एशियन गेम्स 2018 : युवा निशानेबाजों अनीश और मनु को मिलेगी कड़ी चुनौती

अनीष ने जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में दो स्वर्ण पदक हासिल किए और उन्हें सीनियर स्तर पर अपनी काबिलियत साबित करनी है, जिससे एशियाई खेल उनके लिए बड़ी परीक्षा होंगे.

एशियन गेम्स 2018 : युवा निशानेबाजों अनीश और मनु को मिलेगी कड़ी चुनौती
शूटिंग में अनीश भनवाल और मनु भाकर से जुड़ी हैं उम्मीदें (फाइल फोटो)

पालेमबांग : भारत के युवा निशानेबाज अनीश भानवाला, मनु भाकर और इलावेनिल वालारिवान शुरू होने वाले एशियाई खेलों की निशानेबाजी स्पर्धा में पदक हासिल करने का प्रयास करेंगे लेकिन उनके लिये चीन और दक्षिण कोरिया कड़ी चुनौती पेश करेंगे. अनीश और मनु की उम्र क्रमश: 15 और 16 साल है. ये दोनों राष्ट्रमंडल खेलों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर सुर्खियों में रहे थे. लेकिन राष्ट्रमंडल में चुनौती एशियाई खेलों की तुलना में इतनी कड़ी नहीं थी और देखना होगा कि वे दबाव में कैसा प्रदर्शन करते हैं. भारत ने गोल्ड कोस्ट में सात स्वर्ण पदक जीते थे और देश ने एशियाई खेलों के इतिहास में इतने ही स्वर्ण पदक हासिल किए हैं. केवल चार निशानेबाज जसपाल राणा, रोंजन सोढी, रणधीर सिंह और जीतू राय ही यहां सोने का तमगा जीत सके हैं. 

जसपाल कोच के तौर पर यहां टीम के साथ हैं, वह पहले ही युवाओं पर दिए जा रहे गैरजरूरी ध्यान के बारे में बात कर चुके हैं. हालांकि वह उनके पदक जीतने की संभावनाओं से इनकार नहीं करते. मनु शुरुआती दिन अभिषेक वर्मा के साथ पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में उतरेंगी. वह पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता का स्वाद चख चुकी हैं, उन्होंने मार्च में गुआदालाजारा विश्व कप में दो स्वर्ण पदक जीते और इसके बाद वह गोल्ड कोस्ट में पोडियम पर रहीं. 

वहीं, अनीष ने जूनियर विश्व चैम्पियनशिप में दो स्वर्ण पदक हासिल किए और उन्हें सीनियर स्तर पर अपनी काबिलियत साबित करनी है, जिससे एशियाई खेल उनके लिए बड़ी परीक्षा होंगे. वहीं,19 वर्षीय इलावेनिल भी शानदार निशानेबाज हैं जिन्होंने साल के शुरू में विश्व रिकॉर्ड के साथ सिडनी जूनियर विश्व कप की 10 मीटर राइफल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर सुर्खियां बटोरीं थीं.

संजीव राजपूत गोल्ड कोस्ट में 50 मीटर राइफल थ्री पाजीशन में स्वर्ण पदक जीतने के बाद यहां पहला स्थान हासिल करने की कोशिश करेंगे. उन्हें भी इलावेनिल से काफी उम्मीदें हैं. उन्होंने कहा, ‘‘वह सचमुच काफी बढ़िया निशानेबाजी कर रही हैं. युवा निशानेबाज भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. राइफल और पिस्टल स्पर्धा में काफी अच्छे निशानेबाज हैं जो बेहतर कर रहे हैं. लेकिन पहले ऐसा नहीं था.’’ 

टीम स्पर्धा की अनुपस्थिति से भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा हैं राजपूत ने खुद 2006 से 2014 तक तीन टीम पदक जीते हैं और अब वह व्यक्तिगत पदक अपने नाम करने को प्रतिबद्ध हैं. 50 मीटर राइफल थ्री पाजीशन में अखिल शेरॉन अन्य भारतीय निशानेबाज हैं. 

अपूर्वी चंदेला और रवि कुमार कल जकाबारिंग शूटिंग रेंज की मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत का राइफल अभियान शुरू करेंगे. टीम में काफी युवा निशानेबाज हैं लेकिन सीनियर जैसे हीना सिद्धू (पिस्टल), मानवजीत सिंह संधू (ट्रैप) और श्रेयसी सिंह (ट्रैप) भी अच्छा प्रदर्शन करने को बेताब होंगे. 

भारत चार साल पहले इंचियोन एशियाई खेलों में एक स्वर्ण, रजत और सात कांस्य से निशानेबाजी स्पर्धा में आठवें स्थान पर रहा था. चीन ने 27 स्वर्ण सहित 50 पदकों से पहला स्थान हासिल किया था और फिर से उसके दबदबा बनाने की उम्मीद है.