एशियन गेम्‍स में विरोध जताने के लिए एआईबीए ने मुक्‍केबाज सरिता देवी को किया निलंबित

ऑल इंडिया बॉक्सिंग एसोसिएशन (एआईबीए) ने पोडियम पर विरोध जताने के लिए एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज सरिता देवी को अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है। साथ ही, सरिता देवी के कोच जीएस संधु को भी निलंबित किया गया है।

एशियन गेम्‍स में विरोध जताने के लिए एआईबीए ने मुक्‍केबाज सरिता देवी को किया निलंबित

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो

नई दिल्‍ली : एशियाई खेलों में कांस्य पदक स्वीकार करने से इनकार करने वाली भारत की महिला मुक्केबाज लैशराम सरिता देवी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए ऑल इंडिया बॉक्सिंग एसोसिएशन (एआईबीए) ने उसे अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है। एआईबीए ने पोडियम पर विरोध जताने के लिए सरिता देवी के साथ उनके कोच जीएस संधु को भी निलंबित किया है। गौर हो कि एशियन गेम्‍स के दौरान सरिता देवी ने अपने मुकाबले में पक्षपात का आरोप लगाते हुए मेडल लेने से इनकार कर दिया था।

एक विवादास्पद फैसले के खिलाफ विरोध दर्ज कराते हुए सरिता ने इंचियोन एशियाई खेलों में पदक वितरण समारोह के दौरान पदक गले में पहनने से इनकार कर दिया था। एआईबीए ने एक बयान में कहा कि एआईबीए ने सरिता के कोचों (गुरबख्श सिंह संधू, ब्लास इग्लेसियास फर्नांडिस और सागर मल दयाल) के अलावा इंचियोन एशियाड में भारत के दल प्रमुख रहे आदिले जे सुमरिवाला को भी अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया है। उन्हें किसी भी स्तर की प्रतिस्पर्धा, बैठक और आयोजन में आगामी सूचना तक भाग लेने नहीं दिया जाएगा। यह मामला एआईबीए के अनुशासन आयोग को समीक्षा के लिये भेज दिया गया है। इसके मायने हैं कि सरिता, तमाम कोच और सुमरिवाला कोरिया में होने वाली एआईबीए महिला विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में शिरकत नहीं कर सकेंगे।

एशियन गेम्‍स के महिला मुक्‍केबाजी के सेमीफाइनल में विवादास्पद मुकाबला हारने से निराश भारतीय मुक्केबाज सरिता देवी ने अधिकारियों और दर्शकों को उस समय स्तब्ध कर दिया था जब उन्होंने कांस्य पदक स्वीकार करने से इनकार कर दिया। लाइटवेट (60 किग्रा) मुक्केबाज कल उस समय हैरान रह गई थी जब उन्हें मेजबान देश की खिलाड़ी जिना पार्क के खिलाफ हारा हुआ करार दिया गया। पार्क ने बाद में रजत पदक जीता। सरिता स्पष्ट तौर पर दोनों मुक्केबाजों के बीच बेहतर थी लेकिन जजों को ऐसा नहीं लगा। भारत ने बाद में जजों के फैसले के खिलाफ अपील भी की जो उसके खिलाफ गई। यह मुक्केबाज इसके बाद पदक वितरण समारोह में आंखों में आंसू लेकर आई। पोडियम पर रो रही सरिता ने पहले तो पदक लेने से इनकार कर दिया और फिर बाद में उन्होंने पार्क को गले लगाने के बाद इसे उन्हें ही सौंप दिया। पूर्व एशियाई और विश्व चैम्पियन सरिता इसके बाद समारोह से चली गई। इस पूरी घटना से सकते में आई पार्क ने इसके बाद पदक को पोडियम पर रखा दिया और बाहर चली गई। वहीं, भारतीय दलों और दर्शकों को हालांकि उस समय हैरानी हुई जब जजों ने पार्क को विजेता घोषित कर दिया था।