हर कप्तान के लिए थी यह कमजोरी, विराट कोहली के आते ही बनी ताकत

भारतीय चनयकर्ताओं और कप्तान के सामने यह दुविधा बढ़ती जा रही है कि किस गेंदबाज को खिलाया जाए और किसे बाहर बैठाया जाए. टीम का लगभग हर गेंदबाज सीमित मौके के बावजूद जबरदस्त परफोर्मेंस दे रहा है.

हर कप्तान के लिए थी यह कमजोरी, विराट कोहली के आते ही बनी ताकत
बल्लेबाजी के जानी जाने वाली टीम इंडिया की गेंदबाजी गढ़ रही है नया इतिहास (Reuters)

नई दिल्ली : टीम इंडिया की हालिया परफॉर्मेंस बेहद प्रभावशाली रही है. सफलता टीम इंडिया के कदम चूम रही है. पहले चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम फाइनल तक पहुंची. इसके बाद श्रीलंका को उन्हीं के मैदान पर 9-0 से मात दी. अब ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 वनडे मैचों की सीरीज के पहले मैच में भी टीम इंडिया ने 26 रनों से जीत हासिल की. इस मैच में बल्लेबाजी क्रम में हार्दिक पांड्या औ महेंद्र सिंह धोनी के अलावा सभी फ्लॉप साबित हुए. इसके बाद गेंदबाजों ने शादार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को धूल चटा दी. ऐसा लग रहा है कि टीम इडिया की गेंदबाजी लगातार बेहतर हो रही है. जबकि नियम बल्लेबाजों के पक्ष में होते जा रहे हैं, बावजूद इसके भारतीय गेंदबाजी बल्लेबाजों पर हावी दिखाई दे रही है. फिर भी भारतीय चनयकर्ताओं और कप्तान के सामने यह दुविधा बढ़ती जा रही है कि किस गेंदबाज को खिलाया जाए और किसे बाहर बैठाया जाए. टीम का लगभग हर गेंदबाज सीमित मौके के बावजूद जबरदस्त परफोर्मेंस दे रहा है. ऐसे में यह कठिन होता जा रहा है कि प्लेइंग इलेवन क्या हो. 

स्पिन विभाग
भारतीय टीम में इस समय पांच मुख्य स्पिनर हैं जो प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना चाहतेहैं. आर.अश्विन, रविंद्र जडेजा, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव और यजुवेंद्र चहल. आश्विन और जडेजा लगातार टीम के साथ रहे हैं. लेकिन हालिया सीरीज में युवा स्पिनरों को मौका मिला तो तीनों युवा स्पिनरों ने शानदार प्रदर्शन किया. इनमें अक्षर पटेल सबसे ज्यादा प्रभावशाली रहे जिन्होंने 5 मैचों में 6 विकेट लिए. उनका इकनॉमी रेट 3.85 और स्ट्राइक रेट 25.67 का रहा. यजुवेंद्र चहल ने भी 4 वनडे में 5 विकेट झटके. उनका औसत 37.60 और इकानामी रेट 4.70 रहा. 

 Kuldeep Yadav, Yuzvendra Chahal

कुलदीप यादव ने केवल दो मैचों में 3.80 की इकनॉमी से 3 विकेट लिए. उनका औसत (23.67) पटेल से बेहतर रहा. इन तीनों युवा स्पिनरों की परफोर्मेंस के दम पर ही चनयकर्ताओं को आश्विन और जडेजा को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वन डे सीरीज से बाहर रखा गया. दुर्भाग्य से अक्षर पटेल को चोट की वजह से बाहर बैठना पड़ा, लेकिन कुलदीप और यजुवेंद्र ने पहले वन डे में भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. कुलदीप ने 3 और चहल ने 2 विकेट लिए. लेकिन अक्षर की वापसी के बाद चनयकर्ताओं के लिए चुनाव फिर से मुश्किल हो जाएगा. अक्षर पटेल अभी आईसीसी वन डे रैंकिंग में दसवें नंबर पर हैं.
 
तेज गेंदबाजी
टीम इंडिया के पास इस समय चार पेसर मौजूद हैं-उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी. शमी और भुवनेश्वर नई गेंद को दोनों ओर स्विंग कराने में सक्षम  हैं तो उमेश और बुमराह के पास अच्छी पेस है. यानी चारों गेंदबाजों पास क्षमता है. इसलिए चनयकर्ताओं के लिए चयन करना मुश्किल है. शमी को इंडियन बॉलिंग अटैक में करिश्मा माना जाता है. शमी नई और पुरानी गेंद को दोनों ओर स्विंग कराने की ताकत रखते हैं. लेकिन अपनी फिटनेस और लगातार चोटों के कारण वह टीम  में अपनी स्थाई जगह नहीं बना पाए हैं. 

Mohammed Shami, Umesh Yadav

विराट कोहली के लिए उमेश यादव पहल पसंद हैं. वह अपने करियर के खराब पैच से उबर कर परिपक्व तेज गेंदबाज के रूप में परफॉर्म कर रहे हैं. भुवनेश्वर कुमार के अंतरराष्ट्रीय टीम में होने की संभावना थोड़ी कम है. वह नई गेंद को नियंत्रित तो कर लेते हैं लेकिन डेथ ओवरों में उनकी इकॉनामी खराब हो जाती है. यही वजह है कि वह टीम से लगातार बाहर होते रहे हैं. हालांकि अब वह डेथ ओवरों में  यॉर्कर डालने की कोशिश करते हैं. लेकिन श्रीलंका के खिलाफ 4 वन डे मैचों में भुवनेश्वर एक भी विकेट नहीं ले पाए. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वन डे में उन्हें खेलने का मौका मिला. 

Jasprit Bumrah, Bhuvneshwar Kumar

जसप्रीत बुमराह इस समय टीम इंडिया के लिए सेन्सेशनल फास्ट बॉलर हैं. शुरुआत से लेकर डेथ ओवरों तक में वह लगातार विकेट निकालते हैं. वह पिछले काफी समय से टी 20 के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज हैं. लेकिन श्रीलंका के खिलाफ 5वन डे में 15विकेट लेकर वह आईसीसी रैंकिंग में टॉप 10 गेंदबाजों में शामिल हुए हैं. उनकी रैंकिंग 4 है. अगर वह इसी तरह परफॉर्म करते रहे तो आने वाले समय में हम उन्हें शीर्ष पर देख सकते हैं. 

सही संयोजन क्या हो?
यह बात आसानी से समझी जा सकती है कि प्लेइंग इलेवन में केवल दो स्पिनर खेल सकते हैं, बशर्ते पिच पूरी तरह से स्पिनरों के अनुकूल न हो. सही संयोजन वही होगा जिसमें दोनों स्पिनर दोनों तरफ से गेंद को टर्न करा सकें. हालांकि, यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि परिस्थितियां कैसी हैं. फ्लैट पिचों पर रिस्ट स्पिनर युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव गेंद को टर्न करा सकते हैं. 

Ravichandran Ashwin, Ravindra Jadeja

टर्निंग ट्रेक पर अनुभवी रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र  जडेजा ज्यादा प्रभावशाली साबित हो सकते हैं. यदि विरोधी टीम की गेंदबाजी बहुत मजबूत है तो अक्षर पटेल को खिला कर बल्लेबाजी की गहराई को बढ़ाया जा सकता है. तेज गेंदबाजों का संयोजन भी परिस्थितियों पर निर्भर करता है. यदि पिच पर बहुत ज्यादा घास है और गेंद ज्यादा स्विंग करेगी तो भुवनेश्वर और शमी की जोड़ी ज्यादा उपयोगी साबित होगी. अधिक उछाल वाली पिचों पर उमेश यादव और जसप्रीत बुमराह खतरनाक साबित हो सकते हैं. हार्दिक पांड्या टीम इंडिाय में लगातार अपनी पोजिशन बना रहे हैं. वह गेंद और बल्ले दोनों से टीम के लिए उपयोगी साबित हो रहे हैं. अब यह चनयकर्ताओं और विरोट कोहली पर निर्भर करता है कि वह टीम का संयोजन कैसा रखते हैं. 

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