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B'day Special: आखिरी टेस्ट पारी में शतक ठोका था इस भारतीय बल्लेबाज ने

Team India: विजय मांजरेकर को बैटिंग करने के शानदार अंदाज के लिए जाना जाता है. 

B'day Special: आखिरी टेस्ट पारी में शतक ठोका था इस भारतीय बल्लेबाज ने
संजय मांजरेकर के पिता ने अपनी बैटिंग तकनीक से सबका दिल जीत रखा था. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: क्रिकेट के इतिहास में बड़े-बड़े बल्लेबाज हुए हैं, लेकिन बहुत ही कम ऐसे बल्लेबाज हुए हैं जिन्होंने अपनी आखिरी पारी यादगार बनाई है. डॉन ब्रैडमैन और सौरव गांगुली जैसे खिलाड़ी तक अपनी आखिरी पारी में शून्य पर आउट हो चुके हैं. लेकिन टीम इंडिया (Team India) के पूर्व बल्लेबाज विजय मांजरेकर (Vijay Manjrekar)  ने अपनी आखिरी पारी शतक से खत्म की थी. विजय मांजरेकर को तेज गेंदबाजी के खिलाफ एक शानदार बल्लेबाज माना जाता था. वे टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज और वर्तमान में कमेंटटर संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) के पिता थे. संजय गुरुवार को अपने पिता का जन्मदिन मना रहे हैं.

 दो खास हुनर थे विजय के पास
विजय मांजरेकर का जन्म 26 सितंबर 1931 को मुंबई में हुआ था. वे ऐसे उन चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों में से एक थे जिन्हें तेज गेंदबाजों के खिलाफ बेहतरीन बल्लेबाज माने जाते थे. मांजरेकर को हुक शॉट्स का मास्टर माना जाता था. जिसकी महारत को आज भी बड़े बड़े बल्लेबाज तरसते हैं. इसके अलावा मांजरेकर स्पिन को कट भी बेहतरीन अंदाज में किया करते थे. मांजरेकर ने टीम इंडिया के लिए 55 टेस्ट मैच खेले हैं जिसमें उन्होंने 7 सेंचुरी और 15 हाफ सेंचुरी की मदद से 3208 रन बनाए हैं. उनके करियर की बेस्ट पारी इंग्लैंड के खिलाफ 189 रन की थी जो उन्होंने दिल्ली में बनाए थे. 

आखिरी टेस्ट में सेंचुरी
आखिरी बार न्यूजीलैंड के खिलाफ चेन्‍नई में 1965 में टेस्ट मैच खेला था. जिसकी दूसरी पारी में उन्होंने 200 गेंदों पर नाबाद 102 रन की पारी खेली थी. यह मैच ड्रॉ हो गया था. मांजरेकर ने अपने करियर में सात शतक लगाए थे. इनमें से तीन-तीन सेंचुरी इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के खिलाफ थीं. उनके नाम 15 हाफ सेंचुरी थीं. 

बेटा भी बना बल्लेबाज
विजय मांजरेकर बेटे संजय मांजरेकर भी टीम इंडिया के बल्लेबाज बने और आजकल टीम इंडिया के मैचों के लिए कॉमेंट्री भी करते हैं. संजय भी अपने पिता की तरह बढ़िया बैट्समैन रहे. संयोग ही है कि जहां विजय मांजरेकर ने अपने टेस्ट करियर में एक भी छक्का नहीं लगाया, वहीं संजय मांजरेकर अपने टेस्ट करियर में केवल एक ही छक्का लगा सके. ऐसा नहीं पिता पुत्र की यह  जोड़ी छक्का नहीं लगा पाती थी. उनकी तकनीक में हवाई शॉट्स नहीं थे. इससे भी हैरानी की बात यह है कि विजय मांजरेकर हुक शॉट्स खेलने में माहिर माने जाते थे इसके बाद भी उनके नाम एक भी छक्का नहीं है.