आखिर क्या है हार्दिक पांड्या की जर्सी नंबर 228 का राज, जानिए असली वजह

टीम इंडिया के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या मैदान में उतरते वक्त 228 नंबर की जर्सी पहनते हैं, इसके पीछे एक खास वजह है.

आखिर क्या है हार्दिक पांड्या की जर्सी नंबर 228 का राज, जानिए असली वजह

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के शानदार खिलाड़ी हार्दिक पांड्या (Hardik Pandya) अक्सर ही सुर्खियों में छाए रहते हैं, कभी मैदान पर अपने प्रदर्शन को लेकर तो कभी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर. वैसे ये तो हम सभी जानते हैं कि टीम इंडिया के सभी क्रिकेटर्स की जर्सी पर एक नंबर लिखा होता है, ऐसे ही हार्दिक पांड्या भी जब मैदान पर उतरते हैं तो 228 नंबर की जर्सी पहनकर उतरते हैं. यूं तो हर खिलाड़ी की जर्सी नंबर के पीछे कोई न कोई वजह, किस्सा जरूर होता है लेकिन हार्दिक की जर्सी नंबर के बारे में दिलचस्प खुलासा हुआ है.

यह भी पढ़ें- क्रिकेटर मोहम्मद शमी की दरियादिली, इस तरह कर रहे हैं प्रवासी मजदूरों की मदद

दरअसल, हार्दिक 228 नंबर की जर्सी क्यों पहनते हैं इसकी असली वजह सामने आई है. आपको बता दें कि हाल ही में आईसीसी ने हार्दिक पांड्या की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है जिसमें हार्दिक पांड्या टीम इंडिया की नंबर 228 वाली जर्सी पहने दिखाई दे रहे हैं. इस तस्वीर को शेयर करते हुए आईसीसी ने कैप्शन लिखा है कि, 'आखिर क्यों हार्दिक पांड्या नंबर 228 वाली जर्सी पहनते हैं? अब आईसीसी के इस सवाल पर  क्रिकेट के स्टेटिशियन मोहनदास मेनन ने जवाब दिया है और हार्दिक की जर्सी नंबर के पीछे का राज बताया है.

वैसे हार्दिक की जर्सी नंबर का राज जानने के लिए हमें कुछ साल पीछे जाना पड़ेगा. दरअसल, ये बात है साल 2009 की जब हार्दिक पांड्या अंडर-16 विजय मर्चेंट टूर्नामेंट में बडौदा के लिए कप्तानी संभाल रहे थे. उस वक्त उन्होंने मुंबई के खिलाफ 228 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी. वो स्कोर हार्दिक के अब तक के करियर में सबसे बड़ा स्कोर है और दोहरा शतक भी. इस मैच में हार्दिक ने अपनी टीम की तरफ से लगातार 8 घंटे तक बल्लेबाजी की थी और 228 रनों की शानदार पारी खेली थी. 

 इस मैच के बाद हार्दिक उस शहर में काफी मशहूर हो गए थे. मैच के बाद उनके कोच जितेंद्र सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'ये उसका पहला सीजन था और क्रिकेट जगत में उसकी ये शानदार शुरुआत थी. जिसके बाद वो अंडर-19 टीम में गया और आगे बढ़ता गया. हार्दिक ने इस मैच में 5 विकेट भी लिए थे. जिससे उनके ऑलराउंडर बनने की शुरुआत हुई थी.' इस मैच के बाद हार्दिक ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.

उनके कोच की बात सच साबित हो रही है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट टीम में हार्दिक की विस्फोटक बल्लेबाजी और गेंदबाजी को एक ऑलराउंडर के तौर पर वर्ल्ड कप जिताने वाले पूर्व कैप्टन कपिल देव के बाद देखा जाता है. साफ तौर पर कहें तो हार्दिक की तुलना कपिल देव से की जाती है और आज वो टीम इंडिया के एक बहुत ही महत्वपूर्ण खिलाड़ी के तौर पर जाने जाते हैं.