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विनोद राय और डायना ने BCCI को 33 महीने चलाया, बदले में मिलेगी करोड़ों की रकम

सुप्रीम कोर्ट ने सीओए (CoA) का कार्यकाल खत्म होने के एक दिन पहले इसके सदस्यों को मिलने वाले वेतन को भी मंजूरी दी. 

विनोद राय और डायना ने BCCI को 33 महीने चलाया, बदले में मिलेगी करोड़ों की रकम

कोलकाता: सौरव गांगुली के बीसीसीआई अध्यक्ष बनते ही बोर्ड का कामकाज देख रही प्रशासकीय समिति (सीओए) की भूमिका खत्म हो गई है. विनोद राय (Vinod Rai) की अध्यक्षता वाली इस समिति ने करीब 33 महीने तक बोर्ड का कामकाज संभाला. सुप्रीम कोर्ट ने सीओए (CoA) का कार्यकाल खत्म होने के एक दिन पहले इसके सदस्यों को मिलने वाले वेतन को भी मंजूरी दी. बीसीसीआई को यह रकम दो दिन के भीतर देनी होगी. 

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सीओए को बीसीसीआई चलाने और लोढ़ा समिति की सिफारिशें लागू करने के लिए उनके वेतन को मंजूरी दी. इसके मुताबिक सीओए अध्यक्ष विनोद राय और सदस्य डायना इडुल्जी दोनों को 3.62 करोड़ रुपए दिए जाएंगे. 

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जस्टिस एसए. बोब्डे और एल. नागेश्वर राव की बेंच को मंगलवार को एक सील बंद लिफाफे में सीओए के प्रस्तावित वेतन सौंपा गया जिसे पीठ ने अपनी मंजूरी दे दी. इसके मुताबिक बीसीसीआई सीओए और चुनाव अधिकारी का खर्च उठाने को तैयार है जिसमें कानूनी कार्यवाही में किया गया खर्च, या अन्य कोई कार्यवाही में किया गया खर्च शामिल है. कोर्ट ने कहा, ‘समिति का वेतन उनके कार्यमुक्त होने के बाद अगले 48 घंटों में भुगतान किया जाए.’

कोर्ट के आदेश के मुताबिक, ‘2017 के लिए समिति को प्रति माह 10 लाख रूपए दिए जाएंगे. इसी प्रकार 2018 के लिए प्रति माह 11 लाख और 2019 के लिए प्रति माह 12 लाख रुपए का भुगतान किया जाएगा.’ राय और इडुल्जी शुरू से लेकर अंत तक समिति में रहे. रवि थोडगे इसी साल फरवरी में आए हैं इसलिए उनके वेतन की गणना फरवरी से की जाएगी. 

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सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में बीसीसीआई का कामकाज देखने के लिए सीओए की नियुक्ति की थी. विनोद राय इसके अध्यक्ष और डायना एडुलजी, रामचंद्र गुहा और विक्रम लिमये सदस्य नियुक्त किए गए थे. रामचंद्र गुहा और विक्रम लिमये ने बाद में अपने पद छोड़ दिए थे.  गुहा और विक्रम लिमये को उनके कार्यकाल के मुताबिक भुगतान किया जाएगा.