बत्रा आईओए के अध्यक्ष और मेहता महासचिव बने

आनंदेश्वर पांडे कोषाध्यक्ष और आर के आनंद सीनियर उपाध्यक्ष चुने गए . आनंद ने जे एस गेहलोत को 35 के मुकाबले 96 मतों से हराया.

बत्रा आईओए के अध्यक्ष और मेहता महासचिव बने
नरिंदर बत्रा की भारी मतों से विजयी हुए . (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:  अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा आज भारी बहुमत से अगले चार साल के लिए भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष चुने गए जबकि राजीव मेहता फिर महासचिव चुन लिए गए. 60 बरस के बत्रा को 142 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी अनिल खन्ना को 13 वोट मिले.अध्यक्ष पद के लिए बत्रा का चुनाव औपचारिकता मात्र था क्योंकि अखिल भारतीय टेनिस संघ के अध्यक्ष अनिल खन्ना ने पिछले सप्ताह दौड़ से नाम वापिस ले लिया था.

अध्यक्ष पद के लिए हालांकि चुनाव कराया गया क्योंकि खन्ना ने आईओए द्वारा नियुक्त चुनाव आयोग को तीन दिसंबर की समय सीमा के बाद मैदान से हटने के अपने फैसले से अवगत कराया था. निवृतमान महासचिव राजीव मेहता को दूसरी बार निर्विरोध इस पद पर चुन लिया गया. इसके साथ ही बत्रा महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघ के अध्यक्ष पद पर काबिज होते हुए राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष बनने वाले चुनिंदा प्रशासकों में शामिल हो गए . आनंदेश्वर पांडे कोषाध्यक्ष और आर के आनंद सीनियर उपाध्यक्ष चुने गए . आनंद ने जे एस गेहलोत को 35 के मुकाबले 96 मतों से हराया.

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चुनाव पर हालांकि अनिश्चितता की तलवार लटक रही है क्योंकि प्रक्रिया में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि नतीजा उसके समक्ष लंबित याचिका पर अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा. अदालत ने यह निर्देश एडवोकेट राहुल मेहरा की याचिका पर दिया . मेहरा ने चुनाव को खेल आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए इस पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की थी जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था .

जीतने के बाद बोले बत्रा 
चुनाव जीतने के बाद बत्रा ने कहा कि वह 2032 ओलंपिक, 2030 एशियाई खेल और 2026 राष्ट्रमंडल खेल की मेजबानी का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखेंगे . उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,‘‘ अभी मुझे आईओए अध्यक्ष का पदभार संभालना है . एक बार पदभार संभालने के बाद आईओए सरकार के पास 2032 ओलंपिक, 2030 एशियाई खेल और 2026 राष्ट्रमंडल खेल की मेजबानी का प्रस्ताव लेकर जायेगा . हमें बड़ा सोचना चाहिये लेकिन इन खेलों की मेजबानी सरकार पर निर्भर होगी क्योंकि कोषों को मंजूरी उन्हें ही देनी है .’’ बत्रा ने कहा ,‘‘ आईओए सरकार के साथ मिलकर काम करेगा ताकि खेलों के लिए अच्छा माहौल बने . हमें सरकार से अच्छे संबंध रखने हैं लेकिन सरकार को भी अपने दखल की सीमा तय करनी होगी .’’ 

पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों पर 
पाकिस्तान के साथ खेल संबंधों के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ अंतरराष्ट्रीय महासंघों द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में हम पाकिस्तान के खिलाफ खेल रहे हैं . लेकिन मुझे नहीं लगता कि दोनों देशों के आपसी संबंधों में सुधार आने तक हम द्विपक्षीय श्रृंखलायें खेल सकते हैं . उनके बर्ताव में सुधार आना जरूरी है .’’ बत्रा के हॉकी इंडिया के अध्यक्ष रहते भुवनेश्वर में 2014 में हुई चैम्पियंस ट्राफी के दौरान दोनों देशों के हॉकी संबंधों में खटास आ गई थी . उन्होंने कहा था कि जब तक पाकिस्तान अपने बर्ताव के लिए बिना शर्त माफी नहीं मांगता दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय मैच नहीं होंगे .