कमेंटरी तो बहुत सुनी होगी, लेकिन क्या ये पंचलाइंस याद हैं आपको?

नवजोत सिंह सिद्धू का कमेंटरी का बहुत लंबा करियर नहीं रहा है, लेकिन जितने भी साल उन्होंने माइक्रोफोन संभाला है, उसमें उनके बोले गए मुहावरे आज भी क्रिकेट फैन्स को याद आते हैं. 

कमेंटरी तो बहुत सुनी होगी, लेकिन क्या ये पंचलाइंस याद हैं आपको?
कमेंटेटर्स की स्पेशल पंचलाइंस

नई दिल्ली : पूरी दुनिया में क्रिकेट के चाहने वालों के लिए टीवी या रेडिया की कमेंटरी बेहद रोचक रही है. कमेंटेटर्स इस कमेंटरी सुनने और देखने वालों के लिए अपने क्रिकेट अनुभवों से नये नये रंग भरते हैं. वे गेम को दिलचस्प बनाते हैं और अपनी कमेंटरी के दम पर ही दर्शकों या श्रोताओं को दोस्त बन जाते हैं. कमेंटरी के एक लंबे दौर में कुछ कमेंटेटर्स अपनी कमेंटरी और मुवाहवेदार भाषा की वजह से प्रिय बन चुके हैं. उनके द्वारा बोली गई पंचलाइन्स क्रिकेट कमेंटरी के इतिहास में एक खास मुकाम रखती हैं. आइए ऐसी ही कुछ पंचलाइन्स पर नजर डालते हैं : 

 
वेंट लाइक ए ट्रेसर बुलेट- रवि शास्त्री 
लगभग दो दशक के कमेंटरी और ब्राडकास्टिंग करियर में रवि शास्त्री क्रिकेट फैन्स के लिए एक जरूरी आवाज बन गये हैं. टीम इंडिया के नेशनल कोच बनने से पहले किसी भी ऐसे मैच की कल्पना करना आसान नहीं था जिसमें रवि शास्त्री कमेंटरी न कर रहे हों. कमेंटरी के दौरान जब वह बोलते हैं, वेंट लाइक ए ट्रेसर बुलेट, तो दर्शक इसका भरपूर आनंद उठाते हैं. सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा होती है. जब भी कोई बल्लेबाज वैल टाइम्ड शॉर्ट मारता है या गेंद बहुत तेजी से सीमा रेखा के पार जाती है तो शास्त्री यही फ्रेज बोलते हैं, वेंट लाइक एक ट्रेसर बुलेट. अब तो उनका यह फ्रेज इतना पॉपुलर हो गया है कि शास्त्री को ट्रेसर बुलेट के नाम से ही पहचाना जाने लगा है. 

डिजेक्टेड एज ए वैट हैन-सिद्धू
नवजोत सिंह सिद्धू का कमेंटरी का बहुत लंबा करियर नहीं रहा है, लेकिन जितने भी साल उन्होंने माइक्रोफोन संभाला है, उसमें उनके बोले गए मुहावरे आज भी क्रिकेट फैन्स को याद आते हैं. सिद्धू बेशक प्रभावशाली कमेंटेटर न रहे हों लेकिन निसंदेह वह एक एन्टरटेनर जरूर रहे हैं. जिस तरह वह मुहावरों और शेरो-शायरी का प्रयोग करते थे, वह क्रिकेट कमेंटरी को नये आयाम देता था. क्रिकेट फैन्स और दर्शक इनसे बेपनाह खुश होते थे. अपनी मुहावरेदार भाषा में वह बल्लेबाज के आउट होने के बाद, जब वह निराश होकर पवेलियन की ओर लौटता तो सिद्धू कहते ''डिजेक्टेड एज ए वैट हैन''. सिद्धू की वाकपटुता उन्हें राजनीति की तरफ ले गई.

व्हाट ए लिटिल ब्यूटी-टोनी ग्रेग 
टोनी ग्रेग संभवतः क्रिकेट इतिहास के सबसे प्रिय और योग्य कमेंटेटर रहे हैं. क्रिकेट की सबसे बहतरीन समझ रखने वाले टोनी ग्रेग का कमेंटेटर का करियर काफी लंबा रहा है और इस दौरान उन्होंने क्रिकेट फैन्स के बीच अच्छी खासी लोकप्रियता दिलाई है. भाषा का उतार चढ़ाव उनकी कमेंटरी को रोचक बनाता था. बल्लेबाज छक्का मारे, आउट हो या कोई फील्डी शानदार फिल्डिंग करे टोनी ग्रेग का फेवरिट फ्रेज होता था, व्हाट ए लिटिल ब्यूटी. वास्तव में मैदान पर किसी भी खिलाड़ी के शानदार प्रदर्शन की सराहना के लिए वह हमेशा यही बोलते थे. टोनी ग्रेग की पंचलाइन क्रिकेट कमेंटरी का लोकप्रिय मुहावरा आज भी बना हुआ है. 

इट्स ऑल हैप्निंग हेयर-बिल लॉरी 
पूर्व ऑस्ट्रेलियन कप्तान बिल लॉरी 1971 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद चैनल 9 के लिए लगभग चार दशक तक कमेंटरी करते रहे. उनकी आक्रामक शैली क्रिकेट फैन्स के बीच बेहद लोकप्रिय रही है. इसी शैली ने उन्हें पूरी दुनिया में शोहरत दिलाई है. बिल लॉरी बेहद इंटेलिजेंट कमेंटेटर रहे हैं. नाजुक मौकों पर उन्होंने क्रिकेट की बारीकियों का जिक्र किया है. लॉरी की कमेंटरी में मुहावरों का स्टॉक हमेशा मौजूद रहा. क्रिकेट मैच के उतार चढ़ावों का जिक्र करते हुए बिल लॉरी एक फ्रेज का हमेशा प्रयोग करते, इट्स ऑल हैप्निंग हेयर. हालांकि बल्लेबाज के आउट होने पर वह ''गोट हिम'' या बल्लेबाज के क्लीन बोल्ड होने पर वह ''बैंग'' का प्रयोग करते थे. 

मार्वलस-रिची बेनाड
कहने के लिए मार्वलस महज एक वर्ड ही है, लेकिन रिची की कमेंटरी में यह फ्रेज सबसे अधिक लोकप्रिय रहा है. टेलीविजन एरा के सबसे महान क्रिकेटर रहे रिची बेनॉड ने पांच दशकों में लगभग 500 टेस्ट मैचों में कमेंटरी की है. कमेंटरी की उनकी शैली क्रिकेट की समझ और क्रिकेट से उनके सरोकारों को दिखाता था. रिची किसी भी क्रिकेटर की प्रशंसा में अपनी आवाज को ऊंचा नहीं करते थे. उनके मुंह से बस एक ही शब्द निकलता था मार्वलस यानी अद्भुत. क्रिकेट कमेंटरी में उनका यही शब्द लोकप्रिय हो गया. 

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