B'day Special: वो एक टेस्ट सीरीज जिसने बदल दी थी हरभजन सिंह की किस्मत

हरभजन सिंह टेस्ट मैच में हैट्रिक हासिल करने वाले टीम इंडिया के पहले गेंदबाज हैं, उन्होंने ये कारनाम साल 2001 में कोलकाता में किया था.

B'day Special: वो एक टेस्ट सीरीज जिसने बदल दी थी हरभजन सिंह की किस्मत
हरभजन सिंह को 2001 की भारत-ऑस्ट्रेलिया सीरीज में 'मैन ऑफ द सीरीज' अवॉर्ड दिया गया था (फाइल फोटो)

नई दिल्ली : टीम इंडिया के स्टार स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) आज 40 साल के हो गए. दुनिया के हर कोने से इस 'टर्बनेटर' को जन्मदिन की मुबारकबाद दी जा रही है. भज्जी साल 1998 से टीम इंडिया की कामयाबी के गवाह रहे हैं. टी-20 वर्ल्ड कप 2007 और आईसीसी वर्ल्ड कप 2011 की चैंपियन टीम का हिस्सा भी रहे. इतनी कामयाबी के बावजूद उन्हें उस एक सीरीज में प्रदर्शन के लिए याद किया जाता है, जिसके बाद हरभजन सिंह रातोंरात स्टार बन गए थे और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. 

साल 2001 में ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत के दौरे पर आई थी, यहां उसे 3 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी थी. इस दौरे से पहले कंगारू टीम लगातार 15 टेस्ट मैच जीत चुकी थी और वो हिंदुस्तान की सरजमीं पर 1969 के बाद टेस्ट सीरीज जीतने का ख्वाब देख रही थी. कप्तान गांगुली की सिफारिश पर हरभजन को टीम में शामिल किया गया था, क्योंकि अनिल कुंबले सीरीज में नहीं खेल पाए थे. इस सीरीज से पहले हरभजन का प्रदर्शन कभी खास नहीं रहा, लेकिन अब कमाल होने वाला था.

 

मुंबई में खेले गए पहले टेस्ट मैच को कंगारुओं ने महज 3 दिनों में 10 विकेट से जीत लिया, लेकिन भारत की तरफ से भज्जी ने इस मैच में 4 विकेट हासिल किए थे. कोलकाता के ईडन गार्डेन में खेले गए दूसरे टेस्ट में तो 'टर्बनेटर' ने घूमती गेंदों से ऑस्ट्रेलियाई दिग्गजों के दिलों में दहशत मचा दी. उन्होंने इस मैच में शानदार हैट्रिक ली, और वो टेस्ट इतिहास में ऐसा करने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने. दोनों पारियों को मिलाकर उन्होंने 13 विकेट हासिल किए और ऑस्ट्रेलियाई टीम के विजय रथ को रोकने में अहम रोल अदा किया.

भारत ने भले ही इस सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली थी, लेकिन चेन्नई की पिक्चर अभी बाकी थी. चेपक मैदान में तीसरा टेस्ट खेला गया. यहां भज्जी ने पहली पारी में 7 और दूसरी पारी में 8 विकेट लेकर तहलका मचा दिया. अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' और 'मैन ऑफ द सीरीज' का खिताब मिला. हरभजन ने पूरी सीरीज में 32 विकेट हासिल किए थे. भारत ने मजबूत कंगारुओं के खिलाफ 2-1 से जीत हासिल की. इस सीरीज के बाद भज्जी स्टार बन चुके थे, हर किसी की जुबां पर अब उन्ही का नाम था.