ये हैं सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट करियर की 5 सबसे तूफानी पारियां

सचिन तेंदुलकर की सबसे तूफानी पारी महज 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ आई थी, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया था.

ये हैं सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट करियर की 5 सबसे तूफानी पारियां
1989 में पाकिस्तान के खिलाफ मैच में 16 साल के सचिन तेंदुलकर.(फोटो-IANS)

नई दिल्ली: मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को क्रिकेट की दुनिया से संन्यास लिए हुए आधे दशक से भी ज्यादा वक्त बीत चुका है. लेकिन आज भी लोग क्रिकेट के इस भगवान की बल्लेबाजी को भुलाने के लिए तैयार नहीं हैं. आज भी सचिन के किसी पुराने मैच की हाईलाइट्स खेल चैनलों पर पहले जैसी ही टीआरपी भी बटोरती है. साथ ही आज भी विशेषज्ञों के बीच इस बात पर बहस चलती रहती है कि मास्टर ब्लास्टर की बेस्ट पारियां कौन सी थीं. आइए आज आपको हम सचिन की 5 सबसे तूफानी बल्लेबाजी वाली पारियों के बारे में बता रहे हैं.

कादिर के एक ओवर में 28 रन, 18 गेंद में 53 रन
सचिन तेंदुलकर की सबसे कातिलाना पारी पाकिस्तान की धरती पर उनके पहले इंटरनेशनल टूर में सामने आई थी, जब महज 16 साल की उम्र में सचिन ने पाकिस्तान के सबसे लीजेंड लेग स्पिनर अब्दुल कादिर (Abdul Qadir) के एक ओवर में 28 रन ठोक दिए थे. हालांकि यह 20-20 ओवर का प्रदर्शनी मैच था, जो ऑफिशियल वनडे मैच को खराब रोशनी के कारण रद्द कर दिए जाने के चलते दर्शकों के मनोरंजन के लिए खेला गया था. इसके बावजूद सचिन की इस पारी को सारी दुनिया याद रखती है. पाकिस्तान ने 20 ओवर में 157 रन बनाए थे. 

जब सचिन तेंदुलकर विकेट पर आए तो भारतीय टीम 3 विकेट 88 रन पर खो चुकी थी और महज 5 ओवर बाकी थे. टीम को जीत के लिए 70 रन की जरूरत थी. सचिन ने लेग स्पिनर मुश्ताक अहमद (Mushtaq Ahmed) की गेंद पर 2 छक्के लगा दिए. इस पर कादिर ने सचिन के पास आकर कमेंट करते हुए कहा, 'बच्चों को क्यों मार रहे हो? हमें भी मारकर दिखाओ.' इसके बाद अगला ओवर सचिन का ही था. इस ओवर में सचिन ने कादिर की छह गेंद पर लगातार 6,0,4,6,6 और 6 रन के स्कोर ठोककर तहलका मचा दिया. सचिन ने 18 गेंद में 53 रन बनाए, लेकिन टीम इंडिया महज 4 रन से यह मुकाबला हार गई. इसके बावजूद पूरे स्टेडियम में महज सचिन की ही चर्चा थी. 

न्यूजीलैंड के खिलाफ 49 गेंद में 82 रन
सचिन तेंदुलकर की न्यूजीलैंड के खिलाफ 1994 में क्राइस्टचर्च के मैदान पर खेली गई 49 गेंद में 82 रन की पारी शायद ही कभी कोई भुला पाएगा. दरअसल इस पारी में ही सचिन अपने इंटरनेशनल करियर में पहली बार टीम इंडिया के लिए ओपनिंग करने के लिए उतरे थे, जिसके बाद वर्ल्ड क्रिकेट का नजारा ही बदल गया था. इस मैच में न्यूजीलैंड की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी और भारतीय गेंदबाजों ने उसे 49.4 ओवर में महज 142 रन पर ही ऑलआउट कर दिया था. छोटे से टारगेट के सामने ओपनिंग में उतरे सचिन तेंदुलकर कुछ अलग ही मूड में थे और उन्होंने 15 चौके व 2 छक्के लगाते हुए महज 49 गेंद में 82 रन ठोक दिए. उनके विस्फोटक रुख का अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि उन्होंने अपनी पारी में महज 10 रन ही भागकर लिए. भारतीय टीम महज 24 ओवर में 7 विकेट से यह मैच जीत गई थी.

न्यूजीलैंड के ही खिलाफ ठोके 27 गेंद में 72 रन
सचिन तेंदुलकर की दूसरी सबसे विस्फोटक पारी भी न्यूजीलैंड के ही खिलाफ आई थी. मजे की बात है कि महज 27 गेंद में 72 रन की यह जबरदस्त पारी भी क्राइस्टचर्च के मैदान पर ही दिसंबर 2002 में खेली गई थी. दरअसल यह मैच आईसीसी की तरफ से किए गए एक अनोखे प्रयोग का हिस्सा था, जिसे 'सुपर मैक्स इंटरनेशनल' का नाम दिया गया था. इस मैच में दोनों टीमों को 10-10 ओवर की दो पारियां खेलनी थीं.

बल्लेबाज के लिए साइट स्क्रीन के सामने एक 'मैक्स जोन' बनाया गया था, जिसमें सीधे हिट मारने पर बल्लेबाज को दोगुने रन मिलने थे यानी चौका मारने पर 4 के बजाय 8 और छक्का मारने पर 6 के बजाय 12 रन. इस मैच में भारतीय टीम की पहली पारी के दौरान सचिन ने महज 27 गेंद में 72 रन ठोक दिए. उन्होंने मैक्स जोन की बदौलत लगातार तीन गेंद पर बिना किसी नो बॉल के ही 24 रन बनाने का कारनामा भी किया था. दरअसल उन्होंने मैक्स जोन में इन 3 गेंद पर एक चौका, एक छक्का और 2 रन का स्कोर बनाया, लेकिन उनके स्कोर में जोड़े गए थे 8, 12 और 4 रन. 

आईपीएल में बनाए थे 32 गेंद में 63 रन
सचिन तेंदुलकर के नाम पर इंटरनेशनल टी20 क्रिकेट में भले ही महज एक मैच दर्ज है, लेकिन उन्होंने क्रिकेट के इस छोटे से संस्करण में अपना जलवा इंडियन प्रीमियर लीग (IPL)में खूब दिखाया था. उन्होंने मुंबई इंडियंस के लिए कई सीजन में शानदार बल्लेबाजी की. इसी दौरान आईपीएल-2010 में सचिन ने दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ महज 32 गेंद में 63 रन ठोक दिए थे. इस पारी में सचिन ने परवेज महरुफ के एक ओवर में चार चौके भी लगाए थे.

2007 वर्ल्ड कप में 29 गेंद में 57 रन
सचिन तेंदुलकर को 2007 के आईसीसी वर्ल्ड कप में कोच रहे ग्रेग चैपल की साजिश के चलते ओपनिंग से हटा दिए जाने के बारे में सभी जानते हैं. उस समय सचिन कई तरह की चोट से उबरने के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में दोबारा अपनी सत्ता हासिल कर रहे थे. इसी दौरान बरमूडा के खिलाफ मैच में उन्हें छठे नंबर पर उतारा गया. 

इस मैच में सचिन तेंदुलकर ने आते ही आतिशी बल्लेबाजी करना चालू कर दिया और महज 29 गेंद में नॉटआउट 57 रन ठोक दिए. उनकी 2 चौके और 5 छक्कों वाली इस पारी की बदौलत ही टीम इंडिया ने 50 ओवर में 5 विकेट पर 413 रन बनाए थे और बरमूडा को 257 रन से हराकर वनडे की सबसे ज्यादा अंतर वाली जीत में से एक हासिल की थी.