Asian Boxing Championships: Sanjeet Kumar का Gold पर कब्जा, Amit Panghal और Shiva Thapa को Silver
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Asian Boxing Championships: Sanjeet Kumar का Gold पर कब्जा, Amit Panghal और Shiva Thapa को Silver

रियो ओलंपिक के गोल्ड मेडल विनर और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन उज्बेकिस्तान के जोइरोव शाखोबिदीन ने 2019 की वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले की तरह एक बार फिर से अमित पंघाल को 3-2 से हराया. 

Asian Boxing Championships: Sanjeet Kumar का Gold पर कब्जा,  Amit Panghal और Shiva Thapa को Silver

दुबई: पूर्व चैम्पियन अमित पंघाल (52 किग्रा), शिव थापा (64 किग्रा) को एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप (Asian Boxing Championship) के करीबी मुकाबले में हार के साथ सिल्वर मेडल के साथ संतोष करना पड़ा. भारत ने हालांकि पंघाल के मैच के नतीजे के खिलाफ रिव्यू की मांग की, जिसे जूरी ने खारिज कर दिया.

भारतीय मुक्केबाजों में सिर्फ संजीत कुमार (91 किलो) को एशियाई मुक्केबाजी चैम्पियनशिन में स्वर्ण पदक मिला जिसने ओलंपिक पदक विजेता वैसिली लेविट को हराया. संजीत कुमार ने लेविट को 4 . 1 से मात दी और इस टूर्नामेंट में अपनी बादशाहत कायम की.

रियो ओलंपिक के गोल्ड मेडल विनर और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन उज्बेकिस्तान के जोइरोव शाखोबिदीन ने 2019 की वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले की तरह एक बार फिर से पंघाल को 3-2 से हराया. पंघाल को दूसरे दौर में विरोधी मुक्केबाज पर पूरी तरह से भारी पड़े थे जबकि उनके पक्ष में खंडित फैसला दिया गया. रिव्यू के नतीजे के बारे में बाद में पता चलेगा.
 

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भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (Boxing Federation of India) ने ट्वीट किया,‘भारतीय मुक्केबाजी महासंघ ने ट्वीट किया है कि एएसबीसी फाइनल में अमित पंघाल की अप्रत्याशित हार के खिलाफ अपील करेगा.’

 

अमित पंघाल (Amit Panghal) ने मैच के बाद अपने कोच का जिक्र करते हुए ट्वीट किया, ‘ मैं इस सिल्वर मेडल (Silver Medal) को अपने कोच अनिल धनकड़ (Anil Dhankhar) के नाम करता हूं.’

 

थापा भी इसी अंतर से मंगोलिया के मंगोलिया के बातरसुख चिनजोरिग से हार गए. इस टूर्नामेंट में थापा का यह पांचवां मेडल है. उन्होंने ल्रगातार दूसरी बार रजत पदक हासिल किया. दोनों मुकाबलों में भारतीय मुक्केबाजों ने दमदार खेल दिखाया लेकिन जजों का फैसला उनके पक्ष में नहीं रहा.

 

पहले मुकाबले में तोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके दोनों मुक्केबाजों के बीच पहले दौर से ही तगड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली. जोइरोव पहले दौर में भारी पड़े तो पंघाल ने दूसरे दौर में अपने खेल का स्तर ऊंचा उठाया और प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी की फुर्ती और मुक्कों से बचने में सफल रहे.

पंघाल ने आंख में चोट लगने के बाद भी तीसरे दौर में दमदार खेल दिखाया और इस दौर में जजों से उन्हें ज्यादा अंक मिले लेकिन कुल अंकों के आधार पर वह पिछड़ गए. थापा ने भी मंगोलियाई मुक्केबाज के खिलाफ पहले दौर में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की थी. भारत ने संख्या के मामले में इस टूर्नामेंट में 15 पदकों के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. टीम ने इससे पहले 2019 में दो स्वर्ण सहित 13 पदक हासिल किए थे.

 

रविवार को गत चैम्पियन पूजा रानी (75 किग्रा) ने स्वर्ण पदक हासिल किया जबकि छह बार की विश्व चैम्पियन एमसी मैरीकॉम (51 किग्रा) और टूर्नामेंट में पदार्पण कर रही लालबुतसाही (64 किग्रा) और अनुपमा (81 किग्रा से अधिक) को फाइनल में हारने के बाद में रजत पदक से संतोष करना पड़ा था.

इससे पहले 8 भारतीय मुक्केबाज सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), विकास कृष्ण (69 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा), जैस्मीन (57 किग्रा), साक्षी चौधरी (64 किग्रा), मोनिका (48 किग्रा), स्वीटी (81 किग्रा) और वरिंदर सिंह (60 किग्रा) को कांस्य पदक मिला है.

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