पीढ़ी के संस्कारों का रास्ता आपने बदला तो फिर वो पीढ़ी अपने आराध्य राम की लीला भूल गई, फिर उस पीढ़ी से कैसी शिकायत? अब स्कूलों के सिलेबस से रामलीलाएं धीरे-धीरे खत्म होती जा रही हैं तो फिर सोनाक्षी सिन्हा का क्या दोष?

राकेश तनेजा | Sep 21, 2019, 03:41 PM IST
...और 1 करोड़ का सवाल बन गया दारा शिकोह

...और 1 करोड़ का सवाल बन गया दारा शिकोह

दारा शिकोह को देश की 95 फीसदी से ज्यादा आबादी जानती भी नहीं होगी क्योंकि वो हारा हुआ था या यूं कहें कि उसे हराया गया था और जीतने वाले ने इतिहास में उसे ज्यादा जगह नहीं लेने दी. आज अचानक ये नाम सुर्खियां बटोरने लगा तो भी उसका कारण यही है कि आज के विजेता उसे सुर्खियों में लाना चाहते हैं.

राकेश तनेजा | Sep 12, 2019, 04:08 PM IST

अन्य ज़ी स्पेशल

गोपनीयता और सीधा प्रसारण एक साथ कैसे चलेगा माई लॉर्ड

गोपनीयता और सीधा प्रसारण एक साथ कैसे चलेगा माई लॉर्ड

सुप्रीम कोर्ट की अदालतों में अब मीडिया कर्मियों को मोबाइल के इस्तेमाल की इजाजत भी मिल गई है.

विराग गुप्ता | Nov 21, 2018, 06:55 PM IST
बचपन उपेक्षित है और युवा महत्वपूर्ण!

बचपन उपेक्षित है और युवा महत्वपूर्ण!

शिक्षा, कौशल विकास और मनोवैज्ञानिक आत्मविश्वास के अवसर से बच्चे वंचित किये गए हैं. भारत में जो नव-मतदाता यानी वयस्क नागरिक मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में चुनाव की प्रक्रिया में जायेंगे, उन्हें भांति-भांति के तरीकों से शिक्षा और विकास के अवसरों से वंचित किया गया है.

सचिन कुमार जैन | Nov 21, 2018, 05:02 PM IST
डियर जिंदगी: आपका पछतावा क्या होगा!

डियर जिंदगी: आपका पछतावा क्या होगा!

खुशी भी एक चुनाव है. हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि खुशी तुरंत हासिल करने की चीज है. यह 'अभी नहीं तो कभी नहीं' को याद करने पर ही हासिल हो सकती है.

दयाशंकर मिश्र | Nov 21, 2018, 08:01 AM IST
डियर जिंदगी : जिन्‍हें अब तक माफ न कर पाए हों...

डियर जिंदगी : जिन्‍हें अब तक माफ न कर पाए हों...

किसी को माफ करने के लिए हमें उस पर निर्भर नहीं रहना. ऐसे तो हम जीवन के सूत्र दूसरों के पास गिरवी रख देंगे. माफ करने को स्‍वभाव बनाना है. यह खुद को सुखी करने का रास्‍ता है, जो हमें चुनना है.

दयाशंकर मिश्र | Nov 20, 2018, 08:00 AM IST
मध्य प्रदेश के चुनावी घोषणा पत्रों में बच्चे कहां हैं?

मध्य प्रदेश के चुनावी घोषणा पत्रों में बच्चे कहां हैं?

मध्य प्रदेश के सामने नवजात शिशु मृत्यु दर, महिलाओं के स्वास्थ्य, कुपोषण, संचारी-असंचारी बीमारियों के फैलाव, प्रजनन स्वास्थ्य और बच्चों के अवरुद्ध विकास से सम्बंधित समस्याओं की गंभीर स्थिति है.

सचिन कुमार जैन | Nov 19, 2018, 08:14 PM IST
डियर जिंदगी: आत्‍महत्‍या और मन का 'रेगिस्‍तान'!

डियर जिंदगी: आत्‍महत्‍या और मन का 'रेगिस्‍तान'!

हम ‘इग्‍नोर’ करना भूल गए. छोटी-छोटी बात ‘दिल से’ लगाए घूमते रहते हैं. एक-दूसरे को बर्दाश्‍त करना, सुन लेना, सहन करना जैसे गुण जीवनशैली से गायब होते जा रहे हैं.

दयाशंकर मिश्र | Nov 19, 2018, 08:51 AM IST
उपेंद्र कुशवाहा के बगैर सामाजिक न्याय की बात बेमानी

उपेंद्र कुशवाहा के बगैर सामाजिक न्याय की बात बेमानी

नीतीश कुमार इस स्पेस पर बड़ी दावेदारी करते रहे हैं, लेकिन इनका सामाजिक न्याय नकद प्रोत्साहन भत्ता तक सीमित होता जा रहा है.

राहुल कुमार | Nov 18, 2018, 03:30 PM IST
'माफ करो महाराज! हमारा नेता शिवराज'

'माफ करो महाराज! हमारा नेता शिवराज'

अखबारों की पूरी विज्ञापन सीरीज भी शिवराज सिंह चौहान के व्यक्तित्व को केंद्र में रखकर रची गई है. विज्ञापन की टैग लाइन है-माफ करो महाराज! हमारा नेता शिवराज.

संतोष मानव | Nov 18, 2018, 02:48 PM IST
फिल्म उद्योग की “ऑक्सीजन” फिल्में

फिल्म उद्योग की “ऑक्सीजन” फिल्में

अंग्रेजों के दौर पर बनी ‘ठग्स ऑफ हिन्दुस्तान’ ने दर्शकों को जितना अधिक निराश किया है, शायद ही अब तक किसी फिल्म ने किया हो.

डॉ. विजय अग्रवाल | Nov 16, 2018, 07:12 PM IST
डियर जिंदगी: जब मन का न हो...

डियर जिंदगी: जब मन का न हो...

तुलना से बचना, मुश्किल में अपने ऊपर भरोसा रखना एक कला है, जिसके भीतर जितना धैर्य, साहस, भरोसा होगा, वह इस कला का उतना ही बेहतर उपयोग कर पाएगा...

दयाशंकर मिश्र | Nov 16, 2018, 08:45 AM IST
स्टेन ली और कॉमिक्स की दुनिया: सुपर हीरो जिनसे पढ़ना सीखा...

स्टेन ली और कॉमिक्स की दुनिया: सुपर हीरो जिनसे पढ़ना सीखा...

जिन सुपरहीरो ने हमें उम्मीद दी, उन तमाम सुपर हीरो को बच्चों की दुनिया में लाने वाले स्टेन ली 12 नवंबर को दुनिया को अलविदा कह गए हैं.

पंकज रामेंदु | Nov 15, 2018, 02:35 PM IST
डियर जिंदगी: गुस्‍से का आत्‍महत्‍या की ओर मुड़ना!

डियर जिंदगी: गुस्‍से का आत्‍महत्‍या की ओर मुड़ना!

सड़क हादसे अक्‍सर दिमाग में चल रहे ऐसे स्‍पीड ब्रेकर का परिणाम होते हैं, जिनका जन्‍म घर, रिश्‍तों की टकराहट से होता है.

दयाशंकर मिश्र | Nov 15, 2018, 07:59 AM IST
गांधी@150: बड़े कमाल की थी पत्रकार गांधी की शख्सियत

गांधी@150: बड़े कमाल की थी पत्रकार गांधी की शख्सियत

दुनिया में छिड़ी अभिव्यक्ति की आजादी की बहस के बीच यह जानना काम का होगा कि पत्रकार के रूप में महात्मा गांधी इस चुनौती का सामना कैसे कर रहे थे.

चिन्मय मिश्र | Nov 14, 2018, 07:09 PM IST
 मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: RSS पर हमला कर अपनी बढ़त न गंवा दे कांग्रेस

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: RSS पर हमला कर अपनी बढ़त न गंवा दे कांग्रेस

 कांग्रेस वचनपत्र को लेकर यह टिप्पणी होने लगी है कि उसने हर घर में चांद-तारा देने की बात छोड़कर सारे वादे कर दिए हैं.

संतोष मानव | Nov 14, 2018, 03:42 PM IST
नेहरू को वंदना और आलोचना की नहीं, जानने की जरूरत है

नेहरू को वंदना और आलोचना की नहीं, जानने की जरूरत है

जवाहरलाल नेहरू ने अपनी उच्च शिक्षा कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से ग्रहण की थी. अपने छात्र जीवन से ही वह फेबियन समाजवाद (fabian socialism) और सोवियत संघ की विचारधारा से कुछ हद तक प्रभावित थे जिसकी झलक प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके द्वारा बनाई गई नीतियों में देखने को मिलती है. 

पवन चौरसिया | Nov 14, 2018, 03:25 PM IST
डियर जिंदगी: अतीत की छाया और रिश्‍ते!

डियर जिंदगी: अतीत की छाया और रिश्‍ते!

जितना संभव हो खुद को, अपने फैसले और दृष्टिकोण को, अतीत की छाया से बचाएं. उससे कुछ सबक जरूर सीखे जा सकते हैं, लेकिन उसके अनुभव से चिपके नहीं रहा जा सकता.

दयाशंकर मिश्र | Nov 14, 2018, 08:14 AM IST
शायर अल्लामा इकबाल: इंसान के सियासी हो जाने से शायर की महानता नहीं घटती

शायर अल्लामा इकबाल: इंसान के सियासी हो जाने से शायर की महानता नहीं घटती

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा के कवि अल्लामा इकबाल भले ही बाद में पाकिस्तान के विचार से जुड़ गए हों, लेकिन भारतीय समाज को आज भी उनकी रहबरी की जरूरत है.

डियर जिंदगी: अतरंगी सपने!

डियर जिंदगी: अतरंगी सपने!

अतरंगी सपने ही असल में हमारे हैं. वही हमें हमारे होने का बोध कराते हैं. ऐसे सपनों की महक को अपने भीतर खोजना, उनके लिए पागल हुए बिना अपने होने को हासिल नहीं किया जा सकता!

दयाशंकर मिश्र | Nov 13, 2018, 08:07 AM IST
घोषणापत्र को हाशिये पर डाल लोकतंत्र से मुंह मोड़तीं पार्टियां

घोषणापत्र को हाशिये पर डाल लोकतंत्र से मुंह मोड़तीं पार्टियां

वर्तमान आदर्श आचार संहिता में उल्लेख है कि सभी राजनीतिक दल और उम्मीदवार ऐसी कोई गतिविधि संचालित नहीं करेंगे, जो भ्रष्ट आचरण” मानी जाएं; मसलन मतदाताओं को रिश्वत देना, धमकाना, मतदान केंद्र के 100 मीटर के भीतर प्रचार करना आदि.

सचिन कुमार जैन | Nov 12, 2018, 06:08 PM IST
डियर जिंदगी: अकेलेपन की सुरंग और ‘ऑक्‍सीजन’!

डियर जिंदगी: अकेलेपन की सुरंग और ‘ऑक्‍सीजन’!

हरियाली के बीच मन में उदारता, दूसरों की सहायता की भावना बढ़ने के साथ ब्‍लड-प्रेशर, अवसाद से लड़ने की शक्ति मिलती है. 

दयाशंकर मिश्र | Nov 12, 2018, 08:18 AM IST