एशियाई खेल 2018 : भारतीय महिला कबड्डी टीम का विजयी आगाज, जापान को रौंदा

कबड्डी एक ऐसा खेल है, जिसमें भारत का शुरू से दबदबा रहा है. इस खेल में भारत का स्वर्ण लगभग पक्का है और भारत ने कबड्डी की शुरुआत जीत के साथ कर भी दी है.

एशियाई खेल 2018 : भारतीय महिला कबड्डी टीम का विजयी आगाज, जापान को रौंदा
महिला कबड्डी टीम ने जापान को रौंदा, भारतीय दल की पहली जीत (स्क्रीनग्रेब)

जकार्ता : भारतीय महिला कबड्डी टीम ने रविवार (19 अगस्त) को जकार्ता में 18वें एशियाई खेलों में अपने अभियान का विजयी आगाज किया. भारतीय टीम ने ग्रुप-ए में खेले गए मैच में जापान को 43-12 से करारी शिकस्त दी. एशियाई खेलों में भारतीय महिला टीम ने 2010 से हिस्सा लेना शुरू किया और पदार्पण के साथ ही स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया. इसके बाद, 2014 में हुए एशियाई खेलों में ईरान को मात देने के साथ भारतीय टीम ने दूसरी बार स्वर्ण पदक हासिल किया. ऐसे में भारतीय महिला टीम एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक की हैट्रिक लगाने की ओर विजयी शुरुआत कर चुकी है. 

कबड्डी एक ऐसा खेल है, जिसमें भारत का शुरू से दबदबा रहा है. इस खेल में भारत का स्वर्ण लगभग पक्का है और भारत ने कबड्डी की शुरुआत जीत के साथ कर भी दी है. भारत की तरफ से कप्तान पायल चौधरी, लेफ्ट डिफेंडर साक्षी कुमारी, रणदीप और रितु ने बेहतरीन प्रदर्शन किया. भारतीय टीम की अनुभवी डिफेंडर साक्षी मलिक ने शुरू से ही जापान को पूरी तरह दबाव में रखा. इसी का नतीजा था कि खेल के दौरान जापान ऐसी स्थिति में एक बार भी नहीं दिखा कि वह वापसी कर सके. भारत ने पहला हाफ 19-8 से अपने पक्ष में किया. इसके बाद दूसरे हाफ में भारत ने जापान को दबाव की स्थिति में रखा. दूसरे हाफ में भारत ने 24 अंक हासिल किए जबकि जापान की टीम सिर्फ 4 अंक हासिल कर सकी. इस तरह भारत ने अपना पहला मैच 43-12 के बड़े अंतर के साथ जीत लिया. अब भारतीय महिला कबड्डी की टीम अपना दूसरा मुकाबला 20 अगस्त को थाईलैंड के खिलाफ खेलेगी.

जापान के खिलाफ भारतीय टीम शुरुआत से ही हावी रही और प्रतियोगिता के पहले दिन अपने पहले ही मैच में शानदार जीत दर्ज की. भारतीय महिला टीम की नजरें इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में खिताबी हैट्रिक पर टिकी हैं. जापान की टीम बिल्कुल भी चुनौती पेश नहीं कर पाई और दोनों टीमों के बीच का अंतर शुरू से ही नजर आने लगा था. खिताब की प्रबल दावेदार भारतीय पुरुष टीम भी अपने अभियान की शुरुआत बांग्लादेश के खिलाफ करेगी जबकि शाम को श्रीलंका से भिड़ेगी.

36 खेलों में हिस्सा ले रहा है भारत 
इसी साल अप्रैल में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में आयोजित किए गए राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतरीन सफलता हासिल की थी और कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम दर्ज कराई थीं. पूरे देश को उम्मीद है कि चार साल में एक बार होने वाले इन एशियाई खेलों में उतरने वाले भारत के 572 खिलाड़ी उस सफलता को दोहराएंगे और इन खेलें में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देंगे. भारत 36 खेलों में हिस्सा ले रहा है.

एशियन गेम्स में ऐसा रहा है भारत का इतिहास 
1962 में भारत ने जकार्ता में 52 पदक जीते थे जिसमें से 12 स्वर्ण, 13 रजत और 27 कांस्य पदक थे. इस संस्करण में भारत तीसरे स्थान पर रहा था. वहीं अगर पिछले तीन संस्करणों की बात की जाए तो भारत तीनों बार 50 से ज्यादा पदक लेकर आया है. 

2006 में दोहा में आयोजित किए गए खेलों में भारत 53 पदकों के साथ आठवें स्थान पर था. इनमें से 10 स्वर्ण, 17 रजत और 26 कांस्य पदक थे. चीन के गुआंगझाऊ में 2010 में हुए अगले संस्करण में भारत ने एशियाई खेलों में अभी तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है. इस साल भारत ने कुल 65 पदक जीते थे जिसमें से 14 स्वर्ण, 17 रजत और 34 कांस्य पदक थे. 2010 में भारत छठे स्थान पर रहा था. 

इंचियोन में भारत ने 57 पदक अपने नाम करते हुए आठवां स्थान हासिल किया. इस साल भारत ने 11 स्वर्ण, 10 रजत और 36 कांस्य पदक जीते थे. बता दें कि इन खेलों की शुरुआत 1951 में नई दिल्ली से हुई थी. जकार्ता इससे पहले 1962 में एशियाई खेलों के चौथे संस्करण की मेजबानी कर चुका है. अब उसके जिम्मे 18वें संस्करण की मेजबानी को सफल बनाने का दारोमदार है. जकार्ता के अलावा पालेमबांग में भी कई खेल आयोजित किए जाएंगे. 

(भाषा इनपुट के साथ)