ज़ी स्पेशल

G-20 सम्मेलन में जवाबदेही तय की जा सकती थी, लेकिन ये मौका हमने हाथ से जाने दिया

G-20 सम्मेलन में जवाबदेही तय की जा सकती थी, लेकिन ये मौका हमने हाथ से जाने दिया

चीन जो वैश्विक संकट का​ निर्यातक रहा है, उसे एक मंच दिया गया जिससे वो ये बता सके कि पूरी दुनिया को इस वक्त क्या करना चाहिए. 

WION | Mar 28, 2020, 01:23 PM IST
#NirbhayaNyayDiwas: निर्भया के आखिरी शब्द...उन दरिंदों को मत छोड़ना, मां ने गांठ बांध ली

#NirbhayaNyayDiwas: निर्भया के आखिरी शब्द...उन दरिंदों को मत छोड़ना, मां ने गांठ बांध ली

हमें अंदाजा हो रहा था कि यह खबर देश को बदल देगी और आपने सड़कों पर देखा होगा कि इस खबर ने किस तरह देश को बदलकर रख दिया. 

पूजा मक्कड़ | Mar 20, 2020, 12:41 PM IST

अन्य ज़ी स्पेशल

गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम नहीं है आरक्षण

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नरसिम्हा राव की सरकार ने भी आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर आरक्षण देने का फैसला किया था, जिसे 1992 में उच्चतम न्यायालय ने असंवैधानिक करार दिया था.

विनय जायसवाल | Jan 9, 2019, 10:16 AM IST
डियर जिंदगी: साथ रहते हुए ‘अकेले’ की स्‍वतंत्रता!

डियर जिंदगी: साथ रहते हुए ‘अकेले’ की स्‍वतंत्रता!

विवाह को लेकर वर पक्ष का रवैया अब तक नहीं बदला. वर पक्ष की 'श्रेष्‍ठता ग्रंथि‍' जब तक नहीं बदलेगी, इस रिश्‍ते में ऊर्जा, स्‍नेह से भरी कोपलें नहीं खिलेंगी.

दयाशंकर मिश्र | Jan 9, 2019, 10:11 AM IST
डियर जिंदगी: स्‍वयं को दूसरे की सजा कब तक!

डियर जिंदगी: स्‍वयं को दूसरे की सजा कब तक!

जिंदगी में सब कुछ नियंत्रण में होना संभव नहीं. हमें हर चीज के लिए दूसरों को दोष देने, खुद को कोसते रहने की जगह नई ‘कोपल’ की तरह मुश्किलों के बाद भी खिलने की कोशिश करनी चाहिए.  

दयाशंकर मिश्र | Jan 8, 2019, 08:47 AM IST
सवर्णों को आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेगी उलझन

सवर्णों को आरक्षण, सुप्रीम कोर्ट में बढ़ेगी उलझन

मोदी सरकार के फैसले के अनुसार सवर्णों को आर्थिक आधार पर दस फीसदी आरक्षण देने के लिए संविधान में संशोधन किया जायेगा. देश में अनुसूचित जाति (एससी) अनुसूचित जनजाति (एसटी), ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) और दिव्यांग वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था है.

विराग गुप्ता | Jan 7, 2019, 06:37 PM IST
डियर जिंदगी: जो बिल्‍कुल मेरा अपना है!

डियर जिंदगी: जो बिल्‍कुल मेरा अपना है!

सबकी खूबियों का सम्‍मान कीजिए, लेकिन अपने को भी बचाए रखिए. यह आपका होना, आपके अस्तित्‍व के लिए सबसे जरूरी है.

दयाशंकर मिश्र | Jan 7, 2019, 09:22 AM IST
किस्सा-ए-कंज्यूमर: ...क्योंकि स्टूडेंट भी कंज्यूमर है

किस्सा-ए-कंज्यूमर: ...क्योंकि स्टूडेंट भी कंज्यूमर है

 ऐसे में कोचिंग इंस्टूट्यूट में पढ़ने वाला छात्र भी कंज्यूमर से कम नहीं. अगर सेवा में कमी है तो वो कॉलेज या इंस्टीट्यूट के खिलाफ केस कर सकता है. 

गिरिजेश कुमार | Jan 4, 2019, 01:51 PM IST
डियर जिंदगी: असफल बच्‍चे के साथ!

डियर जिंदगी: असफल बच्‍चे के साथ!

बच्‍चों की परवरिश में अपेक्षा जितनी कम होगी, वह अपने नैसर्गिक गुण के उतने अधिक नजदीक होंगे. तनाव, डिप्रेशन उन्‍हें कम से कम छू पाएंगे!

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Jan 4, 2019, 10:17 AM IST
डियर जिंदगी : बच्‍चों को अपने जैसा नहीं बनाना !

डियर जिंदगी : बच्‍चों को अपने जैसा नहीं बनाना !

जब त‍क हम बच्‍चों को संपत्ति की तरह प्रेम करना नहीं छोड़ते. हम उनके साथ जीवन का आनंद नहीं ले सकते.

दयाशंकर मिश्र | Jan 3, 2019, 09:28 AM IST
डियर जिंदगी : क्‍या कहना है, बच्‍चों से!

डियर जिंदगी : क्‍या कहना है, बच्‍चों से!

बच्‍चे केवल स्‍कूल में ही असफल होते हैं! स्‍कूल के सहारे बच्‍चों को मत छोडि़ए. उनका जीवन संवारने की जिम्‍मेदारी हमारी है, स्‍कूल की नहीं. बच्‍चा आपका है, स्‍कूल का नहीं. इसे बहुत अच्‍छी तरह समझना होगा.

दयाशंकर मिश्र | Jan 2, 2019, 09:52 AM IST
Opinion: मुझे गंगा के प्रति न प्यार है, न श्रद्धा बल्कि नफरत है

Opinion: मुझे गंगा के प्रति न प्यार है, न श्रद्धा बल्कि नफरत है

बलिया में मौजूद है हरिहरपुर गांव. इस गांव में रहने वाली रूपकली देवी गंगा से नफरत करती हैं क्योंकि वो अपने उजड़े हुए घर और परिवार की वजह गंगा को मानती है.

पंकज रामेंदु | Jan 1, 2019, 11:51 PM IST
किस्सा-ए-कंज्यूमर: शॉपिंग से डर नहीं लगता साहब! नकली सामान से लगता है

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नए कानून में ई-कॉमर्स कंपनियों को एग्रीगेटर या प्लेटफॉर्म मुहैया कराने वाले की जगह सर्विस प्रोवाइडर का दर्जा दिया गया है, लिहाजा गड़बड़ी होने पर सेलर के साथ ही उन पर भी कानून का हंटर चलेगा. नए कानून के तहत कंज्यूमर जिस इलाके में रहता है वहीं से शिकायत की ई-फाइलिंग कर सकेगा.

गिरिजेश कुमार | Jan 1, 2019, 11:00 PM IST
डियर जिंदगी: जोड़े रखना ‘मन के तार’!

डियर जिंदगी: जोड़े रखना ‘मन के तार’!

‘इस बरस आपके मन के तार उन सबसे जुड़े रहें, जिन्‍हें आप प्रेम करते हैं. जो आपको स्‍नेह करते हैं. उनकी आत्‍मीयता, स्‍नेहन के आंगन में आपको जिंदगी के सबरंग मिले!’

दयाशंकर मिश्र | Jan 1, 2019, 08:39 AM IST
डियर जिंदगी: हंसी एक तरह की निकटता है!

डियर जिंदगी: हंसी एक तरह की निकटता है!

अकेलापन अनायास आई अपरिचित चुनौती नहीं, बल्कि यह उस कमी से  उपजी है, जिसे हम अपनेपन के नाम से जानते हैं.

दयाशंकर मिश्र | Dec 31, 2018, 08:21 AM IST
2018 : किसान सक्रियता के नाम यह साल

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राजनीतिक विश्लेषक भी मान रहे हैं देश के तीन बड़े हिंदी भाषी राज्यों में बड़ी भूमिका किसान आधारित मुद्दों की रही. इसे किसानों के एक राजनीतिक शक्ति के रूप में उबरने के तौर पर क्यों नहीं देखा जाना चाहिए.

सुविज्ञा जैन | Dec 29, 2018, 09:21 PM IST
निजता का अधिकार बनाम साइबर सुरक्षा की जंग

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अब सोशल मीडिया यूजर्स की निजता, इंटरमीडिटीयरिज की उपभोक्ताओं के प्रति दायित्व और व्यापार नीति तथा सरकारी दिशानिर्देशों का त्रिकोणीय चक्रव्यू सा हो गया है.

विनय जायसवाल | Dec 28, 2018, 09:05 PM IST
फिल्मों पर प्रतिबंध की राजनीति गलत, चाहे कोई भी लगाए...

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मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार को चिंता है कि कहीं 'द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर' फिल्म से मनमोहन सिंह या कांग्रेस पार्टी की छवि खराब न हो जाए.

पीयूष बबेले | Dec 28, 2018, 02:45 PM IST
डियर ज़िंदगी: 'रुकना' कहां है!

डियर ज़िंदगी: 'रुकना' कहां है!

जो हमें पसंद है वह कहां छूट गया! उन चीजों के लिए हमारे पास समय नहीं है, जिनसे हमें ऊर्जा मिलती है. जो हमारे होने का मूल आधार हैं.

दयाशंकर मिश्र | Dec 28, 2018, 08:28 AM IST
किस्सा-ए-कंज्यूमर: रुकावट के लिए 'कंज़्यूमर कोर्ट' है

किस्सा-ए-कंज्यूमर: रुकावट के लिए 'कंज़्यूमर कोर्ट' है

अगर कोई कंपनी वारंटी पीरियड में सही सर्विस देने से इनकार करें तो तो कंज्यूमर कोर्ट का दरवाजा खटखटाने में संकोच न करें. आपकी जीत दूसरे कंज्यूमर्स के लिए नज़ीर बनेगी.

गिरिजेश कुमार | Dec 28, 2018, 12:10 AM IST
मां के हाथों के स्वेटर में जो बात थी वो फैशनेबल कोट में कहां...

मां के हाथों के स्वेटर में जो बात थी वो फैशनेबल कोट में कहां...

जिनके पास मां 24 घंटे रहती है अमूनन उन बच्चों को उसके साथ होने की कद्र नहीं होती है, लेकिन घर से दूर रहने वाले लोग मां को कितना मिस करते हैं. ये वही जानते हैं और उनके सिवाय कोई भी इस दर्द को महसूस नहीं सकता है.

आशु दास | Dec 27, 2018, 05:21 PM IST
अगर गांधी को ढंग से समझते तो घाना में उनकी प्रतिमा न हटाते

अगर गांधी को ढंग से समझते तो घाना में उनकी प्रतिमा न हटाते

दिसंबर 2018 में घाना के एक विश्वविद्यालय से गांधी जी की मूर्ति हटाने की घटना का पूरा प्रामाणिक विश्लेषण...

चिन्मय मिश्र | Dec 27, 2018, 03:43 PM IST