टोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाजी होगी या नहीं, आईओसी करेगी फैसला

रियो में पिछले ओलंपिक खेलों में मुक्केबाजी को आईओसी की नाराजगी का सामना करना पड़ा, जब बाउट फिक्सिंग के आरोपों के बीच 36 अधिकारियों और रैफरियों को निलंबित कर दिया गया. 

टोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाजी होगी या नहीं, आईओसी करेगी फैसला
टोक्यो 2020 खेलों में मुक्केबाजी के भविष्य पर विचार किया जा सकता है (फाइल फोटो)

टोक्यो: मुक्केबाजी के ओलंपिक भविष्य को लेकर शीर्ष अधिकारी यह फैसला करेंगे कि इस खेल की संचालन संस्था को सजा दी जाए या नहीं जो वित्तीय अनियमितताओं, जज के विवादास्पद फैसलों और विवादास्पद अध्यक्ष की समस्याओं से जूझ रही है.  अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने स्पष्ट कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजी संघ (एआईबीए) के संचालन पर गंभीर चिंताओं के बीच टोक्यो 2020 खेलों में मुक्केबाजी के भविष्य पर विचार किया जा सकता है. 

रियो में पिछले ओलंपिक खेलों में मुक्केबाजी को आईओसी की नाराजगी का सामना करना पड़ा, जब बाउट फिक्सिंग के आरोपों के बीच 36 अधिकारियों और रैफरियों को निलंबित कर दिया गया. 

इस महीने के शुरू में उज्बेकिस्तान के व्यवसायी गाफूर राखिमोव के चुनाव में एआईबीए का अध्यक्ष चुने जाने के बाद रिश्तों में और कड़वाहट आ गयी है, अमेरिकी वित्तीय विभाग के अनुसार वह संगठित अपराध से जुड़े हुए हैं. राखिमोव ने इन आरोपों से इनकार किया है.

अध्यक्ष थॉमस बाक ने पुष्टि की कि आईओसी का कार्यकारी बोर्ड एआईबीए की रिपोर्ट का परीक्षण करेगा कि उन्होंने किस तरह से चीजों में सुधार किया है. 

लेकिन बाक ने इस साल के शुरू में अप्रैल में कहा था कि पिछली रिपोर्ट में ‘‘कार्यान्वयन की कमी'' करार किया था. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया था कि वह प्रतिस्पर्धियों को कुछ अधिकारियों के बुरे व्यवहार से भुगतने की अनुमति नहीं देंगे. 

बाक ने कहा, ‘‘भले ही जो भी फैसला लिया जाये..हम यह सुनिश्चित करने के लिए जरुरी प्रयास करेंगे कि खिलाड़ियों के पास ओलंपिक यात्रा की ओर बढ़ने की पूरी संभावनाएं हों. ''

एआईबीए ने टोक्यो की बैठक से पहले एक बयान जारी कर कहा था कि उसने जरूरी सुधार कर दिये हैं. इसके अनुसार रियो प्रकरण के बाद जज की नयी प्रणाली लायी गयी है जिसे तकनीकी अधिकारियों और खिलाड़ियों ने सकारात्मक करार दिया है. इसके अनुसार, ‘‘संघ ने अपने वित्तीय संबंधित परेशानियों को भी ठीक कर लिया है और पिछले कुप्रबंधन को रोकने के लिये कड़े नये नियम लागू कर दिए हैं.''