चौटाला ने की इस्तीफे की पेशकश, बशर्ते IOC को आपत्ति होगी तो

विभिन्न तबकों से काफी दबाव झेल रहे अभय सिंह चौटाला ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के आजीवन अध्यक्ष पद से हटने की पेशकश की। लेकिन यह भी कहा कि ऐसा वह तभी करेंगे जब अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) को उनकी इस पदोन्नति से कोई समस्या हो।

चौटाला ने की इस्तीफे की पेशकश, बशर्ते IOC को आपत्ति होगी तो

नई दिल्ली : विभिन्न तबकों से काफी दबाव झेल रहे अभय सिंह चौटाला ने भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के आजीवन अध्यक्ष पद से हटने की पेशकश की। लेकिन यह भी कहा कि ऐसा वह तभी करेंगे जब अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) को उनकी इस पदोन्नति से कोई समस्या हो।

चौटाला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोप पत्र दायर हैं, उन्हें और 2010 राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार प्रकरण के दागी सुरेश कलमाड़ी को आईओए की 27 दिसंबर को चेन्नई में हुई आम सालाना बैठक में आजीवन अध्यक्ष बनाया गया था जिससे भारतीय खेल जगत हैरान और खेल मंत्रालय नाराज है।

कलमाड़ी ने कल इस पद को ठुकरा दिया था और चौटाला ने आज कहा कि वह ऐसा करने के लिये तैयार हैं लेकिन एक शर्त पर कि आईओए के अध्यक्ष एन रामचंद्रन को इस मामले को आईओसी के समक्ष उठाना चाहिए और वह तभी इस्तीफा देंगे जब अंतरराष्ट्रीय खेल संस्था को इस मानद पद को संभालने पर आपत्ति हो।

चौटाला ने बयान में कहा, ‘मैं आईओए को इस आजीवन अध्यक्ष पद के लिये नामांकित करने के लिये शुक्रिया कहता हूं और मैंने आईओए अध्यक्ष को पहले ही एक अलग पत्र के जरिये सूचित कर दिया है कि अगर आईओए अध्यक्ष इस मामले पर आईओसी से निजी रूप से चर्चा करें और इसके बाद अगर आईओसी मेरे इस मानद पत्र को संभालने के पक्ष में नहीं होता है तो मुझे भारतीय खेलों, खिलाड़ियों और सुशासन, पारदर्शिता और भारतीय खेलों में स्वच्छता के सर्वश्रेष्ठ हित के लिये अपने पद का का बलिदान देने में खुशी होगी।’ 

चौटाला ने खेल मंत्री विजय गोयल को भी आड़े हाथों लिया, जिन्होंने आईओए को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और इस विवादास्पद फैसले के लिये उसकी मान्यता रद्द करने की धमकी दी है। उन्होंने कहा, ‘मैं खेल मंत्री विजय गोयल की प्रतिक्रिया और मीडिया द्वारा इस मामले को उछाले जाने से हैरान हूं। मैंने 2013 में बलिदान दिया था, तब मैंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, हालांकि मेरा अध्यक्ष पद पर चयन आईओए संविधान के मुताबिक किया गया था और तीन मशहूर जजों द्वारा कराये गये चुनावों में पूरी पारदर्शिता बरती गयी थी।’ 

चौटाला ने कहा, ‘यहां तक कि रियो ओलंपिक में मेरी मौजूदगी पर भी सवाल उठाये गये। मैं खेल मंत्री के रियो में आचरण से भी वाकिफ हूं जिसमें आईओसी ने मंत्री और उनके सहयोगियों के व्यवहार पर सवाल उठाये थे और उनका एक्रिडिटेशन वापस लेने की धमकी दे दी थी। मैं इस मुद्दे को ज्यादा उछालना नहीं चाहता क्योंकि मैं मंत्री को शर्मसार नहीं करना चाहता। अगर जरूरत पड़ी तो मैं रियो ओलंपिक के इस मुद्दे के बारे में प्रधानमंत्री को बताउंगा।’