#CoronaEffect: आईसीसी ने सभी क्रिकेट बोर्डों को दिए निर्देश, ये बदलाव जरूरी

आईसीसी का मकसद पूरे विश्व में क्रिकेट की दोबारा शुरुआत कराना और खिलाड़ियों के लिए उच्चतम सुरक्षा प्रोटोकॉल का भी ध्यान रखना था.

#CoronaEffect: आईसीसी ने सभी क्रिकेट बोर्डों को दिए निर्देश, ये बदलाव जरूरी
फाइल फोटो

नई दिल्ली. क्रिकेट टीमों के साथ ट्रेनिंग मैदानों पर अब फिजियोथेरेपिस्ट के अलावा एक और डॉक्टर नजर आने वाला है. आईसीसी ने सभी देशों को चीफ मेडिकल ऑफिसरों की नियुक्ति करने और 14 दिन के प्रि- मैच आइसोलेशन ट्रेनिंग कैंपों का आयोजन करने का निर्देश दिया है. ये निर्देश उस अहम गाइडलाइंस का हिस्सा हैं, जो नॉवल कोरोना वायरस के कहर के बाद इंटरनेशनल क्रिकेट को दोबारा चालू करने के लिए क्रिकेट की सर्वोच्च वैश्विक संस्था ने जारी की है.

पिछले सप्ताह जारी की गई थी गाइडलाइंस
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) ने पिछले सप्ताह कोरोना संक्रमण की जानलेवा महामारी से खिलाड़ियों को बचाए रखने के लिए कॉम्प्रिहेंसिव गाइडलाइंस जारी की थी. आईसीसी का मकसद पूरे विश्व में क्रिकेट की दोबारा शुरुआत कराना और खिलाड़ियों के लिए उच्चतम सुरक्षा प्रोटोकॉल का भी ध्यान रखना था.

गाइडलाइंस में है ये निर्देश
आईसीसी ने अपनी गाइडलाइंस के एक निर्देश में कहा है कि सभी टीमों को एक चीफ मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) या बायोसेफ्टी ऑफिशियल की नियुक्ति करनी होगी, जो सरकारी दिशानिर्देशों का लागू कराने और ट्रेनिंग व कॉम्पिटिशन के दौरान बायोसेफ्टी प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी संभालेगा. एक अन्य निर्देश में कहा गया है कि टीम को कोविड-19 (कोरोना वायरस) से मुक्त रखने के लिए मैचों से पहले कम से कम 14 दिन का प्रि-मैच आइसोलेशन ट्रेनिंग कैंप आयोजित किया जाएग, जिसमें खिलाड़ियों के स्वास्थ्य व तापमान की जांच और कोविड-19 टेस्ट कराए जाएं.

ट्रेनिंग के दौरान बनाया जाए टेस्टिंग प्लान
क्रिकेट की वैश्विकस संस्था ने यह भी निर्देश दिया है कि ट्रेनिंग और कॉम्पिटिशन के दौरान खिलाड़ियों की टेस्टिंग की उचित योजना तैयार की जाए. बता दें कि कोरोना वायरस महामारी के उभरने के बाद से विश्व में सभी क्रिकेट गतिविधियां ठप पड़ी हुई हैं. यहां तक कि इस जानलेवा महामारी के कारण आगामी टी20 वर्ल्ड कप का आयोजन भी खतरे में लग रहा है.