CT 2017 Ind vs Ban : बांग्लादेश का यादगार मैच, जिसने भारत को कर दिया था वर्ल्ड कप से बाहर

17 मार्च 2007. पोर्ट ऑफ स्पेन. विश्व कप में भारत और बांग्लादेश के बीच मुकाबला. ग्रुप बी के इस मुकाबले में भारत का नेतृत्व राहुल द्रविड़ के हाथ में था. बांग्लादेश विश्व कप में पहली बार भारत का मुकाबला कर रहा था. महेंद्र सिंह धोनी, रोबिन उथप्पा औरर मुनफ पटेल विश्व कप में अपना डेब्यू कर रहे थे. भारतीय टीम में सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, राहुल द्रविड, रोबिन उथप्पा और युवराज सिंह जैसे बल्लेबाज थे. औरर बांग्लादेश एक अपरिपक्व टीम थी. 

CT 2017 Ind vs Ban : बांग्लादेश का यादगार मैच, जिसने भारत को कर दिया था वर्ल्ड कप से बाहर
विश्वकप का वो मैच जिसमें बांग्लादेश ने कर दिया था भारत को बाहर (FILE PHOTO)

नई दिल्ली : 17 मार्च 2007. पोर्ट ऑफ स्पेन. विश्व कप में भारत और बांग्लादेश के बीच मुकाबला. ग्रुप बी के इस मुकाबले में भारत का नेतृत्व राहुल द्रविड़ के हाथ में था. बांग्लादेश विश्व कप में पहली बार भारत का मुकाबला कर रहा था. महेंद्र सिंह धोनी, रोबिन उथप्पा औरर मुनफ पटेल विश्व कप में अपना डेब्यू कर रहे थे. भारतीय टीम में सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, महेंद्र सिंह धोनी, राहुल द्रविड, रोबिन उथप्पा और युवराज सिंह जैसे बल्लेबाज थे. औरर बांग्लादेश एक अपरिपक्व टीम थी. 

भारत के लिए यह मैच जीतना इसलिए जरूरी था क्योंकि इस मैच में मिली हार उन्हें विश्वकप से बाहर कर सकती थी. राहुल द्रविड ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. क्रिकेट प्रेमी बांग्लादेश से किसी अप्रत्याशित परिणाम की उम्मीद नहीं कर रहे थे. लेकिन बांग्लादेशी टाइगर्स के इरादे कुछ और थे. बांग्लादेश भारत को 250 से कम रनों पर रोकने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरा, लेकिन भारत ने खुद बांग्लादेश का काम आसान कर दिया. 

190 रन पर सिमट गई थी टीम इंडिया 

भारत की पूरी टीम 190 रन बनाकर आउट हो गई. भारत ने पूरे पचास ओवर भी नहीं खेले. सौरव गांगुली 66 और युवराज सिंह 47  के अलावा कोई भी बल्लेबाज बांग्लादेश के गेंदबाजों का सामना नहीं कर पाया. क्रिकेट का नया इतिहास लिखने के लिए बांग्लादेश को महज 191 रन बनाने थे. बांग्लादेशी ओपनर तामिम इकबाल ठोस इरादों के साथ मैदान में उतरे. उन्होंने 53 गेंदों में शानदार 51 रन बनाए. उनकी इस पारी में 2 छक्के औरर 7  शामिल थे. 

युवा तामिम इकबाल उस समय महज पांचवा वन डे खेल रहे थे. बांग्लादेश की जीत की नई जमीन तैयार हो चुकी थी. तामिम के बाद शफीकुर्र रहमान औरर शाकिब अली ने क्रमशः 56 औरर 53 रनों का योगदान देकर टीम को विजय दिलवा दी. भारत विश्व कप के अपने सबसे शर्मनाक प्रदर्शन को बस देखता रहा. बांग्लादेश ने पहले ही चरण में भारत को बाहर कर दिया. लोगों के जेहन में आज भी इस मैच की याद ताजा है. 

विश्वकप का सबसे बड़ा उलटफेर 

विश्व कप का यह सबसे बड़ा उलटफेर था. भारत इस जख्म को अब तक नहीं भूला होगा औरर बांग्लादेश के लिए वह जीत प्रेरणा का स्रोत रहेगी. वह पराजय भारत को किस तरह सालती है इसका एक उदाहरण है. टी 20 के एक मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 1 रन से पराजित करने के बाद कहा था, यह जीत 2007 की हार का गम कम नहीं कर सकती.

इसलिए यह उम्मीद की जानी चाहिए कि इस बार भी मुकाबला कड़ा होगा. बांग्लादेश के पास खोने के लिए कुछ नहीं है औरर अगर वह भारत को पराजित करने में सफल रही तो यकीन जानिये बांग्लादेशी क्रिकेट का नया अध्याय यहां से शुरू होगा. 2007 में भारत को पराजित करने वाली बांग्लादेशी टीम में तामिम इकबाल, शाकिब अली और मशर्रफ मुर्तजा तीन ऐसे खिलाड़ी हैं, जो उस समय टीम में थे. 

भारतीय टीम में भी युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी ऐसे खिलाड़ी हैं जिनके जेहन में वह पराजय किसी नासूर की तरह दर्ज होगी. बांग्लादेश के हौसले बुलंदियों पर हैं, आखिर वह पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट का सेमीफाइनल खेल रही है. बेशक उसे यहां तक पहुंचने में बारिश का बड़ा योगदान है लेकिन जिस तरह न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 विकेट 34 रनों पर गिरने के बाद बांग्लादेश ने 264 रनों का पीछा करते हुए मैच जीता वह कम प्रशंसनीय नहीं है. 

शाकिब औरर महमदुल्लाह ने 224 रनों की पार्टनर्शिप करके यह साबित किया कि अब उन्हें कमजोर नहीं समझा जा सकता. भारतीय टीम एक मजूबत टीम है, लेकिन इस के बावजूद जीत का जो जुनून इस वक्त बांग्लादेशी क्रिकेटरों में होगा, वही उनकी ताकत है. और क्रिकेट मैदान में खेला जाता है, दोनों टीमों के 11-11 खिलाड़ी खेलते हैं, इनमें से कोई भी खिलाड़ी कभी भी मैच जितवा सकता है. औरर बांग्लादेश के पास ऐसे खिलाड़ी हैं, यह बात भारत भी जानता है.