B'day Special:घर गिरवी रखकर खोली थी एकेडमी, साइना से सिंधु तक भारत को दिए कई स्टार

Indian Badminton:  भारतीय राष्ट्रीय बैडमिंटन में कोच के तौर पर फिलहाल पुलेला गोपीचंद का कोई विकल्प नहीं है जबकि वे रिटायर होना चाहते हैं. 

B'day Special:घर गिरवी रखकर खोली थी एकेडमी, साइना से सिंधु तक भारत को दिए कई स्टार
साइन नेहवाल और पीवी सिंधु ने भारतीय महिला बैडमिंटन को ऊंचाइयों तक पहुंचाया है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: भारत में यूं तो बैडिमिंटन बहुत मशूहर खेल नहीं हैं, लेकिन पिछले कुछ सालों में इस खेल की शोहरत बहुत बढ़ी है. देश के छोटे छोटे बच्चे साइना नेहवाल (Saina Nahwa), पीवी सिंधु (PV Sindhu) को अपना स्टार आइकन मानने लगे हैं. और बैटमिंटन में उनकी दिलचस्पी में खासा इजाफा हुआ है. इसकका श्रेय इन खिलाड़ियों को नहीं जाता, बल्कि उनके कोच पुलेला गोपीचंद (Pullela Gopichand) को जाता है जिन्होंने इन हीरों को तराशने का काम किया है. गोपीचंद शनिवार को 46 साल के हो रहे हैं. 

दुनिया भर में भारतीय बैडमिंटन को दिलाया खास मुकाम
गोपीचंद आज एक पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी के तौर पर नहीं बल्कि भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य नेशनल कोच के तौर पर जाने जाते हैं. अर्जुन अवार्ड, द्रोणाचार्य अवार्ड और पद्म भूषण से सम्मानित हो चुके गोपीचंद पिछले कुछ सालों से बैडिमिंटन की प्रतिभाओं को तराशने में लगे हुए हैं. उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि साइना नेहवाल और पीवी सिंधु जैसी खिलाड़ी बैडिमिंटन में वह मुकाम हासिल कर सकीं जहां पर वे आज हैं और दुनिया भर में भारत का बैडमिंटन में लोहा मनवा रही हैं

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अपने जमाने में स्टार खिलाड़ी रहे हैं गोपीचंद
आज की पीढ़ी के बहुत कम लोग जानते हैं कि गोपीचंद एक बेहतरीन बैडमिटन खिलाड़ी रहे हैं. गोपीचंद प्रकाश पादुकोण के बाद दूसरे भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं जिन्होंने ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट जीता है. इसके अलावा उन्होंने लगातार पांच बार राष्ट्रीय बैडमिंटन चैंपियनशिप का खिताब जीता है. वे लगातार दो बार सार्क बैडमिंटन टूर्नामेंट जीत चुके हैं. कॉमनवेल्थ में टीम सिल्वर और पुरुषों के सिंगल्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं. 

कई स्टार खिलाड़ी दिए गोपीचंद ने 
पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन खेलने से रिटायरमेंट लेने के बाद साल 2008 में अपना घर गिरवी रखकर हैदराबाद में ही गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी खोली. इसमें उन्हें अपने परिवार का भरपूर साथ मिला. इस एकेडमी ने साइना नेहवला और पीवी सिंधु के अलाव साई प्रणीत, पारुपल्ली कश्यप, श्रीकांत किबाम्बी, अरुंधती पांटावाणे, गुरूसाई दत्त और अरुण विष्णु जैसे कई बैडमिंटन स्टार पैदा किए जिन्होंने देश विदेश में भारत का नाम रोशन किया. 

अब यह चाहते हैं गोपीचंद
गोपीचंद के परिवार में उनकी पत्नी पीवीवी लक्ष्मी और उनके दो बच्चे हैं. बेटी गायत्री अंडर 13 नेशनल चैंपियन है जबकि उनके बेटे विष्णु भी बैडमिंटन की ट्रेनिंग ले रहे हैं. हाल ही में गोपीचंद ने कहा कि वे अब नेशनल कोच के रूप में उनके विकल्प के लिए कई लोगों से बातचीत कर रहे हैं. उनका इरादा देश में ऐसा सिस्टम बनाने का है जिससे देश को हर कोने में बेहतरीन कोच मिल सकें.  गोपीचंद ने कहा कि अब वे आराम करना चाहते हैं.