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इस पाकिस्तानी दिग्गज ने बताया क्यों वनडे और टी-20 टीम से बाहर हैं अश्विन

मुश्ताक अहमद ने टीम इंडिया के स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और ऑस्ट्रेलिया के नाथन लायन और पाकिस्तान के यासिर शाह की गेंदबाजी की कमियां निकाली हैं.

इस पाकिस्तानी दिग्गज ने बताया क्यों वनडे और टी-20 टीम से बाहर हैं अश्विन

नई दिल्ली: पूर्व पाकिस्तानी गेंदबाज मुश्ताक अहमद (Mushtaq Ahmed) ने भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin), नाथन लॉयन और यासिर शाह की विविधता पर सवालिया निशान खड़े किये हैं. मुश्ताक का मानना है कि ये तीनों गेंदबाज टेस्ट क्रिकेट में जबरतस्त तरीके से सफल होने के बाद भी लिमिटेड ओवर की क्रिकेट में वेराइटी के अभाव में बुरी तरह से विफल हो गए. 

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पाकिस्तान के पूर्व लेग स्पिनर मुश्ताक ने आगे बताया क्योंकि अश्विन, लॉयन और यासिर सपाट पिचों पर गेंदबाजी करते हैं इसलिए उन्हें वनडे और टी-20 में सफल होने के लिए एक अलग रणनिति की जरूरत है और इसके साथ-साथ इनके तरकश में विभिन्न प्रकार की गेंदें भी होनी चाहिए, जोकि इन तीनों गेंदबाजों के पास नहीं हैं. वेरिएशन की कमी के कारण ही ये गेंदबाज वऩे और टी-20 क्रिकेट में बड़े फ्लॉप साबित हुए हैं.

मुश्ताक ने एक इंटरव्यू में कहा ,'युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव को देखो. दोनों ने सफेद गेंद से भारत को कई मैच जिताए हैं. लॉयन, अश्विन और यासिर की गेंदों में शायद वनडे क्रिकेट के लायक विविधता ही नहीं थी.' टेस्ट, वनडे और टी20 क्रिकेट में अलग-अलग स्पिनरों की पैरवी करते हुए मुश्ताक ने कहा कि हर प्रारूप के लिए अलग-अलग स्पिनर होने चाहिए. इसका मतलब है कि टेस्ट खेलने वाला स्पिनर वनडे नहीं खेलेगा और वनडे खेलने वाला स्पिनर टी-20 नहीं खेलेगा.

उन्होंने कहा, 'स्पिनरों के लिए सबसे बड़ी चुनौती टेस्ट क्रिकेट है जहां उनकी प्रतिभा की असली परख होती है. यासिर शाह, नाथन लॉयन, मोईन अली, अश्विन जैसे गेंदबाजों का टेस्ट क्रिकेट में योगदान अपार है. कुछ स्पिनर वनडे क्रिकेट में भी सफल रहे हैं लेकिन बदले हुए नियमों के साथ क्रिकेट अब काफी बदल गया है. ऐसे में रहस्यमयी स्पिनर और कलाई के स्पिनर अधिक प्रभावी हो गए हैं. इनमें आदिल रशीद, एडम जाम्पा, चहल, यादव और शादाब खान शामिल हैं. आजकल इतना क्रिकेट खेला जा रहा है कि अलग अलग प्रारूप के लिये अलग अलग स्पिनर होने चाहिये. आप 5 या 6 स्पिनरों को चुनकर उन्हें अलग अलग प्रारूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे उनका करियर भी लंबा होगा.'

कमाल की बात ये है कि अश्विन को सकलैन मुश्ताक और मुथैया मुरलीधरन जैसा गेंदबाज बताने के बावजूद मुश्ताक ने उन्हें वनडे और टी-20 क्रिकेट के लायक नहीं समझा. इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि जिस अश्विन पर मुश्ताक ने वेरिएशन ना होने का आरोप लगाया है उसी अश्विन को अपनी कैरम बॉल और रिवर्स कैरम बॉल के लिए जाना जाता है. अब ये तो मुश्ताक ही बता सकते हैं कि वे किस तरह की वेराइटी की बात कर रहे हैं क्योंकि अश्विन के गेंदबाजी तरकश में कई गेंदें हैं जिनसे उन्होंनें कई बार बड़े से बड़े बल्लेबाजों को चकमा दिया है.

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