B'day Special: भारत को विश्व कप जिताकर सचिन का सपना पूरा करने वाले एकमात्र कोच

कभी विवादों में नहीं रहे गैरी कर्स्टन के नाम एक रिकॉर्ड ऐसा है जो सचिन और विराट के नाम भी नहीं है. 

B'day Special: भारत को विश्व कप जिताकर सचिन का सपना पूरा करने वाले एकमात्र कोच
गैरी कर्स्टन के नाम कई रिकॉर्ड हैं, लेकिन बतौर टीम इंडिया के कोच उनका योगदान अतुलनीय है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कहना मुश्किल है कि यह इंसान एक बेहतरीन खिलाड़ी ज्यादा रहा कि एक बेहतरीन कोच. यह सवाल कम से कम भारतीय क्रिकेट के लिए आसान नहीं है क्योंकि यह निर्विवाद रूप से टीम इंडिया का बेहतरीन कोच रहा. जी हां, भारतीय क्रिकेट के इतिहास में शायद पहली बार हुआ था कि गैरी कर्स्टन ने जब टीम इंडिया के कोच पद से अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद  अपना पद छोड़ा तो टीम इंडिया के इस कोच के जाने का टीम के फैंस तक को बुरा लगा. यहां तक कि बीसीसीआई ने भी यही चाहा कि गैरी का कार्यकाल आगे बढ़ जाए, पर लंबे समय से अपने घर से दूर रहे गुरू गैरी वापस जाने का मन बना चुके थे. हालाकि उससे पहले ही उन्होंने टीम इंडिया और सचिन तेंदुलकर का सबसे बड़ा सपना पूरा कर दिया था, आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप जिताने का.

शुक्रवार को जहां टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में तीन टी20 मैचों की सीरीज का दूसरा मैच मेलबर्न में खेल रही है, वहीं 23 नवंबर 1967 को दक्षिण अफ्रीका के केपटाउन  में जन्में गैरी कर्स्टन अपना 51वां जन्मदिवस मना रहे हैं. गैरी एक बेहतरीन खिलाड़ी और कोच से ज्यादा अपनी आला शख्सियत के लिए ज्यादा जाने जाते हैं. गैरी को कभी किसी ने गुस्से में नहीं देखा. हां दुनिया ने उनके बल्ले को रनों की आग उगलते जरूर देखा है. ये उनके व्यक्तित्व का ही कमाल रहा कि उन्होंने कई अनोखे रिकॉर्ड अपने नाम किए लेकिन उसका शोर नहीं मचा. चेहरे पर हमेशा से ही शांत और गंभीर भाव रखने वाले गैरी को विवाद जैसी कोई चीज चाह कर भी न छू सकी. 

विवाद से दूर शागिर्दों के चहेते रहे गैरी
भारतीय कोच और उनका कप्तानों और/या खिलाड़ियों के बीच विवाद नया नहीं है. केवल गैरी ही ऐसे शायद एकमात्र भारत के कोच रहे जिनका किसी से कोई विवाद नहीं रहे. उन्हें सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण से लेकर वीरेंद्र सहवाग तक सभी पसंद करते हैं. वे कभी विवाद में रहे ही नहीं और न ही कभी उन्होंने किसी खिलाड़ी की खामी निकाली. वे हमेशा ही सकारात्मक रहे और खिलाड़ियों की खूबियों की बात ही करते रहे. इसी बात ने उनकी शागिर्दी में खिलाड़ियों को उनका मुरीद बना लिया था. 

अनोखा रिकॉर्ड जिसमें सचिन विराट हैं पीछे
गैरी का बल्ला जब भी चला टीम को जीत दिलाकर रहा, केवल एक मैच छोड़कर. यह ऐसा अनोखा रिकॉर्ड है जिसके बारे में चर्चा भले ही ने हो लेकिन हर टीम ऐसे रिकॉर्ड वाला खिलाड़ी ढूंढती है. टीम इंडिया की बात की जाए तो भारत के महान बल्लेबाज और क्रिकेट का भगावान कहे जाने वाले सचिन तेदुलकर हों या कि टीम इंडिया के वर्तमान कप्तान विराट कोहली दोनों के रिकॉर्ड के साथ लोग इस बात की चर्चा जरूर करते हैं कि उन्होंने कितने मैंचों में लंबी या बड़ी पारी खेली  और उसके बाद उनकी टीम को जीत हासिल हुई, लेकिन शतक लगाने पर टीम की हार के रिकॉर्ड के मामले में विराट कोहली का वे गैरी से पीछे ही हैं. 

यह है तीनों का रिकॉर्ड
गैरी ने अपने टेस्ट करियर में 21 शतक लगाए हैं. इनमें से 11 शतक वाले मैचों में उनकी टीम को जीत हासिल हुई है वहीं 9 शतकों वाले मैच ड्रॉ रहे जबकि केवल एक टेस्ट में उनकी टीम को हार मिली. वहीं विराट कोहली ने अपने टेस्ट करियर में 2018 में वेस्टइंडीज सीरीज तक 24 शतक लगाए हैं. इनमें 11 शतकों वाले मैचों में टीम इंडिया की जीत हुई है. वहीं 7 शतकों वाले मैच ड्रॉ रहे जबकि केवल 6 शतकों वाले टेस्ट मैचों में उनकी टीम को हार मिली. टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 51 शतक लगाने वाले सचिन तेंदुलकर के जीते हुए मैचों में 20 शतक, हारने वाले मैचों में 11 और ड्रॉ मैचों में 20 शतक हैं. 

टीम इंडिया का विदेशी कोचों के मामले में अनुभव अच्छा नहीं रहा है, लेकिन गैरी ने केवल टीम इंडिया सबसे बढ़िया विदेशी कोच बने बल्कि वे सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ भारतीय कोच की श्रेणी में आ गए. यह उनके रिकॉर्ड से साफ जाहिर है.