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ज़ी स्पेशल

न्यू इंडिया की सफलता के लिए 'माय लार्ड' का सामंती सिस्टम सुधरे

न्यू इंडिया की सफलता के लिए 'माय लार्ड' का सामंती सिस्टम सुधरे

राजस्थान हाईकोर्ट के सभी जजों ने मिलकर फैसला लेते हुए वकीलों से कहा है कि वे कोर्ट में जजों को 'माय लार्ड' या 'योर लॉर्डशिप' कहकर न बुलाएं. गुलामी की इस निशानी को खत्म करने के लिए वकीलों की संस्था बार काउसिंल ने बहुत पहले 2006 में सर्कुलर जारी किया था. 

विराग गुप्ता | Jul 16, 2019, 07:46 PM IST
World Cup Semi Final: जैसे ही पिच का मिजाज बदला, हमारे हाथ की रेखाएं घूम गईं

World Cup Semi Final: जैसे ही पिच का मिजाज बदला, हमारे हाथ की रेखाएं घूम गईं

जरूरत इस बात की है कि हम क्रिकेट को अपने हिसाब से ढालने के बाद, खुद को क्रिकेट के हिसाब से भी ढालना शुरू करें.

 

पीयूष बबेले | Jul 10, 2019, 08:20 PM IST

अन्य ज़ी स्पेशल

कांग्रेस की छाया से क्यों दूर रहना चाहती हैं BSP सुप्रीमो मायावती?

कांग्रेस की छाया से क्यों दूर रहना चाहती हैं BSP सुप्रीमो मायावती?

लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर मायावती ने जोर देकर कहा है कि कांग्रेस गठबंधन के करीब होने का भ्रम न फैलाए.

पीयूष बबेले | Mar 18, 2019, 01:13 PM IST
दूसरी टीमों ने अपने हाथों में चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं

दूसरी टीमों ने अपने हाथों में चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कड़ी प्रतिस्पर्धा वाला खेल है. इसमें अगर आप अच्छा प्रदर्शन करना चाहते हैं तो दूसरे देशों की टीमों ने भी कोई चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं. सभी टीमें तैयारी कर रही हैं.

सुशील दोषी | Mar 16, 2019, 04:43 PM IST
लोकसभा चुनाव: इस बार करीब 1,000 दमदार नेताओं का कट सकता है टिकट

लोकसभा चुनाव: इस बार करीब 1,000 दमदार नेताओं का कट सकता है टिकट

सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी भी जल्द ही प्रत्याशियों की सूची लेकर सामने आ जाएगी... लेकिन जब ये सूचियां अंतिम रूप लेंगी तो हर पार्टी पहले से कम प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतार पाएंगी, क्योंकि...

पीयूष बबेले | Mar 15, 2019, 12:41 PM IST
गाहे-बगाहे नहीं, हमेशा करना होगा विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार

गाहे-बगाहे नहीं, हमेशा करना होगा विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार

वास्तव में हमें केवल दवाओं के मामले में ही नहीं किसी भी क्षेत्र में ऐसी नीति बनाने की जरूरत है जिससे आम लोगों का भला हो. हमें चीन को यह संदेश भी देना होगा कि यदि आतंकवाद का साथ दिया गया तो हम हिंदुस्तानी तुम्हारी किसी भी चीज का उपयोग न करने के लिए कमर कस लेंगे, तभी वास्तव में कुछ सबक मिल पाएगा.

जानि‍ए विश्व महिला दिवस के एक दिन बाद अखबार में क्या-क्या छपा है ?

जानि‍ए विश्व महिला दिवस के एक दिन बाद अखबार में क्या-क्या छपा है ?

अखबार के सबसे आखिरी पन्ने पर एक नाटक की खबर है ‘समाज में मां दुर्गा की पूजा लेकिन महिला को मिलता है दोयम दर्जा.‘ 

'बाल सगाई' भी किसी त्रासदी से कम नहीं

'बाल सगाई' भी किसी त्रासदी से कम नहीं

विश्व महिला दिवस पर मैं आपको एक शब्द से परि​चित कराना चाहता हूं, इस शब्द को मैंने किसी डिक्शनरी में नहीं पढ़ा था, न ही पहले कभी गूगल पर ही खोजा. हो सकता है आप भी इससे परिचित न हों. कुछ दिन पहले जब मैंने बच्चों के मुंह से ही यह शब्द सुना तो थोडी देर के लिए मेरा माथा भी झन्ना गया था.

महिला सशक्तिकरण है बोलने की आज़ादी, समाज में बराबरी की जगह और जीवनसाथी चुनने की आज़ादी

महिला सशक्तिकरण है बोलने की आज़ादी, समाज में बराबरी की जगह और जीवनसाथी चुनने की आज़ादी

नेशनल क्राइम रिकार्ड 2016 के आकड़ों के अनुसार देश में हर घंटे महिलाओं के खिलाफ अपराध के करीब 40 मामले दर्ज किए जाते हैं. 

विनय जायसवाल | Mar 8, 2019, 01:22 PM IST
औरत और पानी सिर्फ ‘ज़रूरत’ की निशानी

औरत और पानी सिर्फ ‘ज़रूरत’ की निशानी

घर के कामों से लेकर खेत में पानी देने तक दिन भर पानी में डूबी रहने वाली ये महिलाएं अपने अस्तित्व को न गिने जाने के बावजूद प्रकृति के साथ किए गए अत्याचार का सबसे ज्यादा फल भुगत रही है. 

पंकज रामेंदु | Mar 8, 2019, 12:55 PM IST
'इतनी फ्रीडम मिल तो गई है मना लो' Women's Day, उत्सव नहीं आंदोलन है महिला दिवस...

'इतनी फ्रीडम मिल तो गई है मना लो' Women's Day, उत्सव नहीं आंदोलन है महिला दिवस...

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का मतलब क्या है? ज्यादातर लोगों को पता ही नहीं कि इसे क्यों मनाया जाता है.

वंदना यादव | Mar 8, 2019, 11:16 AM IST
महिला दिवस विशेषः तो फिर हर साल ये पाखंड क्यों!

महिला दिवस विशेषः तो फिर हर साल ये पाखंड क्यों!

अभी वसंत पंचमी को हमने सरस्वती मैय्या का पूजन किया. प्रार्थना की- वीणावादिनी वर दे! अब होली के अगले पखवाड़े से दुर्गा मैय्या का नौ दिन का पर्व शुरू होगा. इसके कुछ माह बाद वैभव की देवी लक्ष्मी मैय्या की दीवाली आएगी. 

जयराम शुक्ल | Mar 8, 2019, 10:46 AM IST
महिला दिवस: विजयगीत गाने से पहले विजयगीत कमाने होते हैं

महिला दिवस: विजयगीत गाने से पहले विजयगीत कमाने होते हैं

हम महिला दिवस मनाते हुये उन सख़्त धार्मिक और सामाजिक रूप से क्रूर रिवाजों के नीचे दबे हैं जो पितृसत्ता की पोषक और स्त्री की शोषक हैं. कितने सारे अंधविश्वास, पाखंड और कर्मकांड महिलाओं ने ख़ुशी-ख़ुशी अपने ऊपर लाद लिये हैं.

मैत्रेयी पुष्पा | Mar 8, 2019, 08:41 AM IST
मुस्कान, परिवार नहीं ये धड़कने सिर्फ वतन के लिए

मुस्कान, परिवार नहीं ये धड़कने सिर्फ वतन के लिए

कहं छुपाकर रखते हैं वो इतना साहस कि हमें हमारी ही जिन्दगी बेमानी सी लगने लगती है. हम अपनी रोजमर्रा की जिन्दगी में असंख्य ऐसी बातों का सामना करते हैं जो निर्रथक होती है. जिनके बिना भी जिया जा सकता है. 

रेखा गर्ग | Mar 6, 2019, 02:08 PM IST
डियर जिंदगी: सबको बदलने की जिद!

डियर जिंदगी: सबको बदलने की जिद!

किसी से मिलते ही हम उसे ‘जैसा है’, उसकी जगह ‘जैसा चाहिए’ बनाने में लग जाते हैं. बदलने की जिद में हम खुद को भुलाने लगते हैं. जो जैसा है, उसे उसी भाव से ग्रहण करना, रिश्‍तों को तनाव से बचाने में ‘टॉनिक’ का काम करता है. 

दयाशंकर मिश्र | Mar 5, 2019, 08:32 AM IST
डियर जिंदगी: ओ! सुख कल आना…

डियर जिंदगी: ओ! सुख कल आना…

हम छोटे होते हैं तो सुख को स्‍थगित नहीं करते. उसे जीते हैं. हम उसे नहीं कहते, ‘ओ ! सुख कल आना.’

दयाशंकर मिश्र | Mar 4, 2019, 08:38 AM IST
पाकिस्तानी क्रिकेट पर सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत

पाकिस्तानी क्रिकेट पर सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत

हमारे देश में भी एक ऐसा वर्ग है कि जो सुविधाभोगी जीवन जीने का आदी हो गया है. ऐसा वर्ग कहता है कि क्रिकेट व राजनीति अलग-अलग चीज़ हैं.

सुशील दोषी | Mar 1, 2019, 01:52 PM IST
डियर जिंदगी: कड़वे पल को संभालना!

डियर जिंदगी: कड़वे पल को संभालना!

अतीत की गलियों में बहुत अधिक भटकने के कारण हम वर्तमान से दूर होते जा रहे  हैं. वर्तमान से दूरी होने का अर्थ अतीत की घुटन और भविष्‍य से भटकाव है.

दयाशंकर मिश्र | Mar 1, 2019, 09:51 AM IST
डियर जिंदगी: यकीन रखें, यह भी गुजर जाएगा…

डियर जिंदगी: यकीन रखें, यह भी गुजर जाएगा…

फैसला लेते समय डरिए मत, याद रखिए गलत निर्णय भी अनिर्णय से लाख गुना बेहतर है. इसमें कुछ न करने के अपराधबोध से हम पूरी जिंदगी आजाद रहते हैं.

दयाशंकर मिश्र | Feb 28, 2019, 08:47 AM IST
डियर जिंदगी: मित्रता की नई ‘महफिल’!

डियर जिंदगी: मित्रता की नई ‘महफिल’!

अपनों से मिलिए, संवाद कीजिए. ख्‍याल रखना और करना एक संक्रामक आदत है. जितना अधिक इसका उपयोग किया जाएगा, यह उतना ही असर दिखाएगी.

दयाशंकर मिश्र | Feb 27, 2019, 09:51 AM IST
डियर जिंदगी: आदतों की गुलामी!

डियर जिंदगी: आदतों की गुलामी!

कुछ लोग जिनमें क्षमता है, अपनी बात कहने की. वह क्‍या कहते हैं! क्‍या वह कोई नई बात कहते दिखते हैं. कुछ ऐसा जो हमारी सड़ी-गली सोच-विचार की शैली को बदलने में मदद कर सके. सबकुछ वैसा, जैसा चला आ रहा है, उसे कौन बदलेगा. नए सवाल, सोच की बात करना अंतरिक्ष में जाने जैसी चीज नहीं है. लेकिन इसे ऐसा ही बना दिया गया है!

दयाशंकर मिश्र | Feb 26, 2019, 11:00 AM IST
जंगल से बेदखल दस लाख परिवारों का क्या होगा?

जंगल से बेदखल दस लाख परिवारों का क्या होगा?

2006 में जब एक ऐतिहासिक कानून सामने आया उस वक्त जेहन में यह बिलकुल भी नहीं आया था कि कुछ सालों बाद यही कानून देश के 17 राज्यों के दस लाख परिवारों की बेदखली का कारण भी बनेगा.