विश्व कप 2011: 'फाइनल में धोनी ने याद दिलाई थी ये बात, इसलिए हुआ मैं आउट'- गंभीर

विश्व कप 2011: 'फाइनल में धोनी ने याद दिलाई थी ये बात, इसलिए हुआ मैं आउट'- गंभीर

World Cup Final 2011: फाइनल मैच में गौतम गंभीर केवल तीन रन से अपने शतक से चूक गए थे. गंभीर ने इसके बारे में बात करते हुए बताया कि ऐसा कप्तान धोनी की कही एक बात के कारण हुआ.

विश्व कप 2011: 'फाइनल में धोनी ने याद दिलाई थी ये बात, इसलिए हुआ मैं आउट'- गंभीर

नई दिल्ली: टीम इंडिया ने 2011 में विश्व कप जीता था उसका फाइनल मैच कोई भारतयी फैन नहीं भूल सकता. इस मैच में टीम इंडिया के कप्तान एमएस धोनी (MS Dhoni) ने तूफानी 91 रन की पारी खेली थी. उनके अलावा गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) की 97 रन की पारी को भी यादगार माना जाता है. गंभीर की पारी के अहम योगदान के कारण ही टीम इंडिया ने 1983 के बाद विश्व कप दूसरी बार हासिल करने में कामयाबी हासिल की थी. गंभीर ने हाल ही में खुलासा किया कि वे इस मैच में शतक से कैसे चूक गए. उनके मुताबिक कप्तान धोनी ने उन्हें एक बात याद दिला दी थी जिससे वे अपनी लय खो बैठे थे और आउट हो गए थे. 

धोनी के साथ साझेदारी कर टीम को दी थी मजबूती
इस मैच में टीम इंडिया 275 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही था. जब मैदान पर गंभीर का साथ देने कप्तान धोनी आए थे. उस समय टीम इंडिया का स्कोर तीन विकेट के नुकसान पर 114 रन ही था. इसके बाद दोनों ने चौथे विकेट के लिए 109 रन की साझेदारी की थी जिससे टीम इंडिया की जीत की मजबूत नींव बनी. उस मैच में गंभीर की पारी की खूब सराहना हुई थी जिसमें वे केवल तीन रन से शतक से चूक गए थे.

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रिटायर होने के एक साल बाद किया खुलासा
दिसंबर 2018 में रिटायर होने वाले गंभीर ने अब खुलासा किया है कि कप्तान धोनी ने उन्हें याद दिलाया था कि वे शतक से केवल तीन रन दूर हैं जिससे उनकी लय टूटी और वे बड़ा शॉट लगाने के चक्कर में आउट हो गए थे. इसके बाद धोनी ने युवराज सिंह के साथ मिलकर टीम इंडिया की जीत सुनिश्चित की. 

तब तक शतक पर नहीं गया था ध्यान
एक इंटरव्यू में गंभीर ने कहा, "मुझसे कई बार यह सवाल किया जाता है कि जब में 97 के स्कोर पर था तब ऐसा क्या हो गया था कि मैं आउट हो गया था. मैंने सभी से कहा कि 97 के स्कोर तक पहुंचने से पहले मुझे अपने व्यक्तिगत स्कोर का अंदाजा नहीं था क्योंकि मेरा ध्यान श्रीलंका के दिए टारगेट पर ही था. 

क्या कहा धोनी ने 
गंभीर ने कहा, "मुझे याद है कि जब उस समय एक ओवर खत्म हुआ था तब धोनी ने मुझे कहा कि 'तीन रन बचे हैं ये तीन रन बना लो और तुम्हारा शतक पूरा हो जाएगा'," गंभीर 97 के स्कोर पर थिसारा परेरा की यार्कर गेंद पर बोल्ड हो गए थे. जिसके बाद उनका शतक से चूकना चर्चा का विषय बन गया था. 

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पूरा हो जाता शतक अगर
गंभीर ने कहा कि कप्तान के उन शब्दों के बाद मैंने अपने निजी स्कोर के बारे में सोचना शुरू कर दिया था. उन्होंने कहा, " जब आपका दिमाग अचानक ही व्यक्तिगत प्रदर्शन, व्यक्तिगत स्कोर की ओर पर चला जाता है, तब आपका खून तेजी से दौड़ने लगता है. उस लम्हे से पहले मेरा टारगेट केवल श्रीलंका के दिए लक्ष्य को हासिल करना था. यदि मेरे दिमाग में वही लक्ष्य होता तो मेरा शतक भी आसानी से पूरा हो जाता."

आज तक है मलाल
गंभीर ने कहा, "97 के स्कोर तक मैं तब के वर्तमान में था, लेकिन जैसे ही मेरे दिमाग में आया कि मैं शतक से तीन रन दूर हूं. मेरे दिमाग में शतक पूरा करने की बात घर कर गई. इसीलिए वर्तमान में रहना बहुत जरूरी होता है. जब मैं पवेलियन वापस लौट रहा था. तब मैंने अपने आप से कहा था कि ये तीन रन जिंदगी भर मुझे परेशान कर देंगे. और यह सही है. आज भी लोग मुझसे यह पूछते हैं कि मैं वे तीन रन क्यों नहीं बना सका."
(इनपुट आईएएनएस)

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