चैंपियंस ट्रॉफी 2017 : कप्तान कोहली के इस फैसले ने 'दादा' की भविष्यवाणी को 'गलत' ठहराया

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ओवल में ग्रुप-बी का पांचवां मैच खेला जा रहा है. सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए ‘करो या मरो’ के इस मुकाबले में दोनों टीमों को हर हाल में जीत की जरूरत है. इन दोनों ही टीमों को अपने पिछले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया है. 

चैंपियंस ट्रॉफी 2017 : कप्तान कोहली के इस फैसले ने 'दादा' की भविष्यवाणी को 'गलत' ठहराया
दक्षिण अफ्रीका के लिए कोहली ने बिछाई फिरकी की जाल, अश्विन को मौका और उमेश बाहर

नई दिल्ली : भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच ओवल में ग्रुप-बी का पांचवां मैच खेला जा रहा है. सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए ‘करो या मरो’ के इस मुकाबले में दोनों टीमों को हर हाल में जीत की जरूरत है. इन दोनों ही टीमों को अपने पिछले मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा था। इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया है. 

मैच से पहले टीम इंडिया में एक बड़ा बदलाव किया गया है. इस मैच के लिए रविचंद्रन अश्विन को टीम में शामिल कर उमेश यादव को बाहर बैठा दिया गया है. मैच से पहले भारतीय कप्तान ने ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को अंतिम एकादश में शामिल करने के संकेत दिए हैं. पिछले दो मैचों में अश्विन को टीम में जगह नहीं मिली थी. 

मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में कोहली ने कहा, "कई तरह की संभावनाएं होती हैं. हमने अंतिम मैच को भी देखा. कुछ भी हो सकता है. हर संयोजन संभव है. मैं इस समय कुछ भी नहीं बता सकता." उन्होंने कहा, "ड्रेसिंग रूम में हमने बदलावों और सभी तरह की संभावनाओं पर चर्चा की है." 

दादा को किया 'गलत' साबित

लेकिन कप्तान कोहली ने दादा की 'भविष्यवाणी' को आधा गलत साबित कर दिया है. कोहली ने अश्विन को तो टीम में शामिल कर लिया है, लेकिन हार्दिक पांड्या को बाहर ना बिठा, उमेश यादव को बाहर कर दिया है. 

बता दें कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने चैम्पियंस ट्रॉफी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारतीय टीम के होने वाले मुकाबले में हार्दिक पांड्या के स्थान पर रविचंद्रन अश्विन को टीम में शामिल करने की जरूरत बताई थी. 

गांगुली ने ऐसा दक्षिण अफ्रीका की मजबूत बल्लेबाजी को रोकने के लिए कहा. बकौल गांगुली "मेरे हिसाब से रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा को खेलना चाहिए. हार्दिक पांड्या को हटाकर अश्विन को वापस लाना चाहिए. भारत को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पांच गेंदबाजों के साथ जाना चाहिए."

क्यों हार्दिक को नहीं कर सकते थे बाहर 

अश्विन का अंतिम एकादश में चुना जाना तर्कसंगत लगता है लेकिन वह जडेजा की जगह नहीं लेंगे क्योंकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दोनों स्पिनर खेल सकते हैं. जडेजा सर्कल के भीतर बेहतरीन फील्डर हैं और सीमारेखा के पास से उनके थ्रो बेहद सटीक होते हैं. वह प्रत्येक मैच में 10-15 रन बचाते हैं जिससे वह काफी उपयोगी खिलाड़ी साबित होते हैं. हार्दिक पांड्या को भी बाहर नहीं किया जा सकता क्योंकि सातवें नंबर पर उनके जैसे आक्रामक बल्लेबाज की जरूरत है. जसप्रीत बुमरा डेथ ओवरों में अच्छे यॉर्कर डालते हैं. इसके मायने हैं कि अश्विन के लिए उमेश यादव या भुवनेश्वर कुमार में से एक को बाहर रहना करना होता और कोहली ने उमेश यादव तो चुना. 

श्रीलंका के खिलाफ मैच में दूसरे पावरप्ले के दौरान भारत ने 200 से अधिक रन दिए, लिहाजा अश्विन को अगले मैच में रनगति पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी निभानी होगी. भारतीय शीषर्क्रम के सभी बल्लेबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है. रोहित शर्मा और शिखर धवन की जोड़ी फॉर्म में है. सभी बल्लेबाजों ने एक ना एक अच्छी पारी खेली है. कोहली इस मैच में बतौर बल्लेबाज भी मोर्चे से अगुवाई करना चाहेंगे. मोर्नी मोर्कल, क्रिस मौरिस और इमरान ताहिर जैसे गेंदबाजों के सामने अच्छा प्रदर्शन करना चुनौतीपूर्ण होगा.