गौतम गंभीर और एमएसके प्रसाद के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस, जानिए क्या थी वजह

अंबाती रायुडू को लेकर सेलेक्टर्स पर पहले ही सवाल उठाए गए थे, अब गौतम गंभीर ने एक बार फिर इन बातों को तूल दिया है.

गौतम गंभीर और एमएसके प्रसाद के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस, जानिए क्या थी वजह

नई दिल्ली: टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद (MSK Prasad) के बीच टीम के सलेक्शन को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस हो गयी है. गौरतलब है कि एमएसके प्रसाद  का कार्यकाल काफी विवादों से घिरा रहा था, पर अंबाती रायुडू (Ambati Rayudu) को 2019 वर्ल्ड कप की टीम में नहीं चुनने के मुद्दे को काफी तूल दिया गया था जिसकी वजह से प्रसाद विवादों के सरदार बन गए थे. प्रसाद के इस फैसले की चारों तरफ आलोचना हुई थी और गंभीर के अलावा युवराज सिंह, इरफान पठान जैसे खिलाड़ियों ने उनके इस निर्णय पर कई सवाल खड़े कर दिए थे. इन तीनों के बाद सुरेश रैना ने भी प्रसाद के फैसले को गलत करार दिया था.

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गंभीर ने 2019 वर्ल्ड कप में भारत की हार के लिए प्रसाद को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि ऐसा चयनकर्ता किस काम का जो एक बड़े टूर्नामेंट के लिए एक संतुलित टीम न चुन सके? गंभीर की मानें तो अंबाती रायुडू को वर्ल्ड कप की टीम में सिलेक्ट न करना प्रसाद की सबसे बड़ी भूल थी क्योंकि रायुडू लगभग 2 साल से नंबर 4 पर बैटिंग कर रहे थे और उनका प्रर्दशन भी बेहतरीन था, फिर किस आधार पर रायुडू को टीम से बाहर का रास्ता दिखाया गया था?

गंभीर ने कहा, '2016 में जब मुझे इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच से बाहर कर दिया गया था, तो उस समय कोई बातचीत नहीं हुई थी. आप करुण नायर को देखिए, उन्हें कोई कारण नहीं बताया गया. आप युवराज सिंह को देखिए, सुरेश रैना को देखिए. देखिए, अंबाती रायुडू के साथ क्या हुआ? आपने उन्हें 2 साल के लिए टीम में रखा. इस दौरान उन्होंने 4 नंबर पर बल्लेबाजी की. लेकिन वर्ल्ड कप से ठीक पहले आपको थ्री-डी प्लेयर की जरूरत पड़ गई. क्या सिलेक्शन कमिटी के चेयरमैन से ऐसे बयान की अपेक्षा की जाती है कि हमें थ्री-डी प्लेयर की जरूरत है.'

गंभीर ने आगे कहा, 'अब वक्त आ गया है कि कप्तान को ही चयनकर्ता भी होने की जरूरत है. कप्तान और कोच को चयनकर्ता होना चाहिए. प्लेइंग इलेवन में चयनकर्ताओं को कहने का कुछ नहीं होता. प्लेइंग इलेवन कप्तान की जिम्मेदारी होनी चाहिए लेकिन साथ ही में कप्तान और कोच को वोटिंग का अधिकार भी मिलना चाहिए ताकि टीम सलेक्शन की अपनी जिम्मेदारी को वे दोनों किसी तरह से खिसका न सकें.'

गंभीर के आरोपों का प्रसाद ने कुछ इस तरह जवाब दिया. उन्होनें कहा कि हमारे पास रोहित शर्मा, विराट कोहली, शिखर धवन जैसे बल्लेबाज थे और हमें मध्य क्रम के लिए एक ऑलराउंडर की जरूरत थी, और इसलिए विजय शंकर को टीम में मौका दिया गया था. 

प्रसाद ने कहा, 'टीम में ऊपरी क्रम में रोहित शर्मा, विराट कोहली, शिखर धवन जैसे बल्लेबाज थे. इनमें से कोई भी गेंदबाजी नहीं कर सकता था. ऐसे में इंग्लैंड की परिस्थितियों के अनुसार, हमें एक ऐसा खिलाड़ी चाहिए था, जो ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करने के अलावा गेंदबाजी भी कर पाए. इसलिए विजय शंकर को चुना गया.'