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वाड्रा लैंड डील के बाद चर्चित हुए अशोक खेमका और हरियाणा खिलाड़ियों के बीच क्यों ठनी

हरियाणा सरकार ने सभी खिलाड़ियों से पेशेवर समारोह से मिलने वाली पुरस्कार राशि और विज्ञापनों से मिलने वाले पैसों का एक-तिहाई हिस्सा देने की बात कही है.

वाड्रा लैंड डील के बाद चर्चित हुए अशोक खेमका और हरियाणा खिलाड़ियों के बीच क्यों ठनी

नई दिल्ली : हरियाणा सरकार ने अपने राज्य के खिलाड़ियों ने लिए शुक्रवार को नया फरमान जारी कर दिया. राज्य सरकार ने सभी खिलाड़ियों से पेशेवर समारोह से मिलने वाली पुरस्कार राशि और विज्ञापनों से मिलने वाले पैसों का एक-तिहाई हिस्सा देने की बात कही है. सरकार द्वारा जारी 30 अप्रैल की इस अधिसूचना में कहा गया है कि खिलाड़ियों से लिया गया यह एक-तिहाई धन हरियाणा में खेल के और उभरती प्रतिभाओं के विकास में इस्तेमाल किया जाएगा.

इस आदेश को हरियाणा सरकार के खेल विभाग के प्रिंसीपल सेक्रेटरी अशोक खेमका की ओर से जारी किया गया है. इस आदेश के बाद हरियाणा के खिलाड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा है. खासकर रेसलर योगेश्वर दत्त ने सीधे सीधे अशोक खेमका पर निशाना साधा है. हालांकि उन्होंने उनका नाम नहीं लिया है. उन्होंने ट्वीट कर इस पूरे मुद्दे के लिए उन्हें ही जिम्मेदार बता दिया है. उन्होंने तो यहां तक धमकी दी है कि इससे खिलाड़ी हरियाणा के बाहर ही पलायन कर जाएंगे.

अपने दूसरे ट्वीट में योगेश्वर दत्त ने बिना किसी का नाम लिए लिखा है कि सरकार के अधिकारी खिलाड़ियों को परेशान करने के लिए नए नए पैंतरे खोजते हैं.

योगेश्वर के अलावा दो बार के ओलंपिक चैंपियन सुशील कुमार ने सरकार से कहा है कि ये नीति पूरी तरह से गलत है. सरकार को चाहिए कि वह जब भी खिलाड़ियों से संबंधित कोई नीति बनाएं तो खिलाड़ियों से इस बारे में पूछें. साथ ही कमेटी में खिलाड़ियों को भी रखें.

वहीं फोगाट बहनों ने सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है. बबीता फोगाट ने कहा, वह इस फैसले से काफी दुखी हैं. वहीं गीता ने कहा कि सरकार का ये फैसला खिलाड़ियों के खिलाफ है.

हरियाणा सरकार की ओर से खेमका ने दी ये सफाई
इस पूरे मामले पर हरियाणा सरकार के स्पोटर्स एंड यूथ अफेयर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी अशोक खेमका का कहना है कि ये नियम हरियाणा के सभी खिलाड़ियों पर लागू नहीं होता है. ये केवल उन खिलाड़ियों के लिए है, जिन्हें हरियाणा सरकार ने नौकरी दी है. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए खेमका ने कहा, जो भी खिलाड़ी हरियाणा सरकार की नौकरी में है, अगर वह प्रोफेशनली किसी खेल से जुड़ता है तो हमने उससे उसकी रकम का सिर्फ एक तिहाई पैसा जमा करने के लिए कहा है. उन्होंने बॉक्सर विजेंदर सिंह का उदाहरण दिया.

गौरतलब है कि हरियाणा के आईएएस अफसर अशोक खेमका वाड्रा लैंड डील के मामले में चर्चित हुए थे. उस समय उनके ट्रांसफर के कारण कांग्रेस सरकार को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था.