Asian Games 2018 : बॉक्सिंग में अमित पंघल ने जीता गोल्ड, भारत ने सबसे अधिक मेडल जीतने का रिकॉर्ड तोड़ा

अमित पंघल ने फाइनल में उज्बेकिस्तान के हसनबॉय दुसामातोव को हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया.

Asian Games 2018 : बॉक्सिंग में अमित पंघल ने जीता गोल्ड, भारत ने सबसे अधिक मेडल जीतने का रिकॉर्ड तोड़ा

जकार्ता : भारत के बॉक्सर अमित पंघल 18वें एशियाई खेलों के 14वें दिन शनिवार (1 सितंबर) को पुरुषों के 49 किलोग्राम भारवर्ग इवेंट का गोल्ड मेडल जीतने में सफल रहे हैं. कॉमनवेल्थ गेम्स के सिल्वर मेडल विजेता अमित ने फाइनल मुकाबले में रियो ओलम्पिक-2016 के गोल्ड मेडल विजेता उज्बेकिस्तान के हसनबॉय दुसामाटोव 3-2 से मात दी. अमित ओलम्पिक गोल्ड मेडल विजेता के सामने डट कर खड़े रहे और बेहतरीन मुकाबला करते हुए गोल्ड जीतकर ले गए. दोनों के बीच बेहद रोचक मुकाबला हुआ. अमित पंघल ने सेमीफाइनल में फिलीपींस के पालम कार्लो को 3-2 से मात देकर फाइनल में जगह पक्की की थी. 

Asian Games 2018: भारत ने पास सबसे अधिक 15 गोल्ड का रिकॉर्ड भी तोड़ने का मौका

अमित के इस गोल्ड मेडल के साथ भारत के पदकों की संख्या अब 66 हो गई है. इसमें से 14 गोल्ड, 23 सिल्वर और 29 ब्रॉन्ज पदक शामिल हैं. बता दें कि भारत ने एशियन गेम्स के 67 साल के इतिहास में सबसे ज्यादा मेडल 2010 में जीते थे. उसने तब ग्वांगझू गेम्स में 14 गोल्ड समेत कुल 65 मेडल जीते थे. अब भारत ने इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है, क्योंकि पदकों की संख्या 66 हो गई है और आज भारतीय महिला स्क्वॉश टीम भी एक मेडल लेकर आने वाली है. 

 

अमित के लिए फाइनल की राह आसान नहीं रही. उन्हें शुरू से काफी कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ा. इस मुकाबले में अमित का डिफेंस काम आया जिसके दम पर वह ज्यादा अंक बटोरने में सफल रहे. कार्लो पहले सेकेंड से ही बेहद आक्रामक थे और अमित पर मुक्के बरसा रहे थे. शुरुआत में अमित कमजोर पड़े, लेकिन वक्त रहते उन्होंने अपने गार्ड को संभाला और बेहतरीन रक्षात्मक खेल दिखाया. इस बीच वह कुछ अच्छे जैब मारने में भी सफल रहे.

दूसरे राउंड में अमित ने अपने डिफेंस को और मजबूत किया. साथ ही कार्लो को चकमा देने की नीति अपनाई जो कारगर साबित हुई. इस नीति ने अमित को आक्रामक खेलने का मौका भी दिया जिससे वह सटीक पंच मारने में कामयाब रहे.

Amit Panghal

तीसरे राउंड की शुरुआत अमित ने धैर्य के साथ की और कार्लो को गलती पर बाध्य किया. हालांकि कार्लो अमित पर कुछ पंच मारने में सफल रहे लेकिन अमित ने तुरंत आक्रामकता का जवाब आक्रामकता से दिया. मुकाबला इतना कड़ा था कि पांच रेफरियों में से तीन ने अमित के पक्ष में फैसला किया तो वहीं दो ने कार्लो के. 

बता दें कि 75 किलोग्राम भारवर्ग में स्वर्ण पदक के प्रबल दावेदार माने जा रहे विकास कृष्ण चोट के कारण सेमीफाइनल मुकाबले में नहीं उतर सके. विकास ने 2010 के एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक और 2014 में कांस्य पदक जीता था. वह अगर इस बार स्वर्ण जीतते तो एशियाई खेलों में दो स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के पहले मुक्केबाज बन जाते. अमित ने हालांकि विकास के हिस्से से आई निराशा की भरपाई करते हुए स्वर्ण पदक की उम्मीदों को जिंदा रखा था.