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ज़ी स्पेशल

बात फि‍जूल की: हम किस दिशा में जा रहे हैं... सोनाक्षी के बहाने ही सही, लेकिन सोचिए ज़रूर

बात फि‍जूल की: हम किस दिशा में जा रहे हैं... सोनाक्षी के बहाने ही सही, लेकिन सोचिए ज़रूर

जब नई पीढ़ी के संस्कारों का रास्ता आपने बदला तो फिर वो पीढ़ी अपने आराध्य राम की लीला भूल गई, फिर उस पीढ़ी से कैसी शिकायत? अब स्कूलों के सिलेबस से रामलीलाएं धीरे-धीरे खत्म होती जा रही हैं तो फिर सोनाक्षी सिन्हा का क्या दोष?

राकेश तनेजा | Sep 21, 2019, 03:41 PM IST
...और 1 करोड़ का सवाल बन गया दारा शिकोह

...और 1 करोड़ का सवाल बन गया दारा शिकोह

दारा शिकोह को देश की 95 फीसदी से ज्यादा आबादी जानती भी नहीं होगी क्योंकि वो हारा हुआ था या यूं कहें कि उसे हराया गया था और जीतने वाले ने इतिहास में उसे ज्यादा जगह नहीं लेने दी. आज अचानक ये नाम सुर्खियां बटोरने लगा तो भी उसका कारण यही है कि आज के विजेता उसे सुर्खियों में लाना चाहते हैं.

राकेश तनेजा | Sep 12, 2019, 04:08 PM IST

अन्य ज़ी स्पेशल

डियर जिंदगी: यकीन रखें, यह भी गुजर जाएगा…

डियर जिंदगी: यकीन रखें, यह भी गुजर जाएगा…

फैसला लेते समय डरिए मत, याद रखिए गलत निर्णय भी अनिर्णय से लाख गुना बेहतर है. इसमें कुछ न करने के अपराधबोध से हम पूरी जिंदगी आजाद रहते हैं.

दयाशंकर मिश्र | Feb 28, 2019, 08:47 AM IST
डियर जिंदगी: मित्रता की नई ‘महफिल’!

डियर जिंदगी: मित्रता की नई ‘महफिल’!

अपनों से मिलिए, संवाद कीजिए. ख्‍याल रखना और करना एक संक्रामक आदत है. जितना अधिक इसका उपयोग किया जाएगा, यह उतना ही असर दिखाएगी.

दयाशंकर मिश्र | Feb 27, 2019, 09:51 AM IST
डियर जिंदगी: आदतों की गुलामी!

डियर जिंदगी: आदतों की गुलामी!

कुछ लोग जिनमें क्षमता है, अपनी बात कहने की. वह क्‍या कहते हैं! क्‍या वह कोई नई बात कहते दिखते हैं. कुछ ऐसा जो हमारी सड़ी-गली सोच-विचार की शैली को बदलने में मदद कर सके. सबकुछ वैसा, जैसा चला आ रहा है, उसे कौन बदलेगा. नए सवाल, सोच की बात करना अंतरिक्ष में जाने जैसी चीज नहीं है. लेकिन इसे ऐसा ही बना दिया गया है!

दयाशंकर मिश्र | Feb 26, 2019, 11:00 AM IST
जंगल से बेदखल दस लाख परिवारों का क्या होगा?

जंगल से बेदखल दस लाख परिवारों का क्या होगा?

2006 में जब एक ऐतिहासिक कानून सामने आया उस वक्त जेहन में यह बिलकुल भी नहीं आया था कि कुछ सालों बाद यही कानून देश के 17 राज्यों के दस लाख परिवारों की बेदखली का कारण भी बनेगा.

राम-भरत मिलाप का चित्रकूट एकजुट हो, हत्यारों को फांसी मिले

राम-भरत मिलाप का चित्रकूट एकजुट हो, हत्यारों को फांसी मिले

चित्रकूट के माध्यम से देशव्यापी क्रान्ति हो- दोनों बच्चे जिस स्कूल में पढ़ते थे, वहाँ के अस्पताल और संस्थान में हर साल लाखों लोगों का इलाज होता है. आंखों के इलाज के लिए दूर-दराज से आये लोगों की चित्रकूट में सेवा के लिए गुजरात और मुम्बई के सुदूर इलाकों से डॉक्टर आते हैं.

विराग गुप्ता | Feb 25, 2019, 04:10 PM IST
डियर जिंदगी: यह दीवार कैसे टूटेगी!

डियर जिंदगी: यह दीवार कैसे टूटेगी!

हम मनुष्‍य के सामाजिक प्राणी होने के मूल गुण से पहली बार इतनी दूर निकलते दिखाई दे रहे हैं. हर चीज को बस वर्चुअल दुनिया के पैमाने से देखा जा रहा है.
 
 

दयाशंकर मिश्र | Feb 25, 2019, 09:11 AM IST
तिनका तिनका: जबलपुर की जेल और पुष्प की अभिलाषा

तिनका तिनका: जबलपुर की जेल और पुष्प की अभिलाषा

देश की आजादी के दैरान देश भर के कई साहित्यकारों और स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों को जेल-यात्रा करनी पड़ी. इस कड़ी में पंडित माखनलाल चतुर्वेदी का नाम भी विशेष उल्लेखनीय है. 

वर्तिका नंदा | Feb 25, 2019, 12:20 AM IST
सामाजिक न्याय पर 13 प्वाइंट रोस्टर का हमला

सामाजिक न्याय पर 13 प्वाइंट रोस्टर का हमला

सरकार की तरफ से भले ही उच्चतम न्यायालय में पुर्नविचार याचिका दाखिल करने या संविधान संसोधन लाने का आश्वासन दिया जा रहा हो लेकिन अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े तबके की नाराजगी कम होती दिखाई नहीं पड़ रही है.

विनय जायसवाल | Feb 23, 2019, 03:28 PM IST
डियर जिंदगी: गंभीरता और स्‍नेह!

डियर जिंदगी: गंभीरता और स्‍नेह!

बच्‍चों के हृदय को जितना संभव हो स्‍नेह, प्रेम, आत्‍मीयता से भरा जाए. यही प्रेम मूल को ‘सूद’ के साथ लौटाकर लाएगा.

दयाशंकर मिश्र | Feb 22, 2019, 08:35 AM IST
Badminton: साइना, सिंधु, कश्यप, समीर का नेशनल चैंपियनशिप खेलना अच्छा संकेत

Badminton: साइना, सिंधु, कश्यप, समीर का नेशनल चैंपियनशिप खेलना अच्छा संकेत

इस बार नेशनल चैंपियनशिप में महिला सिंगल्स से पहले पुरुष सिंगल्स का मुकाबला हुआ. ऐसा पहली बार हुआ कि महिलाओं का फाइनल बाद में खेला गया. 

नामवर सिंह: हिन्दी आलोचना की वाचिक परंपरा के अंतिम शिखर

नामवर सिंह: हिन्दी आलोचना की वाचिक परंपरा के अंतिम शिखर

एक आलोचक के रूप में, नामवर सिंह की किताबों से अधिक उनके व्यक्तित्व का मूल्यांकन होता रहा है... उनके समूचे व्यक्तित्व में एक शैलीगत भव्यता के दर्शन होते हैं.

डॉ. दिलीप शाक्य | Feb 21, 2019, 02:20 PM IST
सीहोर का गांव दे रहा सीख- 'पानी बनाया तो नहीं, लेकिन बचाया जा सकता है'

सीहोर का गांव दे रहा सीख- 'पानी बनाया तो नहीं, लेकिन बचाया जा सकता है'

सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों का काफी वक्त स्कूल के पास ही लगे हैंडपंप के पास खड़े होने में बीत जाता है. मुश्किल से चलने वाला ये हैंडपंप कई बार चलाने पर एक लोटा पानी निकालता है.

पंकज रामेंदु | Feb 21, 2019, 11:26 AM IST
शहीदों की शहादत को शत-शत नमन

शहीदों की शहादत को शत-शत नमन

आतंकी जानवरों ने तमाम उम्मीदों को खत्म कर दिया. असंख्य घरों के चिरागों को बुझा दिया.

रेखा गर्ग | Feb 21, 2019, 11:10 AM IST
डियर जिंदगी: दर्द के सहयात्री!

डियर जिंदगी: दर्द के सहयात्री!

दर्द से उबरना भी एक उपचार है. अगर सही तरह से दुख से बाहर नहीं निकला जाए तो यह ताउम्र अमरबेल की तरह हमारी आत्‍मा पर सवार रहता है.

दयाशंकर मिश्र | Feb 21, 2019, 08:06 AM IST
इमरान खान के आतंकी पाकिस्तान के सामने नया भारत, धारा-370 रद्द हो

इमरान खान के आतंकी पाकिस्तान के सामने नया भारत, धारा-370 रद्द हो

पीओके पर संसद के सर्वसम्मत प्रस्ताव का सम्मान हो- सन् 1994 में कांग्रेस की नरसिम्हा राव सरकार के दौरान संसद ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करके पाक अधिकृत कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताया था.

विराग गुप्ता | Feb 20, 2019, 04:03 PM IST
नामवर सिंह स्मृति: 'आलोचना वाद भी है, विवाद और संवाद भी'

नामवर सिंह स्मृति: 'आलोचना वाद भी है, विवाद और संवाद भी'

यों तो हिंदी के प्राय: सभी बड़े लेखक और आलोचक गांवों से ही चलकर आए हैं पर रामविलास शर्मा और नामवर जी के बोल-व्यवहार और लहजे में गांव शायद ही कभी अनुपस्थित रहा हो.

डियर जिंदगी: अनुभव की खाई में गिरे हौसले!

डियर जिंदगी: अनुभव की खाई में गिरे हौसले!

अनुभव, जिंदगी का ऐसा तत्‍व है, जिस पर हमारा न्यूनतम नियंत्रण है. लेकिन इसके बाद भी हमने फैसलों की फ्रेंचाइजी उसे दी हुई है. 

दयाशंकर मिश्र | Feb 20, 2019, 08:34 AM IST
डियर जिंदगी: बच्‍चे को 'न' कहना!

डियर जिंदगी: बच्‍चे को 'न' कहना!

बच्‍चे जितने प्रेम, स्‍नेह से न सुनेंगे. उसे ग्रहण करेंगे, जीवन में संघर्ष की धूप का सामना भी उतनी ही आसानी से कर पाएंगे.

दयाशंकर मिश्र | Feb 19, 2019, 08:55 AM IST
डियर जिंदगी: प्रेम दृष्टिकोण है…

डियर जिंदगी: प्रेम दृष्टिकोण है…

हम अपने जीवन को सुखद, सरल, सरस बनाना चाहते हैं, तो प्रेम को अपना स्‍वभाव बनाना होगा. उसको दूसरों के नजरिए, स्‍वभाव के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता!

दयाशंकर मिश्र | Feb 18, 2019, 08:50 AM IST
डियर जिंदगी: बच्‍चों के बिना घर!

डियर जिंदगी: बच्‍चों के बिना घर!

बच्‍चों के पढ़ाई के लिए बाहर जाते ही माता-पिता में खालीपन देखा जा रहा है. जैसे किसी ने उनकी मुस्‍कान गिरवी रख दी हो कि खुश रहना मना है.

दयाशंकर मिश्र | Feb 15, 2019, 08:52 AM IST