सचिन, विजेंदर, मेरीकॉम समेत भारतीय खिलाड़ियों ने महान मुक्केबाज मोहम्मद अली को किया याद

विजेंदर सिंह और एमसी मेरीकाम से लेकर शिव थापा तक भारतीय मुक्केबाजों ने महान मुक्केबाज मोहम्मद अली के निधन पर आज शोक व्यक्त किया। अली का 32 साल तक पर्किन्सन की बीमारी से जूझने के बाद कल रात अमेरिका में निधन हो गया। 

सचिन, विजेंदर, मेरीकॉम समेत भारतीय खिलाड़ियों ने महान मुक्केबाज मोहम्मद अली को किया याद

नयी दिल्ली: विजेंदर सिंह और एमसी मेरीकाम से लेकर शिव थापा तक भारतीय मुक्केबाजों ने महान मुक्केबाज मोहम्मद अली के निधन पर आज शोक व्यक्त किया। अली का 32 साल तक पर्किन्सन की बीमारी से जूझने के बाद कल रात अमेरिका में निधन हो गया। 

इस तीन बार के विश्व हैवीवेट चैंपियन को फीनिक्स अस्पताल में गुरूवार को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया था। वह 74 साल के थे। विजेंदर ने अली के निधन की खबर सुनने के बाद कहा, ‘अली महानतम थे और महान व्यक्ति कभी मरते रहे। इस खेल के लिये उन्होंने जो कुछ किया उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। यहां तक कि रिंग के बाहर के अपने कार्यों से भी वह अमर बन गये। उन्होंने कई लोगों के लिये बहुत कुछ किया।’ 

अली का जन्म 17 जनवरी 1942 को कैसियास क्ले के रूप में हुआ था लेकिन बाद में उन्होंने इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था। उनके नौ बच्चे हैं जिनमें बेटी लैला भी है जो अपने पिता की तरह विश्व चैंपियन मुक्केबाज है। इसके अलावा उनके परिवार में चौथी पत्नी लोनी है। पांच बार की विश्व चैंपियन मेरीकॉम ने कहा, ‘यह मुक्केबाजी के लिये बहुत बड़ा नुकसान है। मुझे निजी तौर पर नुकसान का अहसास हो रहा है क्योंकि उन्होंने मुझे और मुझ जैसे कई लोगों को प्रेरित किया। उन्हें हमेशा दमदार मुक्केबाज और साथ ही दमखम वाले व्यक्ति के रूप में याद किया जाएगा। यह खेलों के लिये दुखद दिन है।’ 

अभी तक रियो ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाले एकमात्र भारतीय मुक्केबाज शिव थापा ने कहा कि अली हमेशा मुक्केबाजी के पर्याय बने रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘इससे वास्तव में मैं काफी दुखी हूं कि एक महान मुक्केबाज हमारे बीच नहीं रहा। लेकिन महान व्यक्ति कभी मरते नहीं हैं। वे अपने उन कामों के कारण हमेशा जीते हैं जो उन्होंने अपनी जिंदगी में किये। वह हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेंगे। वह भले ही व्यक्ति के रूप में मौजूद नहीं रहेंगे कि लेकिन उनका नाम हमेशा जिंदा रहेगा क्योंकि जब भी कोई मुक्केबाजी की बात करेगा तो जेहन में पहला नाम अली का आएगा।’ 

राष्ट्रमंडल खेलों के पूर्व चैंपियन और भारत के सबसे सफलतम मुक्केबाजों में से एक अखिल कुमार ने भी इस दिग्गज को श्रद्वांजलि दी। उन्होंने ट्वीट किया, ‘आपको हमेशा लीजेंड के तौर पर याद किया जाएगा। मेरे लिये और कई अन्य के सच्चे नायक।’ मुक्केबाजी जगत ही नहीं बल्कि अन्य खेलों से जुड़ी हस्तियों ने भी उन्हें नमन किया। पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने ट्वीट किया, ‘सर्वकालिक महान खिलाड़ी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।’ पूर्व ओलंपिक रजत पदक विजेता निशानेबाज और वर्तमान सरकार में मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ट्वीट किया, ‘संभवत: सबसे महान खिलाड़ी मोहम्मद अली नहीं रहे। नमन।’ टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने लिखा, ‘महानतनम मोहम्मद अली का निधन, वास्तव में बेहद दुखद खबर।’ अली के निधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने कहा कि उनकी इस महान मुक्केबाज से मिलने की दिली तमन्ना थी जो अब पूरी नहीं हो पाएगी।

तेंदुलकर ने ट्वीट किया, ‘बचपन से ही वह मेरे आदर्श थे। मेरी उनसे मिलने की दिली तमन्ना थी लेकिन अब ऐसा कभी नहीं हो पाएगा। आरआईपी ‘द ग्रेटेस्ट’। शतरंज के महानायक विश्वनाथन आनंद ने भी उन्हें श्रद्वांजलि दी। उन्होंने अपने ट्विटर पेज पर लिखा, ‘‘खिलाड़ी महत्वकांक्षा से उत्कृष्टता हासिल करते हैं। हम कुछ ऐसे लोगों की तरफ देखते हैं जो हमें आगे बढ़ने के लिये प्रेरित करते हैं। ऐसा ही एक नाम था मोहम्मद अली। ‘तितली की तरह मंडराओ और मधुमक्खी की तरह डंक मारो’ : योग्य और पर्याप्त शक्तिशाली बनो : वाली बात अब पहले जैसी नहीं रहेगी। श्रद्धासुमन महान मोहम्मद अली।’