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B'Day Special: श्रीकांत के सामने ही सबसे तेज फर्स्ट क्लास शतक लगाने वाला बल्लेबाज

बुधवार को वीबी चंद्रशेखर का जन्म दिन है. अपने जन्मदिन के छह दिन पहले ही दुनिया छोड़ने वाले चंद्रशेखर अपनी खास विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते थे.

B'Day Special: श्रीकांत के सामने ही सबसे तेज फर्स्ट क्लास शतक लगाने वाला बल्लेबाज
वीबी चंद्रशेखर की 15 अगस्त के दिन ही मौत हो गई थी. (फोटो : फाइल)

नई दिल्ली: भारत के पूर्व क्रिकेटर वीबी चंद्रशेखर (VB Chandrsekhar)  हाल में चर्चा में आए थे जब पिछले हफ्ते ही उनकी मौत की खबर ने पूरे खेल जगत को स्तब्ध कर दिया था. किसने सोचा था कि वे अपनी 58वीं सालगिरह नहीं मना सकेंगे. बुधवार 21 अगस्त को उनका जन्मदिन है. उनकी छह दिन पहले ही मौत हुई थी. चंद्रशेखर एक विस्फोटक बल्लेबाज, एक बेहतरीन कोच, चयनकर्ता और कमेंटेटर जैसी भूमिकाओं के लिए जाने जाते थे. उनके निधन पर पूरे क्रिकेट जगत ने शोक जताया था.

छोटा पर आकर्षक करियर
57 वर्षीय चंद्रशेखर ने भारत के लिए 1988 से 1990 के बीच 7 वनडे मैच खेले थे. वे एक विस्फोटक सलामी बल्लेबाज जाने जाते थे.  उन्होंने इन सात पारियों में एक अर्धशतक की मदद से कुल 88 रन बनाए थे जिसमें उनका बेस्ट स्कोर 53 रन रहा था.  इसके बाद वह टीम का नियमित हिस्सा नहीं बन सके थे वे टीम इंडिया के लिए कोई भी टेस्ट नहीं खेल सके थे. उनके घरेूल क्रिकेट रिकॉर्ड शानदार रहा. वे 1988 में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतने वाली तमिलनाडु की टीम का हिस्सा रहे थे

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श्रीकांत के सामने ही लगाया सबसे तेज शतक
चंद्रशेखर ने क्रिस श्रीकांत के सामने ही खुद को विस्फोटक बल्लेबाज साबित किया था. श्रीकांत की तरह धाकड़ खेल दिखाने वाले वे इकलौते ही खिलाड़ी थे. यह नजारा तमिलनाडु क्रिकेट टीम के कई मैचों में दिखाई दिया था. जब 1988-89 में चेन्नई में तमिलनाडु और शेष भारत के बीच मैच हुआ था तब दोनों खिलाड़ियों ने पारी की शुरुआत की थी. इस मैच में वीबी श्रीकांत पर भारी पड़े थे और केवल 56 गेंदो में ही शतक ठोक डाला था. यह उस समय का सबसे तेज फर्स्ट क्लास भारतीय शतक था. 

घरेलू क्रिकेट में चलता रहा उनका सिक्का
चंद्रशेखर की ईरानी ट्रॉफी की वही पारी उन्हें टीम इंडिया में जगह दिला गई थी. इसके बाद 1989-90 की दिलीप ट्रॉफी में उन्होंने दो शतक लगाए. उन्हें इसके बाद न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुना तो गया लेकिन वे प्लेइंग 11 में जगह नहीं पा सके और उसके बाद फिर वे कभी टीम इंडिया के हिस्सा नहीं बन पाए.  चंद्रशेखर रणजी ट्रॉफी में तमिलनाडु के लिए बरसों तक खास खिलाड़ी रहे. 1987-88 में रणजी में 551 रन की जीत में वे हीरो रहे. 1991-92 सीजन में उन्होंने 572 रन बनाए थे. उसके बाद वे गोवा की टीम से भी जुड़े रहे.

सक्रिय क्रिकेट के बाद चंद्रशेखर ने 
अपने क्रिकेट करियर के बाद वी.बी. ने कोचिंग और कमेंट्री करते रहे. उन्होंने कुछ समय के लिए राष्ट्रीय चयनकर्ता के रूप में भी कार्य किया था. वह पहले तीन संस्करणों के दौरान आईपीएल टीम चेन्नई सुपर किंग्स के प्रबंधक भी रहे. वीबी तमिलनाडु प्रीमियर लीग की कांची वीरन टीम के मालिक भी थे. क्रिकेट उनके लिए सब कुछ था वीबी चेन्नई में एक अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी भी खोली थी.