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B'day Special: भारत को पहला T20 वर्ल्डकप जिताने में खास योगदान दिया था जोगिंदर ने

 Joginder Sharma: अपने टी20 करियर में जोगिंदर ने केवल चार टी20 मैच खेले जिसमें वे फाइनल में मैच विनर बन कर निकले, लेकिन इसके बाद वे टीम इंडिया के लिए एक भी टी20 मैच न खेल सके. 

B'day Special: भारत को पहला T20 वर्ल्डकप जिताने में खास योगदान दिया था जोगिंदर ने
जोगिंदर शर्मा 2007 विश्व कप के बाद एक भी टी20 इंटरनेशनल नहीं खेल सके. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: अक्सर खिलाड़ियों को अपने खेल में नाम कमाने में बरसों लग जाते हैं. लेकिन कई बार एक छोटा सा काम भी इतना अहम हो जाता है कि खिलाड़ी को वह शोहरत दे देता है जिसकी किसी को उम्मीद भी नहीं होती. ऐसा ही कुछ हुआ टीम इंडिया के गेंदबाज जोगिंदर शर्मा (Joginder Sharma) के साथ हुआ. बात साल 2007 की है जब टीम इंडिया ने एमएस धोनी (MS Dhoni) की कप्तानी में आईसीसी का पहला टी20 विश्व कप जीता था. जोगिंदर बुधवार को 35 साल के हो गए हैं.

दोनी की युवा टीम में थे जोगिंदर
उस समय टी20 क्रिेकेट ने अपने युवा काल में प्रवेश ही किया था. इस साल बीसीसीआई ने टी20 विश्व कप में एक युवा टीम भेजने का फैसला किया और टीम इंडिया की कमान भी पहली बार धोनी के हाथ में दी गई थी. सबको लगा कि टीम इंडिया का यह विश्व कप जीतना प्राथमिकता नहीं है. तब तक टी20 क्रिेकेट को भी शायद एक अनिश्चित प्रारूप कुछ ज्यादा ही माना जाता था. जो भी हो युवा टीम इंडिया के लिए उस समय यह विश्व कप जीतने उम्मीद करना केवल एक सपना सा ही था. 

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ग्रुप मैच में पाकिस्तान को बॉल आउट में हराया था भारत में
इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया के ग्रुप में पाकिस्तान और स्कॉटलैंड थे. भारत का स्कॉटलैंड से मैच बारिश ने धो दिया था. उसके बाद पाकिस्तान के साथ मैच टाई होने के बाद बॉल आउट से फैसला टीम इंडिया के पक्ष में गया था. इस मैच में जोगिंदर को खेलने का मौका नहीं मिला था. इसके बाद टीम इंडिया को ग्रुप ई में जगह मिली थी जहां उसे न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के साथ मैच खेलने थे. न्यूजीलैंड ने अपने मैच में भारत को 10 रन से मात दी थी. लेकिन इस मैच में जोगिंदर को खेलने का मौका नहीं मिला.

पहला मैच इंग्लैंड के खिलाफ खेला था जोगिंदर ने
इंग्लैंड के खिलाफ हुए मैच को युवराज सिंह के लिए जाना जाता है जिसमें युवी ने एक ओवर में छह छक्के लगाकर केवल 16 गेंदों में 58 रन ठोक दिए थे. इस मैच में जोगिंदर चार ओवर में 57 रन लुटाकर सबसे मंहगे भारतीय गेंदबाज बने थे लेकिन टीम इंडिया को इस मैच में 18 रन से जीत हासिल हुई थी. इसके अगले मैच में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को 37 रन से हरा कर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी. इस मैच में जोगिंदर ने चार ओवर में 24 रन दिए थे. लेकिन  वे अब तक एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके थे. 

पाकिस्तान के खिलाफ बढ़िया गेंदबाजी की थी पहले तीन ओवर में 
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जोगिंदर फिर नहीं चले और तीन ओवर में 37 रन तो लुटाए लेकिन दो विकेट लेने में सफल जरूर रहे. इस मैच में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 15 रन से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी जहां उसका मुकाबला पाकिस्तान से होना था. पाकिस्तान के खिलाफ मैच में टीम इंडिया ने पाक को जीतने के लिए 157 रन का लक्ष्य दिया था. पाकिस्तान की पारी में 11ओवर के बाद तक जोगिंदर शर्मा ने तीन ओवर में 13 रन देकर एक विकेट लिया था. 

आखिरी ओवर का रोमांच
कांटे के इस मुकाबले में आखिरी ओवर में पाकिस्तान को जीतने के लिए 6 गेंद पर 13 रन की दरकार थी और उसके हाथ में केवल एक विकेट ही बचा था. क्रीज पर पाकिस्तान के कप्तान मिस्बाह उल हक को आखिरी ओवर की पहली गेंद का सामना करना था. धोनी के पास आखिरी ओवर फिकवाने के लिए हरभजन सिंह, युसुफ पठान, और जोगिंदर शर्मा का ही विकल्प था. धोनी ने इस ओवर के लिए गेंद जोगिंदर के हाथों में देकर सबको चौंका दिया था. पहली गेंद वाइड जाने के बाद मिस्बाह ने डॉट गेंद खेली. जोगिंदर की दूसरी गेंद पर  मिस्बाह ने छक्का लगा डाला. यहां पर दबाव जोगिंदर पर था. 

वह यादगार लम्हा
तीसरी गेंद ने जोगिंदर के साथ ही टीम इंडिया की तकदीर और इतिहास दोनों बदलकर रख दिए थे. इस गेंद को मिस्बाह ने मिसटाइम किया और शार्ट फाइन लेग पर श्रीसंत ने कैच लपकने में कोई गलती नहीं की और पहला टी20 विश्व कप भारत के नाम हो गया. जोगिंदर एक मैच विनर के तौर पर जाने गए. जोगिंदर ने इसके बाद टीम इंडिया केलिए कोई टी20 मैच नहीं खेला. हां जोगिंदर ने चार वनडे जरूर खेले लेकिन वे प्रभावित करने में नाकाम रहे और केवल एक ही विकेट ले सके.