पिता ने जानवरों का खाना खाया ताकि मैं ट्रेनिंग कर सकूं, गोमती ने सुनाई दर्दभरी दास्तान

30 साल की एथलीट गोमती ने महिलाओं की 800 मीटर दौड़ में दो मिनट 02.70 सेकंड का समय निकालकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और भारत को सोने का तमगा दिलाया था.

पिता ने जानवरों का खाना खाया ताकि मैं ट्रेनिंग कर सकूं, गोमती ने सुनाई दर्दभरी दास्तान
एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 800 मीटर की सरप्राइज़ विजेता गोमती मारीमुथु. (ANI)

नई दिल्ली: कतर में हुई एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप (Asian Athletics Championships) में गोल्ड मेडल जीतने वाली तमिलनाडु की एथलीट गोमती मारीमुथु (Gomathi Marimuthu) कांटों भरा सफर तय करके इस मुकाम तक पहुंची हैं. तमिलनाडु के तिरूचिरापल्लि के नजदीक एक गांव में रहने वाली इस महिला खिलाड़ी ने एक पत्रकार वार्ता के दौरान इस सफलता का श्रेय अपने पिता को दिया. उनके पिता का कुछ साल पहले ही निधन हो चुका है.

एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 800 मीटर की सरप्राइज़ विजेता गोमती मारीमुथु ने अपने दिवंगत पिता को एक भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. वहीं, चेन्नई लौटने के दौरान कठिनाइयों का वर्णन करते हुए बताया, "जब मैंने खेलने की शुरुआत की थी, तब मेरे पिता के पैर में बीमारी थी और वह चलने में असमर्थ थे. हमारे कस्बे से शहर तक जाने के लिए बस की सुविधा भी नहीं थी. तब पिता के पास एक दोपहिया वाहन था और यह हमारे लिए एक बड़ी बात थी. मेरे कस्बे में बिजली नहीं थी और सड़कें भी अच्छी नहीं थीं,"

30 साल की इस एथलीट ने आगे बताया, "अगर मैं सुबह 4 बजे उठती, तो ही शहर के लिए 4.30 बस पकड़ सकती थी. इसलिए मेरे पिता मुझे 4 पर उठाते थे. उस दौरान अगर मेरी मां की तबीयत ठीक नहीं होती थी, तो पिता खुद मुझे उबला दूध और पानी जैसी चीजें दे देते थे."

पिता की याद में रोने लगीं
अपने पिता को याद करते हुए गोमती ने कहा, ''चूंकि मैं स्पोर्ट्स में थी और हमारे पास एक एथलीट की डाइट को पूरा करने के लिए खाना नहीं था, इसलिए पिता मेरे लिए कुछ अलग खाना रख देते थे और खुद जानवरों के लिए रखा खाना खाते थे. मैं उस वक्त को कभी नहीं भूल सकती." वह अपने पिता को याद करते हुए रोने लगीं. इस दौरान आंखों में आंसू लिए इस एथलीट ने कहा, "अगर आज मेरे पिता होते, तो मैं उन्हें भगवान की तरह मानती."

यह भी पढ़ें- एशियाई एथलेटिक्स: गोमती ने भारत को दिलाया पहला गोल्ड मेडल, शिशुपाल ने सिल्वर

सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
गोमती ने महिलाओं की 800 मीटर दौड़ में दो मिनट 02.70 सेकंड का समय निकालकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और भारत को सोने का तमगा दिलाया था. इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ''कोच ने पहले ही मुझसे कहा था कि अगर आप आत्मविश्वास से दौड़ती हैं, तो जरूर मेडल जीतोगी. इसका मुझे विश्वास भी था, मैंने बहुत अच्छा अभ्यास किया था.”

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में जॉब
इस धाविका का अगला लक्ष्य वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करने का है. बेंगलुरु में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की एम्पलॉयी गोमती ने बताया, ‘‘मेरा अगला लक्ष्य इस साल के आखिर में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करने का है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं ओलंपिक में भाग लेना चाहती हूं और इसकी तैयारी कर रही हूं. अब ज्यादा लोग और सरकार मेरा समर्थन कर रहे है. मैं तोक्यो ओलंपिक का टिकट कटाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हूं.’’

खेतीहर मजदूर की बेटी
खेतीहर मजदूर (दिवंगत मारीमुथु) की बेटी ने कहा कि विगत वर्षों में अगर वह चोटिल नहीं होती और उन्हें पहले से समर्थन मिला होता तो वह और अच्छा कर सकती थीं. उन्होंने कहा, ‘‘इस प्रदर्शन से पहले मुझे कोई नहीं जानता था, अब हर कोई मुझे जानता है. तमिलनाडु सरकार सहित मुझे कई जगहों से मदद मिल रही है. चोट के कारण अगर मेरे कुछ साल खराब नहीं होते मुझे पहले से समर्थन मिला होता तो मेरा प्रदर्शन और भी अच्छा हो सकता था.’’

एथलीटों को 25 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक ने राज्य के दो एथलीटों को 25 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की है. इनमें कतर में हाल ही में हुई एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली गोमती मारीमुथु भी शामिल हैं. मारीमुथु और अरोकिया राजीव द्वारा महिलाओं की 800 मीटर तथा 4x400 मीटर मिश्रित रिले में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ओ पनीरसेल्वम तथा के पलानीस्वामी ने सराहना की. उन्होंने गोमती को 15 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की.

15 लाख रुपए की राशि
दोनों नेताओं ने इस दौरान जिक्र किया कि पार्टी की प्रमुख तथा दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता ने खिलाड़ियों को पर्याप्त सुविधाएं मुहैया करा कर हमेशा राज्य में खेल को बढ़ावा दिया है. पार्टी की ओर से जारी एक बयान में दोनों नेताओं ने कहा, ‘‘उसी तर्ज पर हम अन्नाद्रमुक की ओर से गोमती को 15 लाख रुपए और अरोकिया को 10 लाख रुपए देने की घोषणा करते हैं. गोमती ने स्वर्ण पदक जीता है.’’ इससे पहले द्रमुक ने भी गोमती को 15 लाख तथा राजीव को पांच लाख रुपए देने की घोषणा की थी.