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गांगुली निर्विरोध चुने जाएंगे BCCI के बॉस, कार्यवाहक अध्यक्ष ने जताई खुशी

BCCI:  सौरव गांगुली का निर्विरोध बीसीसीआई अध्यक्ष बनना तय हो गया है. उनके चुने जाने पर बीसीसीआई के वर्तमान कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना ने खुशी जताई है.

गांगुली निर्विरोध चुने जाएंगे BCCI के बॉस, कार्यवाहक अध्यक्ष ने जताई खुशी
सीके खन्ना का मानना है कि बीसीसीआई के कठिन समय में गांगुली के फैसले उसे बेहतर करेंगे. (फोटो : ANI)

मुंबई: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) का भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाना तय हो चुका है और अब औपचारिकताएं ही शेष हैं. चुनाव प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम एक हफ्ते से भी ज्यादा का समय बाकी है. गांगुली के चुने जाने पर बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना (CK Khanna) ने उन्हें बधाई दी है. 

गांगुली का चयन फख्र की बात
खन्ना ने कहा, "यह बड़े फख्र की बात है कि  भारत के पू्र्व कप्तान सौरव गांगुली अब बीसीसीआई के प्रमुख के तौर पर उसका नेतृत्व करने जा रहे हैं." उल्लेखनीय है कि 23 अक्टूबर को बीसीसीआई के पदों के लिए चुनाव होने हैं जिसके लिए नामांकन भरने की तारीख सोमवार 14 अक्टूबर को है. शनिवार और रविवार को दिल्ली और मुंबई में चली देश भर के राज्य क्रिकेट एसोसिएशन की पदाधिकारियों की बैठकों के दौर के बाद रविवार को सौरव गांगुली का नाम अध्यक्ष पद के लिए तय हुआ था. इसके साथ ही ब्रजेश पटेल का आईपीएल चेयरमैन बनना तय हुआ है.

बीसीसीआई को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे गांगुली
इस समय गांगुली बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं और क्रिकेट सलाहकार समिति के सदस्य भी रह चुके हैं. खन्ना का मानना है कि इस लिहाज से वे बोर्ड को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे. उन्होंने कहा, "वे सीएसी के सदस्य और कैब के अध्यक्ष भी हैं, वे बीसीसीआई को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे और मुझे पूरा विश्वास है कि उनके वे बीसीसीआई के पिछले कठिन समय को देखते हुए बढ़िया फैसले लेंगे.  हमें पूरा विश्वास है कि उनके नेतृत्व में उनकी पूरी टीम उनके कार्यकाल में शानदार काम करेगी. मेरी ओर से उन्हें और उनकी टीम को बधाई."

10 महीने तक ही पद पर रह सकेंगे गांगुली
गांगुली का निर्विरोध चुना जाना भले ही तय हो गया हो लेकिन वे केवल जुलाई 2020 तक ही इस पद पर रह सकेंगे क्योंकि इसके बाद उन्हें नए नियमों के मुताबिक कूलिंग ऑफ पीयरेड के तहत यह पद छोड़ना होगा. नए बीसीसीआई नियमों के मुताबिक एक प्रशासकीय पद पर कोई व्यक्ति लगातार छह साल तक ही रह सकता है. 
(इनपुट एएनआई)