ICC Champions Trophy में भारत को रुलाने वाले इस क्रिकेटर की हालत नाजुक, लाइफ सपोर्ट पर दिग्गज
X

ICC Champions Trophy में भारत को रुलाने वाले इस क्रिकेटर की हालत नाजुक, लाइफ सपोर्ट पर दिग्गज

पूर्व ऑलराउंडर क्रिस केर्न्स (Chris Cairns) ने न्यूजीलैंड (New Zealand) के लिए 62 टेस्ट, 215 वनडे और 2 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं.आज वो ऑस्ट्रेलिया (Australia)  के अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं.

ICC Champions Trophy में भारत को रुलाने वाले इस क्रिकेटर की हालत नाजुक, लाइफ सपोर्ट पर दिग्गज

नई दिल्ली: न्यूजीलैंड (New Zealand) के पूर्व ऑलराउंडर क्रिस केर्न्स (Chris Cairns) की हालत बेहद नाजुक है और ऑस्ट्रेलिया (Australia) की राजधानी कैनबरा (Canberra) में बेहोश हो गए और अब लाइफ सपोर्ट परहैं. उन्हें एओरटिक डाइसेक्शन (Aortic Dissection) नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं. 

तबीयत में सुधार नहीं

क्रिस केर्न्स (Chris Cairns) के कई ऑपरेशन हो चुके हैं लेकिन उनकी तबीयत में कुछ खास सुधार नहीं हुआ. अब उन्हें जल्द से जल्द सिडनी (Sydney) के बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाएगा. दुनियाभर के क्रिकेट फैंस न्यूजीलैंड (New Zealand) के इस लेजेंड के लिए दुआएं कर रहे हैं.
 

यह भी पढ़ें-  भारत के लिए वर्ल्ड कप जीत चुका है ये खिलाड़ी, पेट पालने के लिए बन गया दिहाड़ी मजदूर
 

कीवी टीम की शान रहे केर्न्स

क्रिस केर्न्स (Chris Cairns) ने न्यूजीलैंड (New Zealand) के लिए 62 टेस्ट, 215 वनडे और 2 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. टेस्ट में उनके नाम 3320 रन और 218 विकेट हैं, वहीं वनडे में उन्होंने 4950 रन बनाए और 201 विकेट हासिल किए हैं. 16 फरवरी 2006 को उन्होंने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच (T20I) खेला था.

 

 

जब ICC ट्रॉफी में भारत को रुलाया

साल 2000 की आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी (ICC Champions Trophy) के फाइनल में उन्होंने भारत के खिलाफ 113 गेंदों में 8 चौके और 2 छक्कों की मदद से नाबाद 102 रन की पारी खेली थी. उनके इस परफॉरमेंस की बदौलत सौरव गांगुली की अगुवाई में टीम इंडिया इस आईसीसी टूर्नामेंट को जीतने से महरूम रह गई थी.

रिटारमेंट के बाद हुए गरीब

रिटारमेंट के बाद क्रिस केर्न्स (Chris Cairns) ने 2010 में दुबई (Dubai) में डायमंड मर्चेंट (Diamond Merchant) के तौर पर काम किया, लेकिन बाद में कोर्ट कचहरी के मामलों में फंस गए, बढ़ते खर्च की वजह से उनको पैसे की तंगी हो गई. अपना गुजारा करने लिए उन्हें बस में क्लीनर का काम भी करना पड़ा.

Trending news